इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य असम और नागालैंड में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण और उत्पादन को सुविधाजनक बनाना है।
भारत में कच्चा तेल का भंडार और उत्पादन
- भारत के पास लगभग 672.07 मिलियन टन अनुमानित कच्चे तेल का भंडार है।
- भारत में वितरण:
- कच्चे तेल के भंडार मुख्यतः पश्चिमी अपतटीय क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जिनका हिस्सा लगभग 31% है; उदाहरण: मुंबई हाई तेल क्षेत्र।
- सर्वाधिक भंडार वाला राज्य: असम (21.5%), इसके बाद राजस्थान और गुजरात का स्थान है।
- असम में कच्चे तेल प्राप्ति के प्रमुख क्षेत्र: डिगबोई (सबसे पुराना), नाहरकटिया, रुद्रसागर, लकवा और लखमानी।
- राजस्थान: बाड़मेर, आदि।
- गुजरात: अंकलेश्वर, खंभात या लुनेज क्षेत्र, कलोल, मेहसाणा, अलियाबेट, आदि।
- उपभोग: भारत कच्चे तेल का विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर (तेल शोधक) और तीसरा सबसे बड़ा आयातक है।
प्राकृतिक गैस का भंडार और उत्पादन
- देश में उत्पादन: प्राकृतिक गैस की कुल मांग का 51.4% हिस्सा देश में उत्पादित होता है। वर्ष 2024 में सकल उत्पादन 36.11 बिलियन क्यूबिक मीटर था।
- संघटक: इसमें मुख्य रूप से मीथेन (CH4) होती है। साथ ही प्राकृतिक गैस तरल पदार्थ और गैर-हाइड्रोकार्बन गैसें (जैसे-CO2 और जल वाष्प) की कम मात्रा भी प्राप्त होती है।
- अनुमानित भंडार: लगभग 1,000 बिलियन क्यूबिक मीटर।
- सबसे बड़ा भंडार पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में है, उसके बाद पूर्वी अपतटीय क्षेत्र का स्थान है।
- सर्वाधिक अनुमानित भंडार वाला राज्य: असम।