श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने अपनी महत्वपूर्ण शब्दावलियों और प्रतीकों के लिए ट्रेडमार्क संरक्षण (विधिक अधिकार) प्राप्त किए हैं। पहली बार किसी भी भारतीय मंदिर को ऐसा संरक्षण प्राप्त हुआ है।
- वर्डमार्क संरक्षण: 'पतितपावन' (पतित यानी पापियों को भी पवित्र करने वाला) और 'आनंद बाजार' (मंदिर परिसर में स्थित पवित्र महाप्रसाद ग्रहण क्षेत्र) शब्दावलियों को वर्डमार्क प्राप्त हुआ है
- वर्डमार्क विशिष्ट शब्दावलियों को संरक्षण प्रदान करता है।
- लोगोमार्क संरक्षण: 'नीलाचक्र' (मंदिर के शिखर पर स्थित अष्टधातु का एक पवित्र चक्र) को।
- लोगोमार्क दृश्य प्रतीकों और डिजाइनों को संरक्षण प्रदान करता है।
श्री जगन्नाथ मंदिर (व्हाइट पैगोडा) के बारे में
- अवस्थिति: यह ओडिशा के पुरी में स्थित है।
- स्थापत्य शैली: कलिंग स्थापत्य शैली में निर्मित, जो नागर शैली का एक उप-प्रकार है।
- अधिष्ठाता देवता-पवित्र त्रिमूर्ति: भगवान जगन्नाथ (भगवान विष्णु के अवतार), बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई भगवान बलभद्र।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: माना जाता है कि इसे 12वीं शताब्दी ईस्वी में पूर्वी गंग राजवंश के अनंतवर्मन चोडगंग देव द्वारा बनवाया गया था।
- अनन्य विशेषता: ऐसी लोक मान्यता है कि जगन्नाथ मंदिर की मुख्य संरचना इस प्रकार निर्मित है कि दिन के किसी भी समय उसकी छाया भूमि पर दिखाई नहीं देती।
- मंदिर में विराजमान पवित्र त्रिमूर्ति की मूर्तियां पत्थर या धातु के बजाय लकड़ी से निर्मित हैं।
- धार्मिक महत्व: चार धामों (द्वारिका, बद्रीनाथ, रामेश्वरम और पुरी) में से एक।
- सांस्कृतिक महत्व: इस मंदिर की रथयात्रा विश्व प्रसिद्ध है जिसमें प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
ट्रेडमार्क के बारे में
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