बढ़ती ईंधन-लागत की वजह से प्रवासी कामगारों पर दबाव बढ़ने से रिवर्स माइग्रेशन का खतरा बढ़ा | Current Affairs | Vision IAS

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उद्योग संघों ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न समस्याओं के कारण MSMEs पर बढ़ते दबाव और प्रवासी कामगारों के संभावित पलायन को लेकर चेतावनी दी है।

भारत में प्रवासी कामगार

  • अंतरराज्यीय प्रवासी कामगारों की कुल संख्या: जनगणना 2011 के अनुसार 4.14 करोड़। 
  • प्रवासन दर: प्रवासन रिपोर्ट 2020-21 के अनुसार 28.9%, जिसमें 26.5% ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। 

प्रवासी कामगारों की समस्याएं

  • अनौपचारिक क्षेत्र में अधिकांश लोग कार्यरत: लगभग 90% कामगार असंगठित क्षेत्र में कार्य करते हैं। इस वजह से इन्हें कम पारिश्रमिक, अनियमित पारिश्रमिक भुगतान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं का विकट रूप कोविड-19 महामारी के दौरान देखने को मिला था।
  • वहनीय आवास की कमी: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार प्रवासी कामगार शहरों में आवास की आवश्यकता वाला सबसे बड़ा समूह है।
  • कल्याण योजनाओं से वंचित होने का जोखिम: जैसे कि बैंक खाते आधार नंबर से नहीं जुड़े होने की वजह से प्रवासी कामगारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ नहीं मिल पाता है।
  • अन्य समस्याएं: स्वास्थ्य-देखभाल सुविधाओं की कमी और शिक्षा प्राप्ति में समस्या, भेदभाव, राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी, आदि।

आगे की राह

  • प्रवासी कामगारों को तत्काल खाद्य सहायता उपलब्ध कराना: जैसे MSME क्लस्टरों में सामुदायिक रसोई और अस्थायी कैंटीन संचालित करने की आवश्यकता है।
  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के तहत सब्सिडी वितरण: समस्या का सामना कर रहे प्रवासी समूह को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बेहतर तरीके से लक्षित करने की आवश्यकता है।
  • अलग-अलग मंत्रालयों के बीच समन्वय हेतु एक प्रणाली की स्थापना: इस प्रणाली में उद्योग जगत की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि वास्तविक समय में निगरानी हो सके और नीतिगत फैसले जल्दी लिए जा सकें।
  • कम ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराना: इससे प्रवासी कामगारों को रोजगार देने वाले उद्यमों पर वित्तीय दबाव कम होगा।

प्रमुख सरकारी पहलें

  • ई-श्रम पोर्टल: 2021 में शुरू, असंगठित क्षेत्रक में कार्यरत श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए।
  • वन नेशन वन राशन कार्ड: आंतरिक प्रवासियों सहित सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु।
  • प्रवासी कामगारों/शहरी गरीबों के लिए किफायती किराया आवास परिसर (ARHCs): यह प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी की उप-योजना है। यह योजना शहरी प्रवासियों/गरीबों के लिए किफायती किराये के आवास की सुविधा प्रदान करती है।
  • कल्याणकारी योजनाएं: पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आदि।
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प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM)

A pension scheme for the unorganized sector workers, providing a monthly pension of Rs. 3,000 after the age of 60 years. It requires a monthly contribution from the beneficiary and an equal contribution from the Central Government.

वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card)

A reform in the PDS that allows beneficiaries to procure their entitled food grains from any Fair Price Shop (FPS) across the country, regardless of their permanent residence. This is particularly beneficial for internal migrants.

ई-श्रम पोर्टल (e-Shram Portal)

यह भारत सरकार द्वारा असंगठित श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए लॉन्च किया गया एक वेब पोर्टल है, जिससे उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।

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