स्वतंत्रता दिवस 2026 के संबोधन में प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि कुछ देशों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों का रणनीतिक या राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग करना भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर सकता है।
- ‘संसाधनों और रणनीतिक समुद्री मार्गों का हथियार के रूप में उपयोग’ से आशय है महत्वपूर्ण संसाधनों या उनकी आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण का जानबूझकर उपयोग करके किसी दूसरे देश पर आर्थिक, राजनीतिक या रणनीतिक दबाव बनाना।
संसाधनों एवं समुद्री मार्गों का हथियार के रूप में उपयोग और भारत के लिए खतरा
- संसाधन:
- महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स): लिथियम, कोबाल्ट, दुर्लभ मृदा तत्व (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) जैसे रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति बाधित हो सकती है। उदाहरण के लिए; चीन ने गैलियम, जर्मेनियम और दुर्लभ मृदा के प्रसंस्करण की तकनीक के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं।
- भारत 10 महत्वपूर्ण खनिजों, जैसे लिथियम, कोबाल्ट और निकल आदि के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है।
- प्रौद्योगिकी: आवश्यक कंप्यूटर चिप्स, सॉफ्टवेयर या तकनीकी ज्ञान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उदाहरण के लिए; अमेरिकी कंपनी GE ने GE-F414 लड़ाकू विमान इंजन की तकनीक भारत को हस्तांतरित करने में अनिच्छा जताई है।
- महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स): लिथियम, कोबाल्ट, दुर्लभ मृदा तत्व (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) जैसे रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति बाधित हो सकती है। उदाहरण के लिए; चीन ने गैलियम, जर्मेनियम और दुर्लभ मृदा के प्रसंस्करण की तकनीक के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं।
- समुद्री मार्ग:
- ऊर्जा आपूर्ति: क्षेत्रीय संघर्ष या नाकेबंदी के दौरान ईंधन, तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो सकती है। उदाहरण के लिए: होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी तथा लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में जहाजों पर हमले से समुद्री परिवहन प्रभावित हुआ।
- भारत अपनी LPG की कुल खपत का लगभग 60% आयात करता है। इस आयात का लगभग 90% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है।
- समुद्री व्यापार: भारत के कुल व्यापार की मात्रा का लगभग 95% हिस्सा समुद्री मार्गों के माध्यम से होता है।
- ऊर्जा आपूर्ति: क्षेत्रीय संघर्ष या नाकेबंदी के दौरान ईंधन, तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो सकती है। उदाहरण के लिए: होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी तथा लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में जहाजों पर हमले से समुद्री परिवहन प्रभावित हुआ।
जोखिम से निपटने भारत की तैयारी
- ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों को बढ़ाना: भारत अलग-अलग देशों से कच्चा तेल और LNG आयात करना आरंभ कर दिया है, ताकि किसी एक देश या क्षेत्र पर ऊर्जा आपूर्ति के लिए निर्भरता कम हो। उदाहरण के लिए: रूस, मलेशिया आदि से आयात किया जा रहा है।
- रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार: रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों (SPRs) का विस्तार किया जा रहा है।
- उदाहरण के लिए: चांदीखोल (ओडिशा) और पाडुर चरण-II (कर्नाटक)।
- घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना; देश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए समुद्र में तेल-गैस की खोज, नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- उदाहरण के लिए; समुद्र मंथन मिशन को मंजूरी दी गई है और वर्ष 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स): महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन) लागू किया गया है।
- समुद्री सुरक्षा बढ़ाना: सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) की स्थापना की गई है, नौसेना की तैनाती की गई है और समुद्री क्षेत्र की निगरानी के माध्यम से महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों (SLOCs) की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
- क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना: सामूहिक समुद्री सुरक्षा के लिए सागर/महासागर दृष्टिकोणों की घोषणा की गई है, और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) के माध्यम से सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
- रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना: ऊर्जा और आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रमुख देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- उदाहरण के लिए: भारत-EU, भारत-UK और भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौते किए गए हैं एवं साझेदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।