प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित ‘सप्तधारा’ रोडमैप प्रस्तुत किया।
सप्तधारा रोडमैप के बारे में
- विनिर्माण शक्ति: ऐसी सुदृढ़ विनिर्माण व्यवस्था बनाना, जिसमें कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की पूरी उत्पादन श्रृंखला देश में विकसित हो और उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाले, बड़े पैमाने पर तथा बिना किसी दोष (जीरो डिफेक्ट) के बनाए जाएँ।
- कृषि एवं खाद्य उत्पादन: खेत से लेकर निर्यात तक की पूरी व्यवस्था को सुदृढ़ करना, रसायन-मुक्त कृषि को बढ़ावा देना और भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर एक लोकप्रिय ब्रांड के रूप में स्थापित करना।
- प्रौद्योगिकी एवं नवाचार: AI, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और स्वदेशी 6G जैसी प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देकर भारत को नवाचार का केंद्र बनाना।
- गतिशक्ति: हाई-स्पीड रेल, राजमार्ग, जलमार्ग, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास के माध्यम से तेज और सुगम मल्टीमॉडल परिवहन व्यवस्था तैयार करना।
- रक्षा शक्ति: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा अगली पीढ़ी की तकनीक, ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक क्षमताओं का विकास करना।
- हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था (ग्रीन & ब्लू इकोनॉमी): ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और हरित परिवहन का विस्तार करना तथा महासागरीय संसाधनों और अवसरों का उपयोग करना।
- भारत की सॉफ्ट पावर: योग, आयुर्वेद, आध्यात्मिकता, समग्र स्वास्थ्य, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्मों, VFX, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से भारत की वैश्विक पहचान और प्रभाव को बढ़ाना।
प्रधानमंत्री के संबोधन के अन्य प्रमुख बिंदु
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