गूगल का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब | Current Affairs | Vision IAS
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गूगल ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 15 बिलियन डॉलर का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब स्थापित करने की घोषणा की। 

  • यह गिगावाट-स्केल हब होगा। यह अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा AI हब सेंटर है। 
  • यह गूगल का भारत में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। यह निवेश अगले पांच वर्षों (2026–2030) में किया जाएगा। 
  • यह निवेश विकसित भारत विजन के साथ मेल खाता है तथा इंडिया AI मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा।

प्रस्तावित AI हब की मुख्य विशेषताएं:

  • उद्देश्यपूर्ण डेटा सेंटर कैंपस: इसमें एडवांस्ड AI इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर कैपेसिटी, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत और फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क को एक ही स्थान पर लाया जाएगा। 
  • नए अंतर्राष्ट्रीय सब-सी (समुद्र के नीचे) गेटवे का निर्माण: इसमें कई अंतरराष्ट्रीय सब-सी केबल्स को विशाखापत्तनम (भारत के पूर्वी तट) से जोड़ा जाएगा।

केंद्र सरकार अयोध्या में एक NSG हब स्थापित कर रही है। पहले से ही छह अन्य NSG हब मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद, और जम्मू में कार्य कर रहे हैं।

NSG के बारे में

  • NSG केंद्र सरकार का आकस्मिक ‘विश्व स्तरीय जीरो एरर फोर्स’ है। इसका मुख्य कार्य आतंकवाद के सभी रूपों से निपटना  है।
    • NSG को यूनाइटेड किंगडम की SAS और जर्मनी की GSG-9 के पैटर्न पर गठित किया गया है।
    • यह विशेष कार्य बल है। इसकी स्पेशल एक्शन ग्रुप (SAG) और स्पेशल रेंजर ग्रुप (SRG) नाम से दो पूरक इकाइयां हैं।
  • स्थापना: इसे 1986 में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड अधिनियम, 1986 के तहत स्थापित किया गया।
  • मंत्रालय: केंद्रीय गृह मंत्रालय

हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ऑपरेशन चक्र- V के तहत तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में तलाशी अभियान चलाया।

ऑपरेशन चक्र- V के बारे में:

  • उद्देश्य: साइबर अपराधियों से निपटना और नागरिकों को देश-विदेश से डिजिटल माध्यम से होने वाले शोषण से बचाना।

केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय ने लीगल इन्फोर्मेशन मैनेजमेंट एंड ब्रीफिंग सिस्टम (LIMBS) के तहत "लाइव केसेज़" डैशबोर्ड लॉन्च किया।

  • यह डैशबोर्ड न्यायालय में दर्ज मामलों का रियल टाइम डेटा विज़ुअलाइज़ेशन प्रस्तुत करेगा। इससे शीघ्र निर्णय लेने और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।

LIMBS के बारे में

  • LIMBS  मुकदमा की वेब-आधारित निगरानी प्रणाली है। इसे केंद्र सरकार की मदद के लिए विकसित किया गया है।
  • यह एक ऑनलाइन टूल है। इसके माध्यम से अदालत में दर्ज मामलों के निपटान होने तक पारदर्शी, प्रभावी और सक्रिय तरीके से किसी भी समय निगरानी  की जा सकती है।

कोडेक्स कमेटी ऑन स्पाइसेस एंड कलिनरी हर्ब्स का आठवां सत्र गुवाहाटी में शुरू हुआ।

कोडेक्स कमेटी ऑन स्पाइसेस एंड कलिनरी हर्ब्स (CCSCH) के बारे में:

  • यह कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग (CAC) की एक सहायक समिति है। इसका उद्देश्य मसालों और खाद्य से जुड़ी वनस्पतियों के लिए वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य मानकों के अनुरूप मानक बनाना है।
    • CAC या “फूड कोड” विभिन्न मानकों, दिशा-निर्देशों और आचार संहिताओं का संग्रह है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ता के स्वास्थ्य की रक्षा करना और खाद्य व्यापार में उचित कार्य-व्यवहार को बढ़ावा देना है।
      • यह संयुक्त ‘FAO/WHO फूड स्टैंडर्ड्स प्रोग्राम’ का हिस्सा है।
  • इस समिति की स्थापना जुलाई 2013 में रोम में कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग की 36वीं बैठक में की गई थी।
  • भारत इस समिति का मेजबान देश है। इसका सचिवालय कोच्चि स्थित स्पाइसेज बोर्ड द्वारा संचालित किया जाता है।

वैज्ञानिकों के हाल के अध्ययन के अनुसार अरब सागर का मिनी वॉर्म पूल (MWP), अल नीनो की वजह से मानसून में आए व्यवधान को स्वतः ठीक करने वाले एक तंत्र की तरह कार्य करता है।  

अरब सागर मिनी वॉर्म पूल (MWP) के बारे में

  • यह अरब सागर में विशेषकर दक्षिण पूर्वी भाग (केरल तट के पास) में असामान्य रूप से ‘समुद्री सतह-जल के गर्म तापमान (SST)’ का एक छोटा सा क्षेत्र है।
    • एक वॉर्म पूल वास्तव में किसी जल-निकाय में बहुत गर्म जल वाला हिस्सा होता है। ऐसे हिस्से में समुद्री सतह जल का तापमान (SST) आम तौर पर 28 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है। यह क्षेत्रीय जलवायु और मौसम के पैटर्न को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • अवधि: यह हर साल अप्रैल और मई के दौरान, भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के शुरू होने से ठीक पहले बनता है।

केंद्रीय खान मंत्रालय ने चूना पत्थर (limestone) को ‘प्रमुख खनिज (Major mineral)’ के रूप में वर्गीकृत किया।

  • पहले चूना पत्थर को उसके अंतिम उपयोग के आधार पर कभी गौण खनिज (Minor minerals) और कभी प्रमुख खनिज के रूप में वर्गीकृत किया जाता था।

प्रमुख और गौण खनिज के बारे में:

  • खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (MMDR Act), 1957 के तहत खनिजों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है: प्रमुख खनिज और गौण खनिज।
  • प्रमुख खनिज में ईंधन स्रोत वाले खनिज शामिल हैं। जैसे-कोयला, लिग्नाइट, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस। साथ ही इनमें धात्विक खनिज (एटॉमिक खनिज सहित) और अधात्विक खनिज भी शामिल हैं।
  • गौण खनिज में संगमरमर, स्लेट, शेल आदि शामिल हैं।
    • MMDR अधिनियम राज्य सरकारों को गौण खनिजों के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है।

भारी वर्षा और नील नदी में बढ़ते जलस्तर की वजह से दक्षिण सूडान में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

नील नदी के बारे में

  • यह दुनिया की सबसे लंबी नदी है।
  • यह अफ्रीका के 11 देशों से होकर बहती है। ये देश हैं:
    • मिस्र, बुरुंडी, तंजानिया, रवांडा, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, केन्या, युगांडा, सूडान, इथियोपिया, इरिट्रिया और दक्षिण सूडान।
  • सूडान की राजधानी खार्तूम में ब्लू नील और व्हाइट नील नदियों के संगम के बाद यह नील नदी नाम से आगे बहती है। 
  • आगे नील नदी उत्तर दिशा में बहती हुई और मिस्र से होकर भूमध्य सागर में मिल जाती है।
    • व्हाइट नील का उद्गम विक्टोरिया झील से होता है और यह युगांडा और दक्षिण सूडान से होकर बहती है। वहीं ब्लू नील का उद्गम इथियोपिया में लेक टाना से होता है।

IMF की विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Outlook) रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के लिए भारत की GDP संवृद्धि दर 6.6% रहेगी। पहले 6.4% का अनुमान लगाया गया था। 

  • रिपोर्ट के अनुसार 2026-27 में भारत की संवृद्धि दर 6.2% होगी।
  • वैश्विक आर्थिक संवृद्धि दर 2024 की 3.3% से घटकर 2025 में 3.2% और 2026 में 3.1% रहने का अनुमान है।

विश्व आर्थिक परिदृश्य (WEO) के बारे में:

  • जारीकर्ता: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)
  • उद्देश्य: यह रिपोर्ट विश्व अर्थव्यवस्था का निकट भविष्य के लिए और मध्यम अवधि का विश्लेषण व अनुमान प्रस्तुत करती है।
  • यह रिपोर्ट आमतौर पर वर्ष में दो बार जारी की जाती है और बीच में इसके अपडेट भी जारी किए जाते हैं।
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