विरोध प्रदर्शनों के बीच मणिपुर में संगाई महोत्सव शुरू हुआ।
संगाई महोत्सव के बारे में
- यह मणिपुर का एक वार्षिक 10-दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव (21-30 नवंबर) है। इसका नाम संगाई हिरण के नाम पर रखा गया है।
- संगाई हिरण को ब्रो-एंटलर्ड डीयर के रूप में भी जाना जाता है। यह एक दुर्लभ प्रजाति है, जो केवल भारत के केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाती है।
- केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है।
- केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान मणिपुर की लोकटक झील में स्थित है।
- संगाई हिरण को ब्रो-एंटलर्ड डीयर के रूप में भी जाना जाता है। यह एक दुर्लभ प्रजाति है, जो केवल भारत के केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाती है।
- यह नृत्य, संगीत, हथकरघा, हस्तशिल्प, व्यंजनों और साहसिक गतिविधियों के माध्यम से मणिपुर की परंपराओं को प्रदर्शित करता है।
भारत में खाद्य पदार्थों में रासायनिक मिलावट की घटनाएं लगातार जारी हैं। मिलावट में विशेष रूप से गैर-अनुमत सिंथेटिक रंगों, खासकर ऑरामाइन ओ का अधिक उपयोग किया जा रहा है।
ऑरामाइन O के बारे में
- ऑरामाइन O एक पीला, गंधहीन, क्रिस्टलीय (रेत जैसा) पाउडर या परतदार पदार्थ है।
- इसका उपयोग कागज़, वस्त्र और चमड़े के लिए रंजक के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, इसे एंटीसेप्टिक और कवकनाशी के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
- इसे भारत, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका में खाद्य रंग के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।
- स्वास्थ्य संबंधी जोखिम: यकृत और गुर्दे की क्षति, प्लीहा (spleen) का बढ़ना, उत्परिवर्तनीय प्रभाव जो आनुवंशिक सामग्री को बदल सकते हैं, और संभावित कैंसरकारी परिणाम।
- अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) ऑरामाइन को एक ऐसे पदार्थ के रूप में वर्गीकृत करती है, जो मनुष्यों के लिए संभवतः कैंसरकारी है।
समावेशी आपदा जोखिम डेटा गवर्नेंस पर APDIM का 10वां सत्र नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
आपदा सूचना प्रबंधन के विकास हेतु एशिया और प्रशांत केंद्र (APDIM) के बारे में
- स्थापना: 2015 में।
- प्रकार: यह एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) का एक क्षेत्रीय संस्थान है।
- मुख्यालय: तेहरान (ईरान)।
- शासी परिषद: इसमें तीन वर्ष की अवधि के लिए चुने गए आठ UNESCAP सदस्य देश और ईरान सरकार शामिल हैं।
- कार्यादेश: APDIM बेहतर सूचना प्रबंधन के माध्यम से आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) को मजबूत करने के लिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों का समर्थन करता है।
- कार्य: डेटा व ज्ञान साझा करना, क्षमता निर्माण करना, जोखिम आकलन और विश्लेषण करना, देशों को पूर्व-चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने में मदद करना, प्रतिक्रिया समन्वय और आपदा-पश्चात पुनर्प्राप्ति योजना बनाना, क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना आदि।
Article Sources
1 sourceभारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने पूर्वोत्तर में माल आवाजाही, यात्री परिवहन और नदी-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के बारे में
- उत्पत्ति: 1986 में स्थापित। यह केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन एक नोडल एजेंसी है। इसे भारत में राष्ट्रीय जलमार्गों (NW) के विकास और विनियमन का कार्य सौंपा गया है।
- मुख्यालय: नोएडा, उत्तर प्रदेश।
- अधिदेश और कार्य:
- शिपिंग और नौवहन के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों का विकास एवं विनियमन।
- अवसंरचना का विकास जैसे- ड्रेजिंग, नदी संबंधी प्रशिक्षण, टर्मिनल निर्माण और नौवहन सहायता।
- अंतर्देशीय जल परिवहन (IWT) के माध्यम से माल और यात्रियों की सुरक्षित एवं कुशल आवाजाही सुनिश्चित करना।
- राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास: राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 के लागू होने के बाद, कुल 111 जलमार्ग विकास के लिए IWAI के अधीन आ गए हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भारत NCAP 2.0 का संशोधित मसौदा जारी किया।
- संशोधित मसौदे के तहत, किसी वाहन की रेटिंग पांच मूल्यांकन क्षेत्रों पर आधारित होगी। ये पांच मूल्यांकन क्षेत्र हैं- दुर्घटना से सुरक्षा, असुरक्षित सड़क उपयोगकर्ता सुरक्षा, सुरक्षित ड्राइविंग, दुर्घटना से बचाव और दुर्घटना के बाद सुरक्षा।
भारत-नई कार आकलन कार्यक्रम (भारत NCAP) के बारे में
- शुरुआत: इसे दुर्घटना-प्रतिरोध रेटिंग के लिए अक्टूबर 2023 में शुरू किया गया था और यह 2027 तक मान्य होगा।
- उद्देश्य: दुर्घटना परीक्षण और आकलन मानदंडों के आधार पर वाहनों के लिए सुरक्षा रेटिंग प्रदान करना।
- यह कार्यक्रम स्वैच्छिक प्रकृति का है।
- रेटिंग जारी करने हेतु नामित एजेंसी: केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT), पुणे।
- आयोजित परीक्षण: ऑटोमोटिव उद्योग मानक (AIS)-197 के अनुसार।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आगामी शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ का दर्जा बदलने वाला कोई विधेयक पेश नहीं किया जाएगा।
- इससे पहले, लोक सभा के एक बुलेटिन में कहा गया था कि केंद्र चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के अंतर्गत लाने के लिए संविधान संशोधन प्रस्तुत करेगा।
- इससे केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में एक स्वतंत्र प्रशासक के लिए मार्ग प्रशस्त हो जाता।
- उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पंजाब का राज्यपाल चंडीगढ़ का प्रशासक होता है।
संविधान के अनुच्छेद 240 के बारे में
- यह राष्ट्रपति को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह; लक्षद्वीप; दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव सहित कुछ केंद्र शासित प्रदेशों की शांति, प्रगति व प्रभावी शासन के लिए नियम बनाने की शक्ति प्रदान करता है।