भारत और कनाडा के संबंधों को 2018 में औपचारिक रूप से "रणनीतिक साझेदारी" का दर्जा दिया गया था।
- 2018 के बाद से यह किसी कनाडाई प्रधान मंत्री की पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा थी।
यात्रा के प्रमुख परिणाम
- व्यापार समझौता: 'व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते' (CEPA) के लिए 'विचारार्थ विषयों' (Terms of Reference - ToR) पर हस्ताक्षर किए गए।
- द्विपक्षीय व्यापार: वर्तमान में दोनों देशों के बीच पण्य व्यापार लगभग 8–9 बिलियन अमेरिकी डॉलर वार्षिक है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के आकार को देखते हुए क्षमता से काफी कम है।
- परमाणु ऊर्जा: कनाडा की कंपनी 'कैमेको' (Cameco) के साथ यूरेनियम अयस्क कॉन्सेंट्रेट्स की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक वाणिज्यिक अनुबंध को अंतिम रूप दिया गया।
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) सहयोग: सुरक्षित और लचीली खनिज आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
- दाल प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र: भारत और कनाडा के बीच एक 'संयुक्त दाल प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र' के लिए आशय की घोषणा की गई (कनाडा, भारत को दालों का एक प्रमुख निर्यातक है)।
घोषणाएं
- व्यापार लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
- वैश्विक गठबंधन: कनाडा ने वैश्विक जैव-ईंधन गठबंधन (GBA) और अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन (ISA) में शामिल होने की घोषणा की।
- संसदीय समूह: 'भारत-कनाडा संसदीय मैत्री समूह' का गठन किया जाएगा।
- रक्षा संवाद: 'भारत-कनाडा रक्षा संवाद' की स्थापना की जाएगी।