संविधान का अनुच्छेद 142 | Current Affairs | Vision IAS
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हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट (SC) ने तलाक के एक मामले में संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग किया। 

अनुच्छेद 142 के बारे में

  • यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी लंबित मामले या विषय में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक कोई भी डिक्री या आदेश पारित कर सकता है। इस डिक्री या आदेश को भारत के संपूर्ण क्षेत्र में लागू किया जा सकता है। 
  • यह अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट को किसी भी व्यक्ति को उपस्थित होने, किसी भी डाक्यूमेंट्स को प्राप्त या प्रस्तुत करने, खुद की (सुप्रीम कोर्ट) अवमानना के मामले की जांच करने या सजा देने के उद्देश्य से कोई भी आदेश पारित करने की शक्ति भी देता है।

हाल ही में, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने 19 फरवरी को अपना 22वां स्थापना दिवस मनाया। 

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के बारे में

  • स्थापना: इसे संविधान के अनुच्छेद 338A के तहत स्थापित किया गया है। 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा संविधान में अनुच्छेद 338A जोड़ा गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है। 
    • 89वें संविधान संशोधन के तहत पूर्ववर्ती राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग को विभाजित करके राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) नामक दो अलग-अलग संस्थाओं की स्थापना की गई। 
  • संरचना: इसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष तथा तीन सदस्य शामिल हैं। इन्हें राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित वारंट के तहत नियुक्त किया जाता है।
  • सौंपे गए कार्य: 
    • संविधान में अनुसूचित जनजातियों (STs) को दिए गए संरक्षण उपायों का निरीक्षण, निगरानी और अनुशंसा करना एवं उनके हितों की सुरक्षा करना

भारत को सिंगापुर में IALA के उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है। इससे समुद्री सुरक्षा, नौवहन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है। 

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री नौवहन सहायता संगठन के बारे में 

  • मुख्यालय: यह फ्रांस के सेंट-जर्मैन-एन-लाई में स्थित है। 
  • स्थापना: इसकी स्थापना 1957 में एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के रूप में की गई थी।
  • अंतर-सरकारी संगठन के रूप में ट्रांजीशन: IALA पहले एक NGO था, लेकिन 2024 में यह एक अंतर-सरकारी संगठन (IGO) बन  गया।
  • उद्देश्य: यह सदस्यों से वैश्विक स्तर पर समुद्री नेविगेशन सहायता (Marine Aids to Navigation) के मानकीकरण में सहयोग करने का आह्वान करता है, ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित, प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल बनाई जा सके।
  • सदस्यों की श्रेणियाँ: IALA के तीन प्रकार के सदस्य हैं;
    • सदस्य राष्ट्र, 
    • एसोसिएट सदस्य और 
    • औद्योगिक जगत के सदस्य। 

हाल ही में, एक विद्रोही समूह ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो (DRC) के गोमा शहर पर कब्जा कर लिया। 

  • यह शहर किवु झील के तट पर बसा है। जाहिर है यह झील भी गोमा शहर में तबाही के मंजर का गवाह बना और इसमें परिवहन गतिविधियां बढ़ गई हैं। 

किवु झील के बारे में

  • अवस्थिति: यह झील रवांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच की सीमा पर स्थित है। 
  • ज्वालामुखी से उत्पत्ति: यह झील अल्बर्टाइन रिफ्ट में स्थित है। यहां अक्सर भूकंप आता रहता है। 
  • यह झील रुज़िज़ी नदी में मिलती है। यह नदी आगे तांगान्यीका झील में मिल जाती है। 
  • इसमें बड़ी मात्रा में मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड के भंडार मौजूद हैं। इससे लिम्निक विस्फोट (limnic eruption) का खतरा बढ़ जाता है।
    • लिम्निक विस्फोट एक प्रकार की दुर्लभ प्राकृतिक आपदा है। यह तब उत्पन्न होती है जब एक झील बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस उत्सर्जित करती है।

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड लॉन्च किया।

  • IN-SPACe भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग (DOS) के तहत एक सिंगल-विंडो, स्वतंत्र, नोडल और स्वायत्त एजेंसी है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में निजी क्षेत्रक की भागीदारी को सुविधाजनक बनाना है। 

टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (TAF) के बारे में

  • परिचय: यह एक प्रकार की वित्त-पोषण योजना है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्रक में इनोवेशन को बढ़ावा देना और अत्याधुनिक तकनीकों के व्यावसायीकरण को प्रोत्साहन देना है।
  • कुल वित्त-पोषण: 500 करोड़ रुपये।
  • वित्त-पोषण प्राप्त करने के लिए पात्रता: भारत की गैर-सरकारी संस्थाएं (NGE)। 
  • वित्त-पोषण प्रणाली
    • स्टार्टअप और MSMEs को परियोजना लागत की 60% तक की वित्तीय सहायता, और 
    • बड़े उद्योगों को परियोजना लागत की 40% तक की वित्तीय सहायता
    • प्रति परियोजना अधिकतम वित्त-पोषण राशि 25 करोड़ रुपये होगी।

हाल ही में, कई देशों, टेक कंपनियों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने कोएलिशन फॉर एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल AI स्थापित करने के लिए साझेदारी की है।

इस कोएलिशन के बारे में

  • एक नजर: यह 37 टेक कंपनियों, 11 देशों और 5 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों सहित 100 से अधिक भागीदारों के साथ एक वैश्विक पहल है। इसका उद्देश्य AI की पर्यावरणीय संधारणीयता को बढ़ावा देना है। 
  • नेतृत्व: फ्रांस, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU)
  • घोषणा: इसे पेरिस में आयोजित AI एक्शन समिट में लॉन्च किया गया था।
  • उद्देश्य:
    • डीकार्बोनाइजेशन, प्रदूषण में कमी, जैव विविधता संरक्षण और महासागर संरक्षण के लिए AI का उपयोग करना।
    • मानकीकृत मेट्रिक्स, जीवन चक्र विश्लेषण फ्रेमवर्क्स और संधारणीय AI अनुसंधान स्थापित करना।
    • सरकारों, शिक्षा जगत, नागरिक समाज और निजी क्षेत्रक के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।

नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक्रीशन डिस्क से लगातार टिमटिमाती रोशनी को डिटेक्ट किया है। 

  • जेम्स वेब टेलीस्कोप को 2021 में ‘सैजिटेरियस A’ नामक ब्लैक होल के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए लॉन्च किया गया था। 

एक्रीशन डिस्क के बारे में

  • परिभाषा: यह ब्लैक होल के चारों ओर प्राथमिक प्रकाश स्रोत के रूप में घूमती हुई गैसीय डिस्क जैसी होती है।
  • गठन और संरचना: जब कोई ब्लैक होल अपने आस-पास के तारों या इंटरस्टेलर गैसीय पदार्थों को अपनी अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति से खींचता है तो ये पदार्थ ब्लैक होल के चारों ओर तेजी से घूमने लगते है। इससे एक्रीशन डिस्क का निर्माण होता है। अत्यधिक घर्षण और संपीड़न के कारण एक्रीशन डिस्क में मौजूद गैस गर्म हो जाती हैं और चमकने लगती लगाती है। अंततः गैसीय पदार्थ (एक्रीशन डिस्क) इवेंट होराइजन में समा जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2025 के लिए रोगों के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण को अपडेट करने की घोषणा की (ICD-11)।

ICD-11 के बारे में

  • यह बीमारियों और स्वास्थ्य स्थितियों को वर्गीकृत करने के लिए WHO द्वारा विकसित एक मानकीकृत वैश्विक प्रणाली है। हाल ही में, पारंपरिक चिकित्सा को इसमें शामिल करने के लिए इसका विस्तार किया गया है। 
  • उत्पत्ति: इसे पहली बार 1893 में पेश किया गया था। वर्तमान में, इसका 11वां संशोधन (ICD-11) लागू किया गया है।
  • महत्त्व: ICD-11 वैश्विक स्वास्थ्य निगरानी, ​​नीति निर्धारण और स्वास्थ्य संबंधी SDG प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • 2025 के लिए ICD-11 अपडेट: इंटरऑपरेबिलिटी, सटीकता और बहुभाषी बनाया गया है। ऑर्फनेट और मेडड्रा (MedDRA) के साथ एकीकृत किया गया है, तथा आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी के लिए एक पारंपरिक चिकित्सा मॉड्यूल को भी शामिल किया गया है।
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