UNFCCC के पक्षकारों का 30वां सम्मेलन (COP30) ‘बेलेम पैकेज’ को अपनाने के साथ संपन्न हुआ | Current Affairs | Vision IAS
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COP30 के बेलेम पैकेज ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने और 1.5°C लक्ष्य हासिल करने के लिए जलवायु वित्त, अनुकूलन, न्यायोचित परिवर्तन, वन संरक्षण, स्वास्थ्य, लिंग और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए पहल शुरू की।

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‘COP30 का बेलेम पैकेज’ के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • दो नई पहलों की घोषणा:
    • ग्लोबल इम्प्लीमेंटेशन एक्सेलेरेटर: यह दो-वर्षीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य ‘राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजनाओं’ और ‘वैश्विक तापवृद्धि को 1.5°C तक सीमित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाइयों’ के बीच में अंतराल को समाप्त करना है।  
    • बेलेम मिशन टू 1.5: यह COP29, COP29 और COP31 की अध्यक्षता करने वाले तीन देशों (Troika) का कार्य-उन्मुख मंच है। इसका उद्देश्य जलवायु शमन (Mitigation), अनुकूलन (Adaptation), और निवेश में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।  
  • ग्लोबल मुटिराओ डिसीजन (Global Mutirao Decision): यह UNFCCC के पक्षकारों द्वारा अपनाया गया एक उच्च-स्तरीय दस्तावेज है। "मुटिराओ" शब्द  ब्राजील के मूल निवासी टुपी लोग बोलते हैं। इस शब्द का अर्थ है "मिलकर कार्य  करना"। इस दस्तावेज में निम्नलिखित शामिल हैं: 
    • विकासशील देशों के लिए जलवायु कार्रवाई हेतु जलवायु-वित्तपोषण बढ़ाकर 2035 तक 1.3 ट्रिलियन डॉलर वार्षिक सुनिश्चित करना।  
    • जलवायु अनुकूलन वित्तपोषण को 2025 तक दोगुना और 2035 तक तिगुना करना। 
      • COP30 ने ‘ग्लोबल गोल ऑन एडेप्टेशन (GGA)’ को भी अपनाया। इसमें वैश्विक अनुकूलन की दिशा में प्रगति के आकलन हेतु 60 संकेतक शामिल हैं।
    • जस्ट ट्रांजिशन प्रणाली: इसका उद्देश्य सहयोग, तकनीकी सहायता और क्षमता-विकास को बढ़ावा देना तथा न्यायसंगत एवं समावेशी तरीके से ‘जस्ट ट्रांज़िशन’ सुनिश्चित करना है।
    • दो रोडमैप की घोषणा की गई है:
      • वन एवं जलवायु रोडमैप: वनों की कटाई रोकने और पुनर्वनीकरण हेतु;
      • जीवाश्म ईंधन का उपयोग उत्तरोत्तर कम करना रोडमैप (The Transitioning Away From Fossil Fuels Roadmap)।
  • COP30 कार्य-एजेंडा के तहत अन्य घोषणाएं:
    • फॉस्टरिंग इन्वेस्टिबल नेशनल इम्प्लीमेंटेशन (FINI) पहल: इसका उद्देश्य तीन वर्षों के भीतर अनुकूलन निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाना है। इनमें से 20% पूंजी निजी क्षेत्र से जुटाई जाएगी। 
    • बेलेम स्वास्थ्य कार्य योजना: यह जलवायु परिवर्तन जुड़े स्वास्थ्य खतरों से निपटने हेतु पहली वैश्विक पहल है। 
    • ट्रॉपिकल फॉरेस्ट फॉरएवर फैसिलिटी (TFFF): यह वर्तमान उष्णकटिबंधीय वनों के सत्यापन योग्य संरक्षण हेतु दीर्घकालिक, परिणाम-आधारित वित्तपोषण सुनिश्चित करने वाला पहला तंत्र है।
    • जेंडर एक्शन प्लान: इसका उद्देश्य सभी जेंडर के अनुकूल बजटिंग और वित्तपोषण को बढ़ावा देना है। साथ ही, यह देशज, एफ्रो-वंशज और ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व को भी प्रोत्साहन देगा।
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