आईआईटी-रुड़की के शोधकर्ताओं ने एंटीबायोटिक प्रतिरोध से लड़ने के लिए आशाजनक दवा विकसित की | Current Affairs | Vision IAS
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इस नई मॉलिक्यूल/ दवा का नाम कंपाउंड 3b है। यह प्रीक्लिनिकल मॉडल में एंटीबायोटिक प्रतिरोध तंत्र को नष्ट कर प्रभावी इलाज की संभावना दिखाती है।

इस खोज की मुख्य विशेषताओं पर एक नजर

  • कंपाउंड 3b एंटीबायोटिक मेरोपेनेम के साथ मिलकर KPC-2 जनित क्लेबसिएला निमोनिया जैसे सुपरबग्स के संक्रमण का इलाज करता है। क्लेबसिएला निमोनिया को विश्व स्वास्थ्य संगठन के शीर्ष प्राथमिकता वाले खतरों में सूचीबद्ध किया गया है।
    • कंपाउंड 3b मॉलिक्यूल, β-लैक्टामेज़ इनहिबिटर दवाओं की श्रेणी में आता है।
      • बीटा-लैक्टामेज़ इनहिबिटर दवाओं की एक श्रेणी है, जो बीटा-लैक्टामेज़ एंजाइमों की क्रियाशीलता को रोकती है। इससे बीटा-लैक्टाम एंटीमाइक्रोबियल्स पदार्थों का क्षरण नहीं होता है। 
        • बीटा-लैक्टामेज़ इनहिबिटर की स्वयं की एंटीबायोटिक क्रियाशीलता बहुत कम होती है। बीटा-लैक्टामेज़ एंजाइमों को बीटा-लैक्टामेज़ भी कहा जाता है।
      • बीटा-लैक्टामेज़ वे एंजाइम होते हैं, जो बीटा-लैक्टाम रिंग को निष्क्रिय कर देते हैं। बीटा-लैक्टाम रिंग सभी बीटा-लैक्टम एंटीमाइक्रोबियल्स की एक सामान्य रासायनिक संरचना है।

एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध (AMR) के बारे में

Infographic showing work of Compound 3b
  • अर्थ: यह तब होता है, जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी पर एंटीमाइक्रोबियल दवाओं का असर नहीं होता है।
    • एंटीमाइक्रोबियल्स में एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीपैरासिटिक दवाएं शामिल हैं। ये मानव, पशु और पौधों में संक्रामक रोगों का इलाज एवं रोकथाम करने के लिए इस्तेमाल होती हैं।
  • इसके परिणाम: इससे एंटीबायोटिक्स और अन्य एंटीमाइक्रोबियल दवाएं अप्रभावी हो जाती हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही, इससे आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान होता है। 
    • विश्व बैंक के अनुसार, AMR के कारण 2050 तक स्वास्थ्य देखभाल पर 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त खर्च हो सकता है।
  • AMR हेतु जिम्मेदार प्रमुख कारक: इसमें सक्रिय औषध सामग्री (APIs) के उत्पादन से उत्पन्न औद्योगिक अपशिष्ट; लैंडफिल लीचेट; अनुपचारित अपशिष्ट जल; सीवेज अपशिष्ट आदि शामिल हैं।
  • AMR की रोकथाम हेतु शुरू की गई पहलें: वन हेल्थ एप्रोच; AMR पर वैश्विक कार्य योजना (GAP) को विश्व स्वास्थ्य संगठन की विश्व स्वास्थ्य महासभा (2015) के दौरान अपनाया गया, आदि।
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