वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CSIR-NEERI) के एक हालिया अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि भारत के दशकों पुराने कचरे के ढेर (डंपसाइट्स) माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण के प्रमुख स्रोत के रूप में उभर रहे हैं।
- माइक्रोप्लास्टिक: ये छोटे सिंथेटिक प्लास्टिक कण होते हैं। इनका आकार 5 मिलीमीटर से कम होता है। ये बड़े प्लास्टिक के टूटने से बनते हैं या औद्योगिक उपयोग के लिए सीधे उत्पादित किए जाते हैं।
- प्रकार:
- प्राथमिक माइक्रोप्लास्टिक: ये छोटे आकार में कृत्रिम रूप से बनाए गए प्लास्टिक होते हैं (जैसे माइक्रोबीड्स, औद्योगिक पेलेट्स)।
- द्वितीयक (Secondary): ये बड़े प्लास्टिक अपशिष्ट के टूटने से बनते हैं। ये सूर्य की रोशनी, गर्मी और घर्षण के कारण धीरे-धीरे छोटे कणों में बदल जाते हैं।
CSIR अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष:
- प्रसार: लैंडफिल से निकलने वाला लीचेट (रिसाव) और मौसमी पवनें माइक्रोप्लास्टिक को भूजल, कृषि भूमि (मृदा), शहरी क्षेत्रों और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुँचा देती हैं।
- ये छोटे लेकिन विषाक्त कण स्थानीय कृषि, पेयजल, खाद्य श्रृंखला और मानव स्वास्थ्य के लिए प्रत्यक्ष जोखिम उत्पन्न करते हैं।
- मुख्य उत्तरदायी कारक: पॉलीएथिलीन और पॉलिप्रोपिलीन सबसे अधिक प्राप्त होने वाले प्लास्टिक हैं। ये मृदा और खाद (कम्पोस्ट) को प्रदूषित कर देते हैं, जिससे खाद्य उत्पादन प्रभावित होता है।
- नीतियों में कमियां: स्वच्छ भारत मिशन जैसी वर्तमान पहलों में लैंडफिल के प्रबंधन के दौरान माइक्रोप्लास्टिक के उत्सर्जन पर निगरानी के लिए विशेष तंत्र की कमी है।
- शासन के स्तर पर कमी: भारत के लिए विशेष रूप से मानकीकृत निगरानी ढांचे की कमी के कारण प्रभावी विनियमन और साक्ष्य-आधारित अपशिष्ट प्रबंधन में बाधा उत्पन्न होती है।
भारत में लैंडफिल प्रबंधन की चुनौतियां
- अपशिष्ट प्रबंधन की कमी: नगर निकायों की वित्तीय स्थिति कमजोर है और उनके पास आधुनिक तकनीकों की भी कमी है। इन वजहों से अपशिष्टों को अलग-अलग नहीं किया जाता है और लैंडफिल प्रबंधन के लिए पर्याप्त अवसंरचना विकसित नहीं हो पाती है। जाहिर है इससे वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन में समस्या उत्पन्न होती है।
- शहरी संधारणीयता की चुनौती: तीव्र शहरीकरण और बढ़ता नगरपालिका अपशिष्ट (लगभग 1.62 लाख टन प्रतिदिन) वर्तमान लैंडफिल क्षमता पर भारी दबाव डाल रहा है।
भारत में पुराने लैंडफिल से निपटने के लिए पहलें
|