वैज्ञानिकों ने कॉफी-रिंग इफ़ेक्ट और नैनो प्रौद्योगिकी सिद्धांत का उपयोग करके रोडामाइन बी जैसे विषाक्त अणुओं का पता लगाने की एक प्रभावी और संवेदनशील विधि खोजी है।
- कॉफी-रिंग इफ़ेक्ट एक स्वस्फूर्त परिघटना है जिसमें कॉफी के एक बूंद के केंद्र से चारों किनारे की ओर केशिकीय प्रवाह (capillary flow) सभी घुलनशील पदार्थों (solute) को बूंद के किनारों की ओर धकेल देता है।
- वास्तव में इस परिघटना के तहत वाष्पित होती हुई द्रव बूंद के किनारों के चारों ओर ठोस कणों की एक रिंग (छल्ला) बन जाती है।
रोडामाइन बी के बारे में
- यह जल में घुलनशील, चमकीले गुलाबी रंग की फ्लोरोसेंट सिंथेटिक डाई है।
- उपयोग: वैज्ञानिक अनुसंधान में; वस्त्र, कागज और चर्म उद्योग में।
- विशेषताएं:
- विषाक्त: यह त्वचा, आँखें और श्वसन प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है; कैंसरकारी है।
- पर्यावरण प्रदूषक: यह जल में लंबे समय तक बना रहता है।
- खाद्य और कॉस्मेटिक जैसे उत्पादों में इसका उपयोग प्रतिबंधित है।
Article Sources
1 sourceहाल ही में, कर्मचारी भविष्य निधि के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 238वीं बैठक में 'विश्वास योजना' का शुभारंभ किया गया।
- केंद्रीय न्यासी बोर्ड त्रिपक्षीय बोर्ड है। इसमें सरकार (केंद्र और राज्य, दोनों), नियोक्ताओं, और कर्मचारियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), केंद्रीय न्यासी बोर्ड को सहायता प्रदान करता है।
- यह बोर्ड निम्नलिखित तीन योजनाओं का संचालन करता है:
- कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952
- कर्मचारी पेंशन योजना 1995
- कर्मचारी डिपॉज़िट लिंक्ड बीमा योजना 1976 .
विश्वास योजना के बारे में
- उद्देश्य: कम दंड का भुगतान के माध्यम से मुकदमेबाजी को कम करना।
- मुकदमों का एक प्रमुख कारण यह रहा है कि भविष्य निधि (PF) में देरी से जमा की गई राशि पर अत्यधिक दंड लगाए जाते थे।
- भविष्य निधि (PF) एक प्रकार की सेवानिवृत्ति बचत योजना है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों हर महीने कर्मचारी के वेतन का एक निश्चित प्रतिशत अंशदान करते हैं।
- अवधि: यह योजना 6 महीने तक चालू रहेगी और इसे अन्य छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है।
Article Sources
1 sourceउपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित भारत की खुदरा मुद्रास्फीति जून 2017 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
- यह कमी मुख्य रूप से बेस इफेक्ट और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट के कारण हुई है। हालांकि, कोर मुद्रास्फीति दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जिसका कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी है।
मुद्रास्फीति के बारे में:
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): यह वस्तुओं और सेवाओं की निर्धारित सूची (बास्केट) की कीमतों में हर महीने होने वाले बदलाव को मापता है।
- जारीकर्ता: केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय।
- कोर मुद्रास्फीति: यह ऊर्जा और खाद्य पदार्थों को छोड़कर बाकी वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को मापती है, जिनकी कीमतें आमतौर पर स्थिर या अनुमानित रहती हैं।
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने CPI आधारित मुद्रास्फीति दर के लिए RBI की सहनशीलता सीमा (टॉलरेंस बैंड) 4% या इससे 2% अधिक या कम (2% से 6% के बीच) तय किया है।
हाल ही में RBI ने कुछ महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं, जैसे कि— यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI), सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) रिटेल सैंडबॉक्स, और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CDs) के टोकनाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट।
नई पहलों के बारे में:
- यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI): इसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में देखा जा रहा है।
- यह विभिन्न स्रोतों से डेटा एकत्र करेगा, और इसे ऋणदाताओं को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे ऋण लेने वालों की ऋण चुकाने की क्षमता का बेहतर मूल्यांकन कर सकें।
- इसका उद्देश्य ऋण वितरण को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाना है।
- CBDC रिटेल सैंडबॉक्स: यह फिनटेक कंपनियों के लिए एक परीक्षण प्लेटफार्म है, जहाँ वे नई तकनीकी समाधान विकसित और परीक्षण कर सकती हैं।
- CBDC केंद्रीय बैंक द्वारा जारी फिएट मुद्रा का डिजिटल रूप है।
- सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CDs) का टोकनाइजेशन: यह प्रक्रिया तेज निपटान, बेहतर तरलता (liquidity) और अधिक पारदर्शिता को बढ़ावा देगी।
- टोकनाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी वास्तविक परिसंपत्ति (जैसे-स्टॉक) का डिजिटल रूप “टोकन” बनाकर उसे ब्लॉकचेन या डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर में भंडारित किया जाता है।
- सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CDs) नेगोशिएबल मनी मार्केट उत्पाद है, जो बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान में जमा फंड्स के बदले डिमैट रूप में या प्रॉमिसरी नोट के रूप में जारी किया जाता है।
- इसकी मैच्योरिटी अवधि अधिकतम 1 वर्ष तक होती है (न्यूनतम – 7 दिन)।
गर्म-जल की प्रवाल भित्तियां (कोरल रीफ्स) अपनी थर्मल टिपिंग पॉइंट को पार कर चुकी हैं। इससे इनमें अपरिवर्तनीय क्षति होगी यानी वापस बेहतर स्थिति में नहीं लाया जा सकता।
टिपिंग पॉइंट के बारे में
- परिभाषा: IPCC के अनुसार टिपिंग पॉइंट किसी भी प्रणाली में वह महत्वपूर्ण सीमा होती है, जिसे पार करने पर उस प्रणाली की स्थिति में बड़ा बदलाव आता है और इसे पुरानी स्थिति में वापस नहीं लाया जा सकता है।
- परस्पर जुड़े हुए टिपिंग पॉइंट: टिपिंग पॉइंट आपस में जुड़े हुए हैं। इसका अर्थ है कि एक की सीमा को पार करने से दूसरी टिपिंग पॉइंट्स में भी इस तरह के बदलाव हो सकते हैं। इससे पृथ्वी की सततता को खतरे में डालने वाला श्रृंखलाबद्ध प्रभाव पैदा हो सकता है।
खतरे में पृथ्वी की अन्य प्रणालियां
- अमेज़न वर्षावन, अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC), सब-पोलर गाइर (SPG), जमीन पर पर्माफ्रॉस्ट, पर्वतीय ग्लेशियर, आदि।
शांति समझौता के तहत हाल ही में 48 बंधकों (जीवित और मृत) को रिहा किया गया और इजरायली सेना गाजा सिटी से पीछे हटकर निर्धारित “येलो लाइन” तक चली गईं।
- यह युद्ध दो साल से अधिक समय तक चला। इसकी शुरुआत 7 अक्टूबर, 2023 को हुई थी।
इजरायल-हमास युद्ध विराम और शांति समझौते के बारे में
- यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति की 20 सूत्रीय योजना पर आधारित है। इस समझौते में युद्ध विराम, इजराइली सेनाओं की निर्धारित सीमा पर वापसी और सभी बंधकों की रिहाई शामिल हैं।
- मध्यस्थ देश: संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्की।
- भारत का रुख:
- भारत ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए किए जा रहे शांति प्रयासों का स्वागत किया है और बहुपक्षीय कूटनीति का समर्थन किया है।
- यह समझौता भारत की ‘संतुलित पश्चिम एशिया नीति’ को मजबूत करता है, जिसमें इजराइल, फिलिस्तीन और अरब देशों के साथ समान रूप से संबंध बनाए रखना शामिल है।
हाल ही में पाकिस्तान ने संयुक्त राज्य अमेरिका को पासनी बंदरगाह के विकास और संचालन का अवसर देने की पेशकश की है।
- इस बंदरगाह को अमेरिका के लिए पाकिस्तान के क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुँचने का प्रवेश द्वार माना जा रहा है।

पासनी पोर्ट के बारे में
- अवस्थिति: यह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले में, अरब सागर में स्थित है।
- सामरिक महत्व:
- यह चीन द्वारा संचालित ग्वादर पोर्ट से लगभग 70 मील और ईरान के चाबहार पोर्ट से लगभग 178 मील की दूरी पर अवस्थित है।
- इसकी अवस्थिति इसे दक्षिण, पश्चिम और मध्य एशिया को जोड़ने वाले व्यापार मार्गों के लिए एक आदर्श केंद्र बनाती है।