AI-आधारित इस सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन केंद्र का विकास टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाना है।
- फैब्रिकेशन एक "फ्रंट-एंड" प्रक्रिया है जहां सिलिकॉन वेफर्स पर इंटीग्रेटेड सर्किट बनाए जाते हैं।
महत्व
- रणनीतिक आत्मनिर्भरता: यह केंद्र चिप के आयात पर निर्भरता को कम करेगा। इससे रक्षा, दूरसंचार और ऑटोमोटिव क्षेत्रकों में भारत को हर समय चिप की आपूर्ति होती रहेगी।
- कौशल आधारित रोजगार का सृजन: इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और IT/ITES सेवाओं में लगभग 21,000 रोजगार के अवसर उत्पन्न होने का अनुमान है।
- प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उन्नति: यह केंद्र "असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग" (ATMP) से "फैब्रिकेशन" की ओर कदम बढ़ाकर भारत को एंड-टू-एंड चिप बनाने की क्षमता वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल करता है।
- पूर्व की पहलें: गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की ATMP (असेंबली, टेस्ट, मार्किंग और पैकेजिंग) सुविधा और आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (OSAT) इकाइयां शुरू की गईं।
लक्ष्य
- केंद्र सरकार का लक्ष्य विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) के माध्यम से एक सुदृढ़ सेमीकंडक्टर प्रणाली स्थापित करना और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
SEZ मॉडल आधारित विकास ढांचा:
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