एक राष्ट्र, एक चुनाव प्रस्ताव
अवलोकन
एक राष्ट्र, एक चुनाव (ONOE) का प्रस्ताव संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच के अधीन है। इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव चक्रों को एक साथ लाना है।
संवैधानिक वैधता
- न्यायमूर्ति बीआर गवई का दृष्टिकोण:
- भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बीआर गवई ने समिति को संबोधित करते हुए इस बात की पुष्टि की कि ONOI विधेयक संविधान की मूल संरचना का उल्लंघन नहीं करता है।
- उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रस्ताव से न तो संघवाद और न ही लोकतांत्रिक शासन प्रणाली पर कोई असर पड़ेगा।
- न्यायमूर्ति गवई ने इस बात पर जोर दिया कि विधेयक के लिए चुनाव चक्र में केवल एक बार समायोजन की आवश्यकता है।
समिति की विचार-विमर्श
- समिति ने विधेयक से संबंधित विभिन्न चिंताओं पर चर्चा की, मुख्य रूप से इसकी संवैधानिक वैधता पर।
- न्यायमूर्ति गवई ने संकेत दिया कि यह प्रस्ताव संसद की विधायी क्षमता के दायरे में है और इसे एक महत्वपूर्ण चुनावी सुधार माना जाता है।