हाल ही में, बैंक ऑफ इंग्लैंड ने कई खतरों का हवाला देते हुए देश (इंग्लैंड) में स्टेबलकॉइन्स के स्वामित्व को सीमित करने का प्रस्ताव किया है।
स्टेबलकॉइन्स के बारे में:
- ये एक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी हैं, जिनका मूल्य फिएट मुद्रा या स्वर्ण जैसी किसी अन्य परिसंपत्ति से तय होता है। इससे इनके मूल्य को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलती है।
- मुख्य रूप से तीन प्रकार के स्टेबलकॉइन्स होते हैं:
- फिएट-करेंसी आधारित
- क्रिप्टो-आधारित
- बिना किसी कोलेटरल वाली (एल्गोरिदमिक)
- लाभ: स्थिर मूल्य, किफायती और त्वरित सीमा-पार लेनदेन आदि।
- हानि: एक साथ बड़ी संख्या में बिक्री का जोखिम, मांग और पूर्ति के सिद्धांत के परीक्षण में विफल (उच्च मांग की दशा में अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करना मुश्किल), मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा, आदि।
भारतीय पेटेंट कार्यालय (IPO) ने पेटेंट अधिनियम की धारा 3(d) के तहत नोवार्टिस की हृदय रोग की दवा वाइमाडा का पेटेंट रद्द कर दिया।
पेटेंट अधिनियम की धारा 3(d) के बारे में
- इसका उद्देश्य पेटेंट की "एवरग्रीनिंग" गतिविधि को रोकना है। एवरग्रीनिंग का अर्थ है- पुरानी दवा में किसी व्यापक चिकित्सीय सुधार नहीं होने के बावजूद मामूली संशोधन करके पेटेंट की अवधि का विस्तार करना है।
धारा 3(d) का महत्व
- किफायती दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में भारत की भूमिका का विस्तार करती है।
- यह बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार-संबंधी पहलुओं (TRIPS) और लोक स्वास्थ्य पर दोहा घोषणा-पत्र (2001) के अनुरूप है।
- वास्तविक इनोवेशन को प्रोत्साहित करती है।
- इनोवेशन के लिए प्रोत्साहन और किफायती दवाइयों की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखती है।
प्रधानमंत्री ने बिहार में "राष्ट्रीय गोकुल मिशन" योजना के तहत स्थापित 'सेक्स सॉर्टेड सीमेन' केंद्र का उद्घाटन किया।
- 'सीमेन-सेक्स सॉर्टिंग' एक ऐसी तकनीक है जो लगभग 90% सटीकता के साथ मादा बछड़ों के जन्म की संभावना को बढ़ाती है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) के बारे में:
- शुरुआत: 2014 में
- मंत्रालय: केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
- योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
- उद्देश्य:
- देशज गोवंशीय नस्लों का विकास और संरक्षण करना।
- गोवंशों की आबादी का आनुवंशिक सुधार करना।
- दूध उत्पादन और गोवंशों की उत्पादकता में वृद्धि करना।
- कार्यान्वयन: भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा।
Article Sources
1 sourceकेंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सिमलिपाल टाइगर रिजर्व (STR) के कोर एरिया से गांव वालों के पुनर्वास के लिए धोखाधड़ी से सहमति प्राप्त करने के आरोपों की जांच का आदेश दिया है।
सिमलिपाल टाइगर रिजर्व के बारे में
- अवस्थिति: ओडिशा के मयूरभंज जिले में।
- अधिसूचना: इसे 1956 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया और 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत शामिल किया गया।
- 2009 में इसे यूनेस्को-विश्व बायोस्फीयर रिजर्व नेटवर्क में शामिल किया गया।
- रिजर्व के जलप्रपात: जोरांडा और बरेहीपानी।
- रिजर्व से होकर बहने वाली नदियां: बुर्हाबलांगा, पल्पला बंडन, सालंदी, कहैरी और देव।
- टाइगर रिजर्व में रहने वाली जनजातियां: कोल्हा, संथाल, भूमिज, भटुड़ी, गोंड, खड़िया, मनकीडिया और सहारा।
एक अध्ययन में इस तथ्य को रेखांकित किया गया है कि ईस्ट अफ्रीकन क्रूड ऑयल पाइपलाइन (EACOP) से 34 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जित हो सकता है।
EACOP के बारे में:
- यह 1443 किलोमीटर लंबी एक पाइपलाइन है, जो पश्चिमी युगांडा में स्थित टिलेंगा और किंगफिशर तेल क्षेत्रों को पूर्वी तंजानिया में स्थित तांगा बंदरगाह से जोड़ती है।
पाइपलाइन से जुड़ी मुख्य चिंताएं:
- कार्बन उत्सर्जन,
- जैव विविधता पर प्रभाव: यह संरक्षित क्षेत्रों में जैव विविधता को नुकसान पहुंचा सकती है। इन संरक्षित क्षेत्रों में मरचीसन फॉल्स नेशनल पार्क भी शामिल है, जो युगांडा का सबसे पुराना और सबसे बड़ा नेशनल पार्क है।
- जनजातियों का विस्थापन आदि।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार नंबर का उपयोग मतदाताओं द्वारा किया जा सकता है, क्योंकि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4) इसकी अनुमति देती है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 23(4) के बारे में
- निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी किसी व्यक्ति से उसकी पहचान सत्यापित करने के उद्देश्य से, आधार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत उसका आधार नंबर उपलब्ध कराने की मांग कर सकता है।
- यह प्रावधान नए आवेदकों पर ही नहीं, बल्कि पहले से मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तियों पर भी लागू होता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रविष्टियों का सत्यापन करना और एक ही अथवा अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में डुप्लिकेट पंजीकरण की पहचान करना है।
भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित नवीनतम डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) INS निस्तार सिंगापुर में पैसिफिक रीच 2025 अभ्यास में भाग ले रहा है।
पैसिफिक रीच के बारे में
- यह हर दो साल में आयोजित होने वाला बहुपक्षीय अभ्यास है।
- यह अभ्यास दो मुख्य चरणों में आयोजित होता है:
- हार्बर फेज़: इसमें विशेषज्ञों के बीच विचारों का आदान-प्रदान (SMEE), चिकित्सा संगोष्ठी, क्रॉस-डेक विजिट और सबमरीन रेस्क्यू सिस्टम पर विस्तृत चर्चा शामिल होती है।
- समुद्री चरण (Sea Phase): इसमें समुद्र में हस्तक्षेप और बचाव अभियान शामिल होते हैं। इसमें भागीदार देशों के नौसैनिक पोत और उपकरण शामिल होते हैं।