अनियंत्रित पर्यटन, लक्जरी हाउसबोट और दशकों से जारी अतिक्रमण वेम्बनाड झील के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहे हैं।
वेम्बनाड झील के बारे में
- यह भारत की सबसे लंबी झील और सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र है।
- यह एक रामसर आर्द्रभूमि स्थल है। यह झील केरल के कई जिलों में विस्तृत है।
- इसे 10 नदियों से जल प्राप्त होता है। इसमें थान्नेरमुक्कोम खारा जल अवरोधक भी है जो भारत का सबसे बड़ा पंक नियंत्रक (मड रेगुलेटर) है। यह खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
- यह झील हाउसबोट (केट्टुवल्लम) और नेहरू ट्रॉफी बोट रेस के लिए प्रसिद्ध है। यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र है।
नागालैंड से प्राप्त जीवाश्म पत्तियों के अध्ययन से पता चला कि अंटार्कटिका ने भारतीय मानसून को कैसे प्रभावित किया। यह अध्ययन CLAMP पद्धति से किया गया।
क्लाइमेट लीफ एनालिसिस मल्टीवेरिएट प्रोग्राम (CLAMP) के बारे में:
- CLAMP जीवाश्म पत्तियों को “जलवायु फिंगरप्रिंट” की तरह इस्तेमाल करता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अतीत में पृथ्वी की जलवायु कैसी थी।
- यह जीवाश्म पत्तियों के आकार, साइज और किनारों का अध्ययन करके अतीत की जलवायु दशाओं (तापमान, वर्षा, आर्द्रता) को पुनर्निर्मित करने में मदद करता है।
- यह पैलियो-क्लाइमेट (प्रागैतिहासिक जलवायु) अध्ययनों में उपयोगी है, खासकर वहाँ जहाँ अन्य जलवायु रिकॉर्ड (जैसे बर्फ की परतें या निक्षेप) उपलब्ध नहीं होते है।
- यह अतीत की गर्म/ ठंडी की घटनाओं की तुलना वर्तमान दशाओं से करके भविष्य की जलवायु प्रतिक्रियाओं का पूर्वानुमान करने में उपयोगी है।
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1 sourceUKIIFB ने अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर एक रिपोर्ट जारी की है।
- रिपोर्ट में की गई सिफारिशें:
- भारत सरकार की खरीद प्रक्रिया को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त फ्रेमवर्क के अनुरूप बनाना चाहिए।
- भारत को परियोजनाओं के संचालन से जुड़े जोखिमों का समाधान करना होगा और निर्माण क्षेत्र (कंस्ट्रक्शन) में अप्रत्याशित नीतियों और अस्पष्टता की धारणा को दूर करना होगा।
UKIIFB के बारे में
- यह नीति आयोग और लंदन शहर द्वारा संयुक्त रूप से संचालित सहयोगात्मक पहल है।
- इसका उद्देश्य अवसंरचना में निवेश को बढ़ावा देना तथा अवसंरचना संबंधी प्रमुख परियोजनाओं के सुनियोजित और चरणबद्ध कार्यान्वयन में लंदन शहर की विशेषज्ञता का लाभ उठाना है।
- इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में अवसंरचना संबंधी महत्वपूर्ण क्षेत्रकों के लिए दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना है।
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1 sourceहाल ही में, यूरोपीय संघ ने 102 अतिरिक्त भारतीय मत्स्य प्रतिष्ठानों को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में समुद्री खाद्य पदार्थों के निर्यात करने की मंजूरी दी है।
निर्णय का महत्त्व
- इससे यूरोपीय संघ में भारत से होने वाले समुद्री खाद्य निर्यात में 20% की वृद्धि होने का अनुमान है।
- यह भारत की फ़ूड सेफ्टी और गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों में बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।
- इससे विशेष रूप से एक्वाकल्चर श्रिम्प और सेफेलोपोड्स (स्क्विड, कटलफिश और ऑक्टोपस) का निर्यात बढ़ने का अनुमान है।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले संगठनों के संस्थापक सदस्यों की पृष्ठभूमि की जांच पंजीकरण के समय ही करने का निर्णय लिया है।
RPA, 1951 की धारा 29A के बारे में
- राजनीतिक दलों को अपनी स्थापना के 30 दिनों के भीतर निर्वाचन आयोग के पास पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
- संविधान के अनुच्छेद 324 और RPA 1951 की धारा 29A के तहत ECI के दिशानिर्देशों के अनुसार पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाते हैं।
- अनिवार्य शपथ: संगठन या निकाय विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान तथा समाजवाद, पंथनिरपेक्षता और लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखेंगे तथा भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखेंगे।
- पंजीकरण के संबंध में निर्वाचन आयोग का निर्णय अंतिम होगा।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) के निर्माण के लिए हितधारक के मध्य सर्वेक्षण शुरू किया है।
- इस सर्वेक्षण का उद्देश्य किसी संगठन की प्रोफाइल और IES इकोसिस्टम में उसकी भागीदारी के लिए तैयारी के संबंध में जानकारी एकत्र करना है।
इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) के बारे में
- केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने इसकी संकल्पना विद्युत क्षेत्रक के लिए डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में की है।
- उद्देश्य: एक कनेक्टेड, इंटेलिजेंस और इंटरऑपरेबिलिटी वाले ऊर्जा इकोसिस्टम को साकार करना।
- यह खुले मानक और इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क तय करेगा।
- इसके तहत यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा जो इनोवेशन और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रणालियों से डेटा संग्रह करेगा।
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1 sourceनोबेल पुरस्कार विजेता माइकल क्रेमर ने पाया कि आंध्र प्रदेश के सरकारी स्कूलों में उपयोग किए गए पर्सनलाइज्ड अडैप्टिव लर्निंग सॉफ्टवेयर से विद्यार्थियों की सीखने की दर दोगुनी हो गई।
पर्सनलाइज्ड अडैप्टिव लर्निंग के बारे में
- यह पढ़ाने का ऐसा तरीका है जो प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार ढल जाता है।
- यह विद्यार्थियों को उनकी अपनी सीखने की क्षमता, पसंद और शैली के हिसाब से पढ़ने में मदद करता है।
- यह पारंपरिक 'वन-साइज-फिट्स-ऑल' शिक्षण तरीकों से हटकर अधिक लचीले और अनुकूली मॉडल पर ध्यान देता है।
कोल इंडिया लिमिटेड तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले जनजातीय विद्यार्थियों को सशक्त बनाना है।
NSTFDC के बारे में
- इसे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत 2001 में स्थापित किया गया।
- उद्देश्य: अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए कार्य करना, उन्हें बेहतर स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर बन सकें।
- यह संस्था जनजातीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अनुदान भी प्रदान करती है।