‘खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन योजना (PLISFPI)’ में शामिल उत्पादों की बिक्री में 10.58% की वृद्धि दर्ज की गई | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

यह डेटा केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) की रिपोर्ट पर आधारित है। MoFPI ने ‘खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन-से संबद्ध प्रोत्साहन योजना (PLISFPI) वर्ष 2021-22 में शुरू की थी। रिपोर्ट के अनुसार इस योजना ने शानदार प्रदर्शन किया है।

PLISFPI के बारे में

  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना 
  • क्रियान्वयन मंत्रालय: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) 
  • कुल परिव्यय: 10,900 करोड़ रुपये
  • योजना अवधि: 6 वर्ष (2021-22 से 2026-27)
  • उद्देश्य: 
    • वैश्विक खाद्य विनिर्माण चैंपियन बनाना, 
    • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खाद्य-पदार्थ ब्रांडों को बढ़ावा देना, 
    • गैर-कृषि क्षेत्रक में रोजगार के अवसर सृजित करना, 
    • किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य दिलाना और उनके लिए उच्च आय सुनिश्चित करना।

भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रक के बारे में

  • इसमें विभिन्न भौतिक, रासायनिक और यांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से कच्चे कृषि उत्पादों को उपभोग योग्य खाद्य पदार्थों में परिवर्तित करना शामिल है।
  • यह क्षेत्रक खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ (उपयोग अवधि), संरक्षा (सेफ्टी) और गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे बढ़ती वैश्विक आबादी की मांगों को पूरा करने में मदद मिलती है।
  • उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASI) रिपोर्ट के अनुसार:
    • खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रक में सकल मूल्य वर्धित (GVA) 1.61 लाख करोड़ रुपये (2015-16) से बढ़कर 1.92 लाख करोड़ रुपये (2022-23) हो गया।
    • इस क्षेत्रक ने विगत 8 वर्षों में लगभग 5.35% की औसत वार्षिक संवृद्धि दर (AAGR) प्राप्त की है।
    • इस क्षेत्रक में नियोजित लोगों की संख्या 17.73 लाख (2014-15) से बढ़कर 20.68 लाख (2021-22) हो गई।
  • खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रक को बढ़ावा देने हेतु अन्य प्रमुख सरकारी पहलें: 
    • पीएम किसान संपदा योजना (PMKSY), 
    • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), 
    • मेगा फूड पार्क्स योजना, आदि।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME)

Pradhan Mantri Micro Food Processing Enterprises (PMFME) Scheme is a centrally sponsored scheme that aims to enhance the competitiveness of micro food processing enterprises, promote the unorganized food processing sector, and support entrepreneurship, especially in rural areas.

पीएम किसान संपदा योजना (PMKSY)

Pradhan Mantri Kisan Sampada Yojana (PMKSY) is an umbrella scheme of the Ministry of Food Processing Industries (MoFPI) aimed at modernizing food processing infrastructure, reducing post-harvest losses, and promoting food processing units in the country.

औसत वार्षिक संवृद्धि दर (AAGR)

Average Annual Growth Rate (AAGR) represents the average yearly increase in a sector's value or output over a period. The article mentions the AAGR of the food processing sector, indicating its consistent growth.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet