लॉजिस्टिक सहायता का पारस्परिक विनिमय (RELOS) समझौता | Current Affairs | Vision IAS

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हाल ही में, भारत और रूस के बीच हस्ताक्षरित RELOS समझौता लागू हो गया। 

RELOS के बारे में 

  • उद्देश्य: यह सैन्य अड्डों, बंदरगाहों और हवाई सुविधाओं के पारस्परिक उपयोग की अनुमति देता है। इसमें भारत के लिए आर्कटिक तक पहुंच भी शामिल है। 
  • दायरा: इसमें लॉजिस्टिक्स सहायता, संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और मानवीय मिशन शामिल हैं। 
  • उपयोग के प्रावधान: इसमें 5 वर्षों के लिए एक-दूसरे के क्षेत्र में 3,000 सैनिकों, 5 युद्धपोतों और 10 विमानों की तैनाती का प्रावधान है।
  • महत्व: यह वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच रक्षा सहयोग और समन्वय को मजबूत करता है। साथ ही, यह रूसी मूल के हथियारों  के लिए निरंतर समर्थन भी सुनिश्चित करता है। 

भारत ने श्रीलंका में OCI कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ा दिया है।

OCI योजना के बारे में  

  • प्रारंभ: नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करके 2005 में शुरू किया गया।
  • पात्रता:
    • वे जो भारत के नागरिक बनने के पात्र हैं या भारतीय नागरिकों/ अन्य OCI कार्डधारकों के पति-पत्नी हैं। इसमें भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) भी शामिल हैं, जिनका OCI में विलय कर दिया गया है। 
    • अपवाद (पात्र नहीं):
      • कोई भी व्यक्ति जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तान, बांग्लादेश या सरकार द्वारा निर्दिष्ट अन्य देश के नागरिक रहे हों। 
      • विदेशी सैन्य या पुलिसकर्मी (सेवारत या सेवानिवृत्त)।
  • OCI कार्डधारकों के लिए लाभ: 
    • भारत आने के लिए आजीवन बहु-प्रवेश वीजा।
    • कृषि या बागवानी भूमि के अधिग्रहण को छोड़कर कुछ वित्तीय, आर्थिक और शैक्षिक मामलों में NRI के समान अधिकार।
    • अनुसंधान गतिविधियों जैसी कुछ गतिविधियों के लिए पूर्व विशेष-अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। 

एक नए शोध ने पुष्टि की है कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) मच्छर वास्तविक दुनिया के संक्रमणों से मलेरिया परजीवियों को निष्क्रिय कर सकते हैं। 

GM मच्छरों के बारे में

  • परिभाषा: ये ऐसे मच्छर हैं, जिनके DNA में जीन ड्राइव तकनीक का उपयोग करके कृत्रिम बदलाव किया गया होता है। इसका उद्देश्य उन विशिष्ट लक्षणों को बदलना है, जो या तो मच्छरों की आबादी को कम करते हैं या रोग संचरण को रोकते हैं। 
  • जीन ड्राइव तकनीक: CRISPR-Cas9 जैसे जीन-एडिटिंग उपकरणों का उपयोग करके, संशोधित जीन को लगभग 90% संततियों में प्रवेश कराया जाता है।

लद्दाख में सिंधु नदी के तट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला रखी गई। 

  • इस उद्यान का उद्देश्य सदियों पुरानी चट्टानों की नक्काशी (पेट्रोग्लिफ्स) के लिए एक विशिष्ट संरक्षण स्थल के रूप में कार्य करना है। ये नक्काशी अनियंत्रित पर्यटन, बुनियादी ढांचे के अधिक विकास और जागरूकता की कमी के कारण खतरे में हैं। 

पेट्रोग्लिफ्स के बारे में

  • पेट्रोग्लिफ्स प्रागैतिहासिक चित्र, प्रतीक या नक्काशी हैं। इन्हें सीधे शैलों की सतहों पर उकेरा जाता है। 
  • ये "मुक्त आकाश संग्रहालय" और "पत्थर पर खुदी हुई सभ्यताएं" हैं। ये पुरापाषाण काल से लेकर बाद के ऐतिहासिक काल तक के मानव इतिहास का निरंतर अभिलेख प्रस्तुत करते हैं। 
  • ये नक्काशी प्राचीन व्यापार मार्गों, प्रवासन पैटर्न और मान्यताओं को दर्शाती हैं। साथ ही, ये पारिस्थितिक इतिहास का भी वर्णन करती हैं।
  • भारत में प्रमुख पेट्रोग्लिफ्स: भीमबेटका (मध्य प्रदेश), रत्नागिरी (महाराष्ट्र), गाविलगढ़ पहाड़ियाँ (ओडिशा), आदि।

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने ‘विश्व सूत्र –विश्व के लिए भारत के बुनकर’ नामक एक पहल शुरू की है। 

विश्व सूत्र के बारे में

  • यह पहल राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा शुरू की गई है। 
  • उद्देश्य: भारतीय हथकरघा को समकालीन वैश्विक डिजाइन ढांचे में प्रस्तुत करना। 
  • इसके तहत देश भर से 30 अलग-अलग हथकरघा बुनाइयों को एक साथ लाया गया है। इनमें से प्रत्येक बुनाई एक अलग राज्य का प्रतिनिधित्व करती है।
    • इन बुनाइयों को 30 देशों से ली गई डिजाइन प्रेरणाओं के साथ रचनात्मक रूप से पुनर्व्याख्यायित किया गया है। ये विविध सांस्कृतिक तत्वों, सिल्हूट और डिजाइन संवेदनाओं को दर्शाती हैं।
    • उदाहरण: ग्रीक रूपों के साथ ओडिशा इकत, नॉर्वेजियन रेखाओं के साथ कांचीपुरम, मिस्र के तत्वों के साथ मूंगा, स्पेनिश प्रभावों के साथ पटोला और (UAE) से प्रेरित पहनावे के साथ बनारसी।

हाल ही में, भारत के विदेश मंत्री ने ‘एशिया जीरो एमिशन कम्युनिटी (AZEC) प्लस ‘में भाग लिया। 

AZEC (2023) के बारे में 

  • यह एक क्षेत्रीय मंच है, जो देश-विशिष्ट उपायों के माध्यम से एशिया में कार्बन तटस्थता प्राप्त करने के लिए सहयोग को बढ़ावा देता है। साथ ही, यह आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। 
  • सदस्य: ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, जापान, लाओस (PDR), मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम।
  • भारत AZEC का भागीदार देश है। 

समुद्र मंथन मिशन गहरे जल में अन्वेषण और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देगा।

समुद्र मंथन मिशन के बारे में 

  • शुरुआत: इसकी घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा 2025 में भारत के नेशनल डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन के रूप में की गई थी। 
    • इसे मिशन मोड में लागू किया जाएगा। 
  • उद्देश्य: इसका लक्ष्य तेल और गैस भंडार का पता लगाना है। 
  • महत्व: यह वैज्ञानिक अनुसंधान, अंडरवाटर इंजीनियरिंग और तकनीकी नवाचारों, आदि को बढ़ावा देता है। 

भारत में निजी क्षेत्र की पहली स्वर्ण खनन परियोजना आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले (जोन्नागिरी खदान) में शुरू होने वाली है।

स्वर्ण के बारे में 

  • स्वर्ण एक नरम, लचीली और संक्षारण प्रतिरोधी धातु है। यह धातु प्राकृतिक रूप में (नगेट्स, दरारों की सुनहरी नसों, जलोढ़ निक्षेपों) पाई जाती है। 
  • यह साइनाइड (खनन में प्रयुक्त) में घुल जाता है और पारे के साथ अमलगम बनाता है। 
  • निक्षेप और वितरण:
    • भारत: 518.23 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क (2020 तक)।
      • शीर्ष राज्य (निक्षेप): बिहार (43%), राजस्थान (लगभग 25%) और कर्नाटक (लगभग 20%)।
      • उत्पादन में अग्रणी: कर्नाटक (लगभग 97%); मुख्य खदान हट्टी स्वर्ण खान है।
      • प्लेसर निक्षेप: केरल। 
    • विश्व:
      • शीर्ष उत्पादक: चीन (10%), रूस, ऑस्ट्रेलिया।
      • शीर्ष आयातक: स्विट्जरलैंड, चीन, ब्रिटेन।
      • शीर्ष निर्यातक: स्विट्जरलैंड, UAE, ब्रिटेन।

केंद्र सरकार ने किसानों द्वारा संकट में कम मूल्य पर बिक्री को रोकने के लिए MIS के तहत आलू की खरीद को मंजूरी दी है। 

बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के बारे में

  • परिचय: यह पीएम-आशा का घटक है। यह योजना जल्दी खराब होने वाली फसलों; जैसे टमाटर, प्याज और आलू के लिए है। इन फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य/मूल्य स्थिरीकरण योजना के तहत कवर नहीं किया जाता।  
    • मूल रूप से MIS 1983 में शुरू की गई थी। बाद में, 2024 में इसे PM-AASHA में शामिल कर लिया गया।
  • कार्यान्वयन: राज्यों के अनुरोध पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। 
  • उद्देश्य: बंपर उत्पादन और कीमतों में गिरावट के दौरान कम-कीमत पर बिक्री को रोकना। 
  • शर्तें: यह योजना तब लागू की जाती है जब उत्पादन में 10% या उससे अधिक की वृद्धि होती है या फिर जब कीमतें पिछले सामान्य स्तर से 10% या उससे अधिक गिर जाती हैं। 
  • हानि का साझाकरण: केंद्र और राज्य 50:50 अनुपात में; पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 75:25 है।

सरकार ने जहाजों से वस्तुओं की आवाजाही को सुरक्षित करने के लिए ₹12,980 करोड़ के भारत समुद्री बीमा पूल (Bharat Maritime Insurance Pool) को मंजूरी दी है। यह मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 के अनुरूप है। 

‘भारत समुद्री बीमा पूल’ के बारे में 

  • उद्देश्य: युद्ध या संघर्ष के समय विदेशी बीमा कंपनियों के हटने पर भी किफायती और निरंतर बीमा सुविधा सुनिश्चित करना। 
  • कवरेज: हल (Hull), मशीनरी, कार्गो, संरक्षण और क्षतिपूर्ति (P&I) और युद्ध सहित सभी समुद्री जोखिम। 
  • महत्व: यह व्यापार सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है। 
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भू-राजनीतिक तनाव

विभिन्न देशों या भू-राजनीतिक सत्ताओं के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य शक्ति से संबंधित तनाव, जो अक्सर अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, व्यापार और स्थिरता को प्रभावित करते हैं।

आर्कटिक

The Arctic is the region around the Earth's North Pole, characterized by the Arctic Ocean and surrounding landmasses. It is of strategic importance due to its resources, shipping routes, and geopolitical implications, and India's access to it via the RELOS agreement signifies growing interests in the region.

RELOS

RELOS (Reciprocal Logistics Support) is an agreement between India and Russia that allows for the mutual use of military bases, ports, and air facilities. It aims to enhance defense cooperation, including logistics support, joint exercises, and training missions, and also provides India with access to the Arctic.

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