बायोमिमिकरी प्रकृति के सिद्धांतों से सीख लेकर केवल उनकी नकल करने के बजाय नवाचार (इनोवेशन) को बढ़ावा देने का एक प्रभावी ढांचा प्रदान करती है।
बायोमिमिकरी के बारे में:
- यह प्रकृति की संरचनाओं, प्रक्रियाओं और प्रणालियों से सीखने तथा उनका अनुकरण करके इंसान की समस्याओं का समाधान करने और सतत नवाचारों का विकास करने की प्रक्रिया है।
- प्रमुख उपयोग:
- परिवहन और इंजीनियरिंग में: जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों के लिए किंगफिशर पक्षी की चोंच के डिजाइन को अपनाया गया, जिससे सुरंग से गुजरते समय शोर में कमी आई और गति में भी सुधार हुआ।
- वास्तुकला और ऊर्जा: ज़िम्बाब्वे के ईस्टगेट सेंटर ने दीमक की बांबियों की नकल करके प्राकृतिक शीतलन और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की पद्धति अपनाई।
- पदार्थ विज्ञान: कमल के पत्तों से प्रेरित होकर सेल्फ-क्लीनिंग और जल-विकर्षक (वाटर-रिपेलेंट) पेंट और कपड़े विकसित किए गए।
भारत-यूनाइटेड किंगडम 'क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी' (GSCO) को औपचारिक रूप से प्रारंभ किया गया।
- इसकी घोषणा 2025 में भारत और यूनाइटेड किंगडम के प्रधान-मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान की गई थी। मार्च 2026 में हस्ताक्षरित एक अनुसंधान सहयोग समझौते के माध्यम से इसे औपचारिक रूप दिया गया।
क्रिटिकल मिनरल्स GSCO के बारे में:
- यह TEXMiN (TTRP, DST), IIT (ISM) धनबाद और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की एक संयुक्त पहल है।
- उद्देश्य: विश्व की अति-महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं की निगरानी और विश्लेषण करने के लिए एक डेटा-संचालित मंच तैयार करना।
- महत्व: आपूर्ति संबंधी जोखिमों और व्यवधानों की पहचान करना; बाजार की खुफिया जानकारी एकत्र करना; तथ्यों पर आधारित निर्णय लेने में मदद करना; और 'राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन' (NCMM) के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता करना।
Article Sources
1 sourceभारत के प्रधान मंत्री ने नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने 'ग्लोबल साउथ' के भीतर सहयोग पर जोर देते हुए द्विपक्षीय संबंधों के पूरे परिदृश्य की समीक्षा की।
भारत-वेनेजुएला संबंधों के बारे में:
- द्विपक्षीय व्यापार: 678.94 मिलियन डॉलर (वित्तीय वर्ष 2025-26), जिसमें भारत का निर्यात 210 मिलियन डॉलर का रहा।
- भारत से निर्यात: खनिज ईंधन और तेल, फार्मास्यूटिकल्स, कपास, तथा परमाणु रिएक्टर/मशीनरी।
- भारत में आयात: कच्चा तेल, खनिज मोम, लोहा व इस्पात, एल्युमिनियम, सब्जियां, तांबा, सीसा और जस्ता।
- ऊर्जा साझेदारी: वेनेजुएला के पास विश्व के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं, और यह मई 2026 में भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
- सांस्कृतिक और आम लोगों के बीच संबंध: सत्य साईं संगठन, ब्रह्माकुमारीज और राधा स्वामी सत्संग जैसे कई आध्यात्मिक संगठनों ने वेनेजुएला में अपने केंद्र स्थापित किए हैं।
Article Sources
1 sourceभारतीय डीप-टेक साइबर सुरक्षा कंपनी फोर्टी टू लैब्स द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित 'क्वांटम-सेफ एल्गोरिदम' को भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद (DSCI) से भारत की पहली C-SAFE मान्यता प्राप्त हुई है।
- C-SAFE (क्रिप्टोग्राफिक सिक्योरिटी असेसमेंट एंड फंक्शनल इवेल्यूशन): यह भारत का पहला स्वतंत्र क्रिप्टोग्राफिक मूल्यांकन कार्यक्रम है, जिसे DSCI द्वारा बनाया गया है।
- DSCI: यह नैसकॉम द्वारा स्थापित एक निजी और गैर-लाभकारी उद्योग निकाय है।
क्वांटम सेफ एल्गोरिदम के बारे में:
- इसे पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के रूप में भी जाना जाता है। यह एक क्रिप्टोग्राफिक पद्धति है जिसे भविष्य के क्वांटम कंप्यूटरों द्वारा किए जाने वाले साइबर हमलों का सामना करने के लिए विकसित की गई है।
- ये एल्गोरिदम जटिल गणितीय समस्याओं पर निर्भर होकर डिजिटल डेटा की सुरक्षा करते हैं, जिन्हें हल करना क्लासिकल और क्वांटम मशीनों, दोनों के लिए मुश्किल बना रहता है।
- क्रिप्टोग्राफिक संप्रभुता: यह अति-महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए विदेशी-डिजाइन वाले और विदेशी-नियंत्रित क्रिप्टोग्राफिक प्रिमिटिव्स पर भारत की निर्भरता को कम करता है।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए कुल 17 परियोजनाओं या पहलों का चयन किया गया है।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (NAeG) के बारे में:
- उद्देश्य: ई-गवर्नेंस पहलों के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता को पुरस्कृत करना और उसे बढ़ावा देना।
- प्रारंभ: इसे प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा 2003 में प्रारंभ किया गया था।
- पात्रता: सभी केंद्रीय मंत्रालय/ विभाग, राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र सरकारें, जिले, स्थानीय निकाय, केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs), और शैक्षणिक/ अनुसंधान संस्थान (सरकारी और गैर-सरकारी)।
- पुरस्कार: इन पुरस्कारों में एक ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और स्वर्ण पुरस्कार विजेताओं के लिए 10 लाख रुपये तथा रजत पुरस्कार विजेताओं के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि शामिल है।
लोक लेखा समिति (PAC) ने दिए जा रहे प्रशिक्षण और बाजार में कौशल की मांग के बीच असंगति को लेकर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) पर सरकार की आलोचना की है।
PAC द्वारा रेखांकित मुख्य चिंताएं:
- कौशल की मांग और दिए जा रहे प्रशिक्षण में असंगति: परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और खुदरा क्षेत्रक से संबंधित प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया जबकि इन क्षेत्रकों में रोजगार के अवसरों की कमी रही है।
- प्रमाणन में कमी: 1.32 करोड़ उम्मीदवारों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने के निर्धारित लक्ष्य के वनिस्पत केवल 1.10 करोड़ लोगों को ही प्रमाणित किया गया।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के बारे में:
- PMKVY एक प्रमुख कौशल प्रमाणन योजना है, जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे बेहतर रोजगार और आजीविका के अवसर प्राप्त कर सकें।
- प्रारंभ: 2015 में केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा।
- कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC)।
पाकिस्तान ने भारत पर सिंधु जल संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है, क्योंकि भारत चिनाब नदी के जल को ब्यास नदी की ओर मोड़ने की योजना बना रहा है।
- पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को "निलंबित" कर दिया था।
सिंधु जल संधि के बारे में:
- हस्ताक्षर: 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच संपन्न इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।
- नदी जल का बंटवारा: यह संधि सिंधु घाटी की नदियों के जल के बंटवारे को प्रबंधित करती है। ये नदियां हैं—सतलुज, ब्यास और रावी (पूर्वी नदियां), तथा सिंधु, झेलम और चिनाब (पश्चिमी नदियां)।
- भारत को पूर्वी नदियों के जल का बिना किसी प्रतिबंध के उपयोग का अधिकार प्राप्त हैं, जबकि पश्चिमी नदियों के जल पर मुख्य रूप से पाकिस्तान का अधिकार है। हालाँकि, भारत को पश्चिमी नदियों के जल के सीमित उपयोग की अनुमति है।
- विवाद समाधान तंत्र: दोनों देशों के बीच अनसुलझे विवादों को सुलझाने के लिए एक त्रि-स्तरीय तंत्र है: स्थायी सिंधु आयोग (PIC), तटस्थ विशेषज्ञ, और मध्यस्थता न्यायालय।
नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने पहली बार अंतरतारकीय धूमकेतु '3I/ATLAS' पर मीथेन का पता लगाया है।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के बारे में:
- यह हबल स्पेस टेलीस्कोप के बाद अगली पीढ़ी का एक उन्नत टेलीस्कोप है। इसे तारों, ग्रहों और प्रारंभिक आकाशगंगाओं के निर्माण का अध्ययन करके ब्रह्मांड की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- यह नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी है।
- यह अवरक्त (इंफ्रारेड) स्पेक्ट्रम में ब्रह्मांड का अवलोकन करता है।
- प्रक्षेपण: इसे 2021 में, फ्रेंच गुयाना में यूरोप के स्पेसपोर्ट से एरियन रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था।
- कक्षा: लाग्रेंज बिंदु 2, जो पृथ्वी से 1.5 मिलियन किमी दूर है।
ANRF-समर्थित एक डिजिटल पोर्टल की घोषणा की गई। यह पोर्टल देश भर के शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और नवाचार करने वालों के लिए पेटेंट आवेदन में सहायता और शोध-पत्र लेखन सहायता में प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा।
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के बारे में:
- स्थापना: इसे 'अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन अधिनियम, 2023' के तहत स्थापित किया गया है।
- विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (SERB) को ANRF में समाहित कर लिया गया है।
- कार्य: यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की सिफारिशों के अनुसार, वैज्ञानिक अनुसंधान को उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए भारत के सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करता है।
- यह उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है, प्रतिस्पर्धी अनुसंधान अनुदान को सहायता प्रदान करता है, अनुसंधान अवसंरचना के विकास में मदद करता है और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
- ANRF की प्रमुख पहलें:
- 'मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज' (MAHA) जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन, मेडटेक, 2D घटक एवं विज्ञान व इंजीनियरिंग के लिए AI जैसे क्षेत्रक शामिल हैं;
- 'पार्टनरशिप फॉर एक्सीलरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च' (PAIR);
- रामानुजन फेलोशिप, आदि।