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भारत ने 2030 के राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) की मेजबानी का अधिकार सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स का 100वां शताब्दी (सेंटेनरी) समारोह भी होगा। 

कॉमनवेल्थ गेम्स के बारे में

  • यह बहु-खेल आयोजन है। यह प्रत्येक चार वर्षों  पर आयोजित होता है। इसमें राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसकी शुरुआत 1930 में हुई थी।
  • भारत ने इससे पहले 2010 में 19वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी।
  • अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से 2030 के सेंटेनरी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए चुना गया है।

राष्ट्रमंडल के बारे में

  • इसकी शुरुआत 1926 के इम्पीरियल कॉन्फ्रेंस से मानी जाती है, जहाँ ब्रिटेन और उसके डोमिनियन राज्यों ने सहमति दी कि वे ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर एक समान समुदाय के सदस्य हैं।
  • लंदन घोषणा-पत्र (1949) ने आधुनिक राष्ट्रमंडल की नींव रखी और यह स्पष्ट किया कि गणराज्य और अन्य देश भी राष्ट्रमंडल के सदस्य बन सकते हैं।
  • सदस्य देश: कुल 56 देश

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में PM1 के स्तर की निगरानी नहीं होती, जबकि यह PM2.5 की तुलना में स्वास्थ्य के लिए अधिक खतरा उत्पन्न करता है।

  • परिभाषा: PM1 वे कण होते हैं जिनका आकार 1 माइक्रोन से भी कम होता है।
  • मुख्य स्रोत:  वाहनों के धुएं; औद्योगिक प्रतिष्ठानों के धुएँ तथा उत्सर्जन, दहन प्रक्रियाओं और लकड़ी जलाने या आग से निकलने वाले धुएं।
  • मुख्य खतरे:
    • यह फेफड़ों के उत्तकों तक पहुँच सकता है, रक्त-प्रवाह में मिल सकता है, शरीर के आंतरिक अंगों तक पहुँच जाता है।
    • इसके साथ भारी धातुएँ, रसायन और वाष्पशील यौगिक भी शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
  • विनियमन की कमी: भारत के वर्तमान वायु-गुणवत्ता मानकों के तहत PM1 को विनियमित नहीं किया जाता। साथ ही, यहाँ PM1 स्तर की निगरानी के लिए अवसंरचनाओं की कमी है।
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फिन्स वीवर प्रजाति तराई के दलदली निचले इलाकों से गायब हो रही है। यह क्षेत्र इस पक्षी प्रजाति का आखिरी बचा हुआ मुख्य पर्यावास है।

फिन्स वीवर के बारे में

  • फिन्स वीवर (प्लोसियस मेगारिन्चस) घासभूमि और आर्द्रभूमि में दिखने वाला पक्षी है। यह मुख्य रूप से भारत और नेपाल के तराई क्षेत्रों में पाया जाता है।
  • इसे येलो वीवर और हिमालयन वीवर भी कहा जाता है। उत्तराखंड में इसे पहाड़ी बय्या के नाम से जाना जाता है।
  • IUCN रेड लिस्ट स्थिति: एंडेंजर्ड 
  • पर्यावास: दलदली भूमि, जल के किनारे वनस्पतियां, लंबी घास वाले क्षेत्र।
  • खतरा: पर्यावास का नष्ट होना, कृषि क्षेत्र का विस्तार, घासभूमि का अन्य उद्देश्यों से उपयोग में लाना, घोंसलों के अण्डों का शिकार। 

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ‘अंतरराष्ट्रीय IDEA’ के अध्यक्ष का पद धारण करने वाले हैं। इससे निर्वाचन से संबंधित वैश्विक प्रशासन में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका और सुदृढ़ होगी।

अंतरराष्ट्रीय IDEA के बारे में 

  • यहां IDEA से आशय है; लोकतंत्र और निर्वाचन सहायता संस्थान (Institute for Democracy and Electoral Assistance) . 
  • यह एक अंतर-सरकारी संगठन है। यह पूरे विश्व में लोकतंत्र को बढ़ावा देता है।
  • उद्देश्य: निर्वाचन प्रक्रियाओं, संविधान-निर्माण, लोकतंत्र के मूल्यांकन, भागीदारी और शासन सुधारों में सहायता देना।
  • सदस्य: 35 देश (संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान पर्यवेक्षक देश)।
    • भारत इस संगठन का सदस्य है।

उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में इस पर चिंता व्यक्त की कि न्यायालय की कुछ खंडपीठ, पूर्व में न्यायाधीशों की समान संख्या वाली खंडपीठ (Coordinate Bench) के निर्णयों/आदेशों को पलट रही हैं। इस मामले में ‘विधिक सातत्यता (Legal consistency)’ के महत्व पर जोर दिया गया।

  • विधिक सातत्यता वह सिद्धांत है जिसके अनुसार विधि और विधि पर निर्णय सामंजस्यपूर्ण होने चाहिए और एक-दूसरे के विपरीत नहीं होने चाहिए।

अनुच्छेद 141 के बारे में

  • यह प्रावधान करता है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होती है।
  • एकरूपता: यह प्रावधान सभी राज्यों में तथा निचली अदालतों में विधि की समान व्याख्या सुनिश्चित करता है।
  • प्रमाणिकता: सांविधिक और संवैधानिक विषयों (Statutory and constitutional matters) पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय अंतिम कानूनी प्राधिकार माने जाते हैं।
  • विस्तार क्षेत्र: न्यायालय के निर्णय के केवल मुख्य तर्क यानी निर्णय का मूल विधिक सिद्धांत (ratio decidendi) बाध्यकारी होता है, जबकि सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियां या विचार (obiter dicta) बाध्यकारी नहीं होते।

केंद्र सरकार ने PMJVK के क्रियान्वयन की समीक्षा की और इसके पोर्टल तथा SNA-SPARSH के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।

PMJVK के बारे में

  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही केंद्र-प्रायोजित योजना है।
  • उद्देश्य: अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, हॉस्टल, कम्युनिटी हॉल, पेयजल, स्वच्छता और कौशल विकास सुविधाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना।
  • किन क्षेत्रों में लागू: अल्पसंख्यक जनसंख्या मानदंड पूरा करने वाले सभी सभी जिले।
  • पात्रता: ऐसे क्षेत्र जहां 15 किलोमीटर के दायरे (कैचमेंट क्षेत्र) में अल्पसंख्यक आबादी कुल आबादी की 25% से अधिक हो।

सिंगल नोडल एजेंसी - सिस्टमैटिक प्रोग्रेसिव अकाउंटिंग रिसोर्स फॉर स्टेट हार्मोनाइजेशन (SNA-SPARSH)

  • SNA-SPARSH प्रणाली वित्त प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई है। यह केंद्र और राज्यों से मिलने वाले वित्त-पोषण को समय पर उपलब्ध कराने में मदद करती है। 
    • यह प्रणाली राज्य की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS) को भारतीय रिजर्व बैंक के e-Kuber प्लेटफॉर्म से जोड़कर कार्य करती है।

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में LEAP विमान इंजनों के लिए सफरान कंपनी के मेंटेनेंस (रखरखाव), रिपेयर (मरम्मत) और ओवरहाल (नवीनीकरण) यानी MRO प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया।

  • LEAP इंजन: यह CFM इंटरनेशनल द्वारा विकसित ईंधन-दक्ष अगली पीढ़ी का वाणिज्यिक विमान इंजन है।

MRO के बारे में

  • MRO उन औद्योगिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को कहा जाता है जो सुनिश्चित करती हैं कि विमान इंजन, उनके पुर्जे और पूरी प्रणाली उड़ान-योग्य (airworthy) और क्रियाशील बनी रहें।
  • इस प्रक्रिया में नियमित रखरखाव, मरम्मत, निरीक्षण, नवीनीकरण, और पुर्जों को बदलना शामिल है।

चीन ने JUNO का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।

JUNO के बारे में

  • JUNO,  चीन के ग्वांगडोंग प्रांत में नया भूमिगत न्यूट्रिनो-डिटेक्टर है।
  • इसका उद्देश्य न्यूट्रिनो ऑसिलेशन (न्यूट्रिनो के बदलते रूप) का अध्ययन करना और न्यूट्रिनो के द्रव्यमान क्रम (न्यूट्रिनो मास ऑर्डरिंग) को समझना है।
  • नोट: यह जापान के Juno मिशन से अलग है। जापान का Juno मिशन बृहस्पति  ग्रह का अध्ययन करता है। 
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