भारत ने 'पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) पर नागोया प्रोटोकॉल' के कार्यान्वयन पर पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत की | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • भारत ने नागोया प्रोटोकॉल के एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (एबीएस) प्रावधानों के मजबूत कार्यान्वयन का प्रदर्शन किया है, जिसमें 12,830 अनुमोदन जारी किए गए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाणपत्रों में वैश्विक स्तर पर लगभग 60% हिस्सेदारी हासिल की गई है।
  • एबीएस के तहत 216 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई, जिसमें से 139 करोड़ रुपये समुदायों और किसानों को वितरित किए गए, साथ ही महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण भी किया गया, जिसके तहत 2.76 लाख से अधिक बीएमसी स्थापित की गईं और 2.56 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सहयोगात्मक अनुसंधान सहित गैर-मौद्रिक लाभों को 395 एबीएस अनुमोदनों में शामिल किया गया था, जो लाभ साझाकरण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करता है।

In Summary

यह रिपोर्ट 'पहुंच और लाभ साझाकरण' (Access and Benefit Sharing: ABS) प्रावधानों को लागू करने की दिशा में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालती है। साथ ही, यह रिपोर्ट भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (NBSAP) के लक्ष्य-13 में योगदान को भी रेखांकित करती है।

ABS पर नागोया प्रोटोकॉल के बारे में

  • यह प्रोटोकॉल 'जैव विविधता अभिसमय' (CBD) के तहत एक पूरक समझौता है।
    • जैव विविधता अभिसमय वर्ष 1992 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन यानी रियो "पृथ्वी शिखर सम्मेलन" में अपनाया गया एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। यह अभिसमय 1993 में लागू हुआ
  • उद्देश्य: आनुवंशिक संसाधनों से होने वाले लाभों का उचित और न्यायसंगत तरीके से साझाकरण सुनिश्चित करना, जिससे जैव विविधता के संरक्षण और संधारणीय उपयोग में योगदान मिल सके।
  • यह प्रोटोकॉल 2010 में अपनाया गया और 2014 में लागू हुआ।
  • इस प्रोटोकॉल में शामिल हैं: 
    • आनुवंशिक संसाधन (पादप, जानवर, सूक्ष्मजीव)।
    • उपर्युक्त से संबंधित पारंपरिक ज्ञान (TK)।
    • उपर्युक्त के उपयोग (अनुसंधान, वाणिज्यिक उपयोग) से होने वाले लाभ।
  • प्रोटोकॉल के तहत मुख्य दायित्व:
    • पहुंच (Access): जैव संसाधनों तक पहुँच के लिए सेवा-प्रदाता से 'पूर्व सूचित सहमति' (PIC) की आवश्यकता होती है।
    • लाभ साझाकरण (Benefit Sharing): लाभों को 'परस्पर सहमत शर्तों' के आधार पर उचित और न्यायसंगत रूप से साझा किया जाना चाहिए।
    • अनुपालन (Compliance): यह दायित्व सुनिश्चित करता है कि संसाधनों का उपयोग 'पूर्व सूचित सहमति और 'परस्पर सहमत शर्तों' के अनुसार किया जा रहा है।
  • भारत उपर्युक्त प्रावधानों को जैव-विविधता अधिनियम, 2002 के माध्यम से लागू करता है। इसमें निम्नलिखित त्रिस्तरीय संस्थागत संरचना शामिल है:
    • राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA),
    • राज्य जैव विविधता बोर्ड / संघ राज्य क्षेत्र जैव विविधता परिषदें,
    • स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs)

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • कार्यान्वयन के स्तर पर प्रदर्शन: भारत ने 12,830 ABS अनुमोदन जारी किए और 3,556 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाण पत्र' प्रकाशित किए (वैश्विक हिस्सेदारी का लगभग 60%)। ये प्रदर्शन मजबूत कार्यान्वयन को दर्शाते हैं। 
  • लाभ साझाकरण के परिणाम: ₹216.31 करोड़ जुटाए गए, जिसमें से ₹139.69 करोड़ समुदायों, किसानों और जैव-विविधता प्रबंधन समितियों को वितरित किए गए।
  • क्षमता निर्माण: 
    • स्थानीय स्तर पर 2.76 लाख से अधिक जैव-विविधता प्रबंधन समितियां स्थापित की गईं; 
    • 3,724 कार्यक्रमों और 600 से अधिक पहलों के माध्यम से 2.56 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया।
  • गैर-मौद्रिक लाभ: 395 अनुमोदनों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और सहयोगात्मक अनुसंधान जैसे लाभ शामिल हैं।
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Internationally Recognized Compliance Certificate

A document that confirms compliance with the Access and Benefit Sharing provisions of the Nagoya Protocol, facilitating the legal use of genetic resources in signatory countries.

Biodiversity Management Committees (BMCs)

Local-level bodies established under the Biological Diversity Act, 2002, tasked with preserving, conserving, and promoting biological diversity, as well as documenting and securing knowledge, innovations, and practices of local communities related to biodiversity.

State Biodiversity Boards (SBBs) / Union Territory Biodiversity Councils

Bodies at the state and union territory level, established under the Biodiversity Act, 2002, to advise the respective governments and implement the Act within their jurisdictions.

Title is required. Maximum 500 characters.

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