भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की बैठक में भारत से संबंधित संदर्भों को अनुचित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए खारिज कर दिया।
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के बारे में
- स्थापना: इसकी स्थापना 1969 में रबात (मोरक्को) में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में हुई थी।
- मुख्यालय: जेद्दा (सऊदी अरब)।
- सदस्य: यह संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन है। इसके 57 सदस्य है और ये सदस्य चार महाद्वीपों के हैं।
- भूमिका: यह मुस्लिम जगत का सामूहिक प्रतिनिधित्व करता है।
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1 sourceनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोहेमैटोलॉजी (NIIH) ने भारत की पहली राष्ट्रीय दुर्लभ रक्तदाता रजिस्ट्री स्थापित की है।
- NIIH संस्था, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के तहत कार्य करती है।
‘राष्ट्रीय दुर्लभ रक्तदाता रजिस्ट्री’ के बारे में
- उद्देश्य: ऐसे रोगियों की मदद करना जिनके रक्त-समूह दुर्लभ हैं और जिन्हें बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है।
- दुर्लभ रक्त दाताओं की परिभाषा:
- आमतौर पर, दुर्लभ रक्त दाता ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है जिसमें वह एंटीजन अनुपस्थित होता है जो अधिकतर आबादी में प्राप्त होता है और ऐसे लोगों की औसत संख्या 1,000 में 1 या इससे कम होती है। ऐसे व्यक्ति को भी दुर्लभ रक्त दाता कहा जाता है जिनमें कई कॉमन एंटीजन नहीं प्राप्त होते हैं, जो किसी दाता में एक साथ शायद ही कभी पाए जाते हैं।
- अधिकतर आबादी में प्राप्त लेकिन किसी व्यक्ति में अनुपस्थित एंटीजन वाले दुर्लभ रक्त समूह के उदाहरण: Rhnull, बॉम्बे (Oh), Jr(a-) आदि।
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1 sourceविश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने 'एशिया में जलवायु की स्थिति 2024' रिपोर्ट (State of the Climate in Asia 2024 Report) जारी की है।
- विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- सबसे गर्म वर्ष: साल 2024 एशिया का अब तक का सबसे गर्म या दुनिया का दूसरा सबसे गर्म वर्ष रहा, जिसमें तापमान 1991-2020 के औसत से 1.04°C अधिक दर्ज किया गया।।
- तापवृद्धि की दर अधिक होना: एशिया की तापवृद्धि दर वैश्विक औसत से दोगुनी है।
- ग्लेशियर का पिघलना: कम बर्फबारी और अत्यधिक गर्मी के कारण मध्य हिमालय और तियान शान में ग्लेशियर पिघल रहे हैं।
- रिकॉर्ड समुद्री तापमान: समुद्री सतही जल में अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।
- समुद्री जल के तापमान में दशकीय वृद्धि दर वैश्विक औसत ताप-वृद्धि दर से लगभग दोगुनी है।
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1 sourceएक नए अध्ययन में रिसाइकल्ड प्लास्टिक से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर गंभीर चिंता जताई गई है।
अध्ययन के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- एकल रिसाइकल्ड प्लास्टिक पेलेट में 80 से अधिक प्रकार के रसायन पाए गए हैं।
- ये रसायन रिसकर जलापूर्ति प्रणाली में मिल सकते हैं और हमारी हार्मोन-प्रणाली और मेटाबॉलिज्म (चयापचय) के कार्य को बाधित कर सकते हैं।
रिसाइकल्ड प्लास्टिक के बारे में
- इसमें उपयोग की गई प्लास्टिक सामग्री को इकट्ठा कर, यांत्रिक या रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से तोड़ा जाता है और फिर उसे कच्चे माल में बदल दिया जाता है। इसका उपयोग नए प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
- यह प्रक्रिया नए प्लास्टिक के उत्पादन की आवश्यकता को कम करती है, ऊर्जा की बचत करती है और प्रदूषण को कम करने में सहायक होती है।
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1 sourceअसम में एक तेल कुएं में ब्लोआउट के कारण हुए प्राकृतिक गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) ने वैश्विक विशेषज्ञों की मदद ली है।
ब्लोआउट क्या है?
- ब्लोआउट तेल/गैस कुएं में होने वाली एक दुर्घटना है जहाँ भूमिगत दबाव के कारण गैस या तेल अनियंत्रित रूप से सतह पर आ जाता है।
- बाहर निकलने के दौरान, गैस ड्रिलिंग लिक्विड, रेत और कभी-कभी तेल के साथ मिल जाती है और अनियंत्रित जेट के रूप में सतह पर निकलती है।
- कारण: यह घटना वाल्व के फेल होने या दबाव का गलत आकलन करने के कारण घटित होती है, जिससे ज्वलनशील पदार्थों का अचानक उत्सर्जन हो जाता है।
- दुष्प्रभाव: ब्लोआउट के गंभीर दुष्प्रभावों में शामिल हैं: भीषण आगजनी, विस्फोट, वायु-प्रदूषण और जनहानि, आदि।
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1 sourceशोधकर्ताओं ने एटमोस्फियरिक थर्स्ट की दीर्घावधि का वर्णन करने के लिए एक नया शब्द "थर्स्टवेव्स" गढ़ा है।
थर्स्टवेव क्या है?
- थर्स्टवेव वह स्थिति होती है जब कम-से-कम लगातार तीन दिनों तक वाष्पीकरण की मांग उस अवधि के लिए अपने 90वें प्रतिशत मान से अधिक हो जाती है।
- वाष्पीकरणीय मांग इस बात की माप है कि वायुमंडल में जलवाष्प ग्रहण करने की कितनी क्षमता मौजूद है।
- तापमान, पवन की गति, आर्द्रता और धूप सहित कई कारकों का संयोजन वाष्पीकरणीय मांग को बढ़ाता है।
- इन 'थर्स्टवेव्स' का अध्ययन किसानों को अपने जल संसाधनों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने और फसल की पैदावार में सुधार करने में मदद कर सकता है
असम के कामाख्या मंदिर में हर साल लगने वाले अंबुबाची मेले के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं।
अंबुबाची मेला के बारे में
- यह असम के कामाख्या मंदिर में मानसून के दौरान आयोजित होने वाला एक वार्षिक हिंदू मेला है।
- कामाख्या मंदिर गुवाहाटी के पास नीलांचल पहाड़ियों पर स्थित है।
- यह मंदिर तांत्रिक पूजा के प्रमुख केंद्रों में से एक है और सबसे बड़े शक्तिपीठों में से एक है।
- यह मेला प्रजनन क्षमता, मानसून के आगमन और संस्कृतियों में पृथ्वी को एक उर्वर स्त्री के रूप में पारंपरिक विश्वास का प्रतीक है।