विश्व "चक्रीय अर्थव्यवस्था" (Circular Economy) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है | Current Affairs | Vision IAS

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  • चक्रीय अर्थव्यवस्था: मूल्य की पुनर्प्राप्ति के माध्यम से संसाधन प्रवाह को बनाए रखने का एक व्यवस्थित दृष्टिकोण, जो रैखिक लेने-बनाने-उपभोग करने-फेंकने के मॉडल के विपरीत है।
  • भारत में संभावनाएं: 2050 तक 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का बाजार मूल्य उत्पन्न कर सकता है और 10 मिलियन नौकरियां सृजित कर सकता है।
  • प्रमुख उपाय: इनमें राष्ट्रीय संसाधन दक्षता नीति, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व, स्वच्छ भारत मिशन और इस्पात स्क्रैप पुनर्चक्रण जैसी क्षेत्र-स्तरीय नीतियां शामिल हैं।

In Summary

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने उदाहरण दिया कि सरकार ने स्वच्छता अभियान के दौरान स्क्रैप (ई-अपशिष्ट सहित) से 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।

  • उन्होंने यह भी बताया कि अब आर्थिक सोच बदल रही है, जहां अपशिष्ट को फेंकने के बजाय उसे आर्थिक संसाधन के रूप में देखा जा रहा है।

चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) के बारे में

  • अर्थ: अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) के अनुसार, यह एक ऐसी आर्थिक व्यवस्था है जिसमें संसाधनों का बार-बार उपयोग किया जाता है—उन्हें रिकवर (वापस लाना)दोबारा  इस्तेमाल करना और उनका मूल्य बढ़ाना—ताकि संधारणीय विकास हो सके।  
    • यह पारंपरिक 'रैखिक आर्थिक मॉडल"लो-बनाओ-उपयोग करो-फेंक दो" (take–make–use–throw) के विपरीत है, जहां संसाधनों का एक बार उपयोग करके उन्हें फेंक दिया जाता है। 
  • भारत में संभावनाएं: यह वर्ष 2050 तक 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का बाजार मूल्य और लगभग 10 मिलियन (1 करोड़) रोजगार के अवसर सृजित कर सकता है।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था के मुख्य लाभ: 
    • अपशिष्ट में कमी होना,
    • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होना,
    • कच्चे माल पर निर्भरता कम होना
    • रोजगार के अवसर बढ़ना। 

भारत में चक्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में उठाए गए प्रमुख कदम

  • नीतिगत कदमराष्ट्रीय संसाधन दक्षता नीति (NREP), 2019 बनाई गई है; विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) का ढांचा जारी की गई है, आदि।
  • सक्षम योजनाएं: स्वच्छ भारत मिशन (भारत को अपशिष्ट मुक्त देश बनाना); अटल नवाचार मिशन (चक्रीय व्यवसाय मॉडल के विकास का समर्थन करना), आदि।
  • अनुसंधान और विकास: नीति आयोग में 'चक्रीय अर्थव्यवस्था प्रभाग' बनाया गया है। इसके तहत टायर, ई-अपशिष्ट, स्क्रैप धातु आदि पर विशेष कार्य समूह बनाए गए हैं।
  • क्षेत्रक-स्तरीय नीतियां: इस्पात स्क्रैप पुनर्चक्रण नीति; चक्रीय अर्थव्यवस्था में निवेश और संवर्धन MSE-योजना (MSE-SPICE); इकोमार्क नियम, आदि।
  • विश्व में नेतृत्वकारी प्रयास: 
    • 12वें ‘एशिया और प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय 3R और चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (2025) में जयपुर घोषणापत्र जारी की गई; 
    • मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), आदि।
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मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवनशैली)

यह मिशन व्यक्तियों को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है, जिससे संसाधनों की बचत होती है और चक्रीय अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन मिलता है।

अटल नवाचार मिशन

नीति आयोग का एक फ्लैगशिप कार्यक्रम जिसका उद्देश्य भारत में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके तहत चक्रीय व्यवसाय मॉडल के विकास का भी समर्थन किया जाता है।

स्वच्छ भारत मिशन

यह भारत सरकार द्वारा 2014 में शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सड़कों, घरों, संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा मुक्त बनाना है।

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