AIGEG का गठन केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने किया है। इसके माध्यम से भारत के AI गवर्नेंस दिशानिर्देशों और आर्थिक समीक्षा में की गई सिफारिशों को औपचारिक रूप दिया गया है।
- दिशानिर्देशों ने AI गवर्नेंस के लिए "संपूर्ण-सरकार" (whole-of-government) दृष्टिकोण पर जोर दिया है।
- आर्थिक समीक्षा ने भारत के विशिष्ट श्रम बाजार की वास्तविकताओं और सामाजिक स्थिरता के अनुरूप AI के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय प्राधिकरण की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
AI गवर्नेंस और आर्थिक समूह (AIGEG) के बारे में
- यह एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी निकाय है। यह AI गवर्नेंस पर नीति निर्माण और विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय के लिए भारत का केंद्रीय संस्थागत तंत्र होगा।
- संरचना (10-सदस्यीय निकाय):
- अध्यक्ष: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री
- उपाध्यक्ष: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री
- अन्य सदस्य: नीति निर्माण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और आर्थिक मामलों से जुड़े हितधारक। उदाहरण के लिए: प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA), नीति आयोग के CEO, आदि।
- विशेषज्ञ सहायता: एक प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञ समिति (TPEC) द्वारा, जो वैश्विक रुझानों, नए खतरों और विनियामक कमियों पर तकनीकी सलाह देगी।
भारत की AI गवर्नेंस रणनीति
- नीति आयोग की 'राष्ट्रीय AI रणनीति (2018)': ‘सभी के लिए AI’ दृष्टिकोण, समावेशी विकास और इंडियाAI मिशन जैसी पहलों के माध्यम से AI प्रणाली के लोकतंत्रीकरण पर जोर देती है।
- सात सिद्धांत या सूत्र: विश्वास, जन-केंद्रितता, जिम्मेदार नवाचार, समानता, जवाबदेही, समझदारी, और सुरक्षा, लचीलापन एवं संधारणीयता।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के साथ एकीकरण, तथा AI गवर्नेंस समूह जैसे संस्थागत ढांचे का निर्माण।
