शोधकर्ताओं ने अब क्वांटम अवस्था की एक सटीक प्रतिलिपि बनाने का तरीका खोज निकाला है।
प्रति-क्लोनिंग प्रमेय के बारे में:
- यह क्वांटम यांत्रिकी का एक मूल सिद्धांत है। यह बताता है कि किसी अज्ञात क्वांटम अवस्था की सटीक प्रतिलिपि बनाना असंभव है।
- यह क्वांटम कंप्यूटरों को क्वांटम जानकारी की सटीक प्रतियां बनाने से रोकता है। इसके विपरीत, क्लासिक कंप्यूटर स्टोरेज सीमाओं के भीतर डेटा की स्वतंत्र रूप से नकल कर सकते हैं।
- यह शोध क्वांटम क्लाउड स्टोरेज जैसी तकनीकों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। ऐसी स्थिति में सर्वर विफल होने पर भी डेटा को फिर से प्राप्त किया जा सकेगा।
यूरोपीय संघ ने PFAS जैसे प्रदूषकों से निपटने के लिए जल प्रदूषण मानदंडों को कड़ा किया है। PFAS को चिरस्थायी रसायन (फॉरएवर केमिकल्स) भी कहा जाता है।
PFAS के बारे में:
- PFAS सिंथेटिक रसायनों का एक बड़ा समूह है। इनकी विशेषता अलग-अलग लंबाई की आंशिक या पूरी तरह से फ्लोरिनेटेड कार्बन श्रृंखलाएं हैं।
- प्रमुख उप-समूहों (PFHxS, PFOA, PFOS) को स्टॉकहोम अभिसमय के तहत औद्योगिक दीर्घस्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
- PFAS पर्यावरण में आसानी से नष्ट नहीं होते हैं।
- स्रोत: पैकेजिंग, घरेलू वस्तुओं आदि में मौजूद होते हैं।
- PFAS के निरंतर संपर्क से जानवरों के शरीर में जैव-संचय (Bioaccumulation) हो सकता है।
- स्वास्थ्य को खतरा: कैंसर होने का खतरा, हार्मोन के कार्यों में व्यवधान, प्रतिरक्षा तंत्र का कमजोर होना, आदि।
प्रोजेक्ट मेवेन नामक AI प्रोग्राम अब ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों का केंद्र बन गया है।
प्रोजेक्ट मेवेन के बारे में:
- उद्देश्य: ड्रोन से प्राप्त अत्यधिक तस्वीरों में पिंडों और पैटर्न की पहचान को स्वचालित करना, जिससे इंसानों द्वारा विश्लेषण का बोझ कम हो।
- इसमें मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विज़न का उपयोग किया जाता है, जिससे वास्तविक समय में लक्षित ऑब्जेक्ट्स, उनकी गतिविधियों और गति की पहचान की जा सके।
अमेरिका-ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच OPEC+ ने तेल उत्पादन कोटा बढ़ा दिया है।
OPEC और OPEC+ संगठन के बारे में:
- 1960 में, पांच देशों—इराक, ईरान, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला ने एक स्थायी अंतर-सरकारी संगठन के रूप में OPEC की स्थापना की थी।
- इसका उद्देश्य सदस्य देशों की पेट्रोलियम नीतियों को समन्वित करना और तेल के बाजार मूल्य में स्थिरीकरण को सुनिश्चित करना है।
- OPEC के अन्य सदस्यों में शामिल हैं: अल्जीरिया, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, गैबॉन, लीबिया, नाइजीरिया और संयुक्त अरब अमीरात।
- 2016 में, OPEC 10 अन्य तेल उत्पादकों को शामिल करने के बाद OPEC+ बना।
- OPEC देशों के अलावा इसमें रूस, अजरबैजान, बहरीन, ब्रुनेई, कजाकिस्तान, मैक्सिको, मलेशिया, ओमान, दक्षिण सूडान और सूडान शामिल हैं।
- OPEC+ देश विश्व में लगभग 60% तेल की आपूर्ति करते हैं।
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत युवा संगम ने विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच विचार विनिमय और सांस्कृतिक एकीकरण को बढ़ावा दिया।
- युवा संगम 5 विषयगत (थीमेटिक) स्तंभों पर आधारित है— पर्यटन (पर्यटन एवं धरोहर), परंपरा (संस्कृति एवं परंपराएँ), प्रगति (विकास एवं शासन), परस्पर संपर्क (जन-से-जन संपर्क) तथा प्रौद्योगिकी (तकनीक एवं नवाचार)।
एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के बारे में:
- इसे 2015 में राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रारंभ किया गया था। इसका उद्देश्य राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और भाषाई संबंधों को मजबूत करके राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
- उद्देश्य: साझा सांस्कृतिक अनुभवों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के बीच आपसी समझ और संपर्क को बढ़ाना।
- कार्यप्रणाली: भाषा, संस्कृति, पर्यटन, व्यंजन, खेल और सर्वोत्तम प्रणालियों के बीच निरंतर संपर्क के लिए राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का युग्म बनाया जाता है।
- दृष्टिकोण: यह पहल 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण का पालन करती है जिसमें कई मंत्रालय, संस्थान और समुदाय शामिल होते हैं।
Article Sources
1 sourceइसरो ने गगनयान चालक दल की मानसिक, शारीरिक और परिचालन क्षमताओं का परीक्षण करने के लिए मिशन मित्रा लॉन्च किया।
मिशन मित्रा (MITRA) के बारे में:
- मित्रा/MITRA से आशय है—मैपिंग ऑफ इंटर-ऑपेरेबल ट्रेट्स एंड रिस्पांस असेसमेंट।
- यह मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों के लिए इसरो द्वारा किया गया व्यवहार संबंधी एक अध्ययन है। इसे भारतीय वायु सेना (IAF) के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (IAM) के साथ साझेदारी में आयोजित किया गया है।
- उद्देश्य: तनाव के तहत गगनयान चालक दल के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और परिचालन प्रदर्शन का आकलन करना।
- इसे लेह, लद्दाख में आयोजित किया गया था। वहां हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी), कम तापमान और आइसोलेशन जैसी चरम स्थितियों का अनुकरण किया गया।
मौजूदा ईरान युद्ध से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति और मूल्य-वृद्धि 'स्टैगफ्लेशन' (मुद्रास्फीति-जनित मंदी) का कारण बन सकती है।
स्टैगफ्लेशन के बारे में:
- यह एक ऐसी आर्थिक स्थिति है जिसमें धीमी आर्थिक वृद्धि, मंदी या उच्च बेरोजगारी के साथ-साथ बढ़ती कीमतें (मुद्रास्फीति) एक साथ बनी रहती हैं।
- केंद्रीय बैंकों के लिए मौद्रिक नीति के माध्यम से इसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण होता है।
- उदाहरण के लिए, यदि केंद्रीय बैंक उच्च मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो स्टैगफ्लेशन से बेरोजगारी और अधिक बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
- मुद्रास्फीति के अन्य प्रकार:
- स्क्यूफ्लेशन: अलग-अलग क्षेत्रकों में असमान मुद्रास्फीति, जहां कुछ वस्तुओं या सेवाओं की कीमतें दूसरों की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ती हैं।
- हाइपरइन्फ्लेशन/अति-मुद्रास्फीति: अत्यधिक उच्च और तीव्र मुद्रास्फीति, जो अक्सर प्रति माह 50% से अधिक हो जाती है।
- क्रीपिंग इन्फ्लेशन/रेंगती मुद्रास्फीति: यह तब होती है जब समय के साथ कीमतें धीरे-धीरे बढ़ती हैं।
- गैलोपिंग इन्फ्लेशन: यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ती है और कीमतें एक वर्ष में 20% या उससे अधिक बढ़ जाती हैं।