भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) संशोधन विनियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य व्यवसाय सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना है।
- ये संशोधन ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञापन और रजिस्ट्रीकरण) विनियम, 2011’ में किए गए हैं। यह विनियम खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत लागू किया गया है।
- ये संशोधन नीति आयोग द्वारा गठित गैर-वित्तीय विनियामक सुधारों पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं।
सुधारों के प्रमुख प्रावधान
- स्थायी वैधता: FSSAI द्वारा जारी पंजीकरण और लाइसेंस के लिए स्थायी वैधता की व्यवस्था की गई है। इससे बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
- टर्नओवर सीमा में वृद्धि: जिन व्यवसायों का वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है, उन्हें केवल बुनियादी पंजीकरण की आवश्यकता होगी। पहले यह सीमा 12 लाख रुपये थी।
- लाइसेंसिंग व्यवस्था: 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसाय 'राज्य लाइसेंसिंग' के अंतर्गत आएंगे, जबकि इससे अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों को 'केंद्रीय लाइसेंसिंग' की आवश्यकता होगी।
- स्ट्रीट वेंडर्स का विनियमन: जो वेंडर्स 'पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014’ के तहत नगर विक्रय समितियों में पंजीकृत हैं, उन्हें FSSAI के तहत स्वतः पंजीकृत माना जाएगा।
भारत में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा (फ़ूड सेफ्टी) पर विनियमन
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