प्रीह विहियर मंदिर | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा संघर्ष के बीच भारत ने प्रीह विहियर मंदिर की सुरक्षा का आह्वान किया।

प्रीह विहियर मंदिर के बारे में:

  • अवस्थिति: कंबोडिया में (थाईलैंड से सटी सीमा के निकट)।
  • प्रधान देवता: यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
  • इतिहास: इस मंदिर का निर्माण खमेर राजवंश के राजा यशोवर्मन प्रथम (889–910 ईस्वी) ने आरंभ कराया था तथा राजा सूर्यवर्मन द्वितीय (1113–1150 ईस्वी) के शासनकाल के दौरान इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था।
  • यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

हाल ही में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मखाना क्षेत्रक के समग्र विकास के लिए ₹476 करोड़ की एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना शुरू की गई।

  • साथ ही अनुसंधान, गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन, मूल्य संवर्धन और निर्यात प्रोत्साहन के लिए एक रोडमैप को भी मंजूरी दी गई।

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के बारे में

  • मंत्रालय: कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन है। 
  • लक्ष्य: मखाना क्षेत्रक के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और वैश्विक स्थिति को बढ़ावा देना।
  • अवस्थिति: बिहार। 
  • उद्देश्य: किसानों की आय में सुधार करना तथा वैज्ञानिक खेती, तालाबों से निकालने के बाद के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना।

NASA का मंगल की कक्षा में मौजूद मेवेन अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया।

  • MAVEN (मार्स अट्मॉस्फियर एंड वोलेटाइल एवोल्यूशन) अंतरिक्ष यान के बारे में:
    • प्रक्षेपण: वर्ष 2013 में NASA द्वारा प्रक्षेपित किया गया था। 
    • उद्देश्य: मंगल के ऊपरी वायुमंडल व आयनोस्फीयर और सूर्य एवं सौर पवनों के साथ इनकी अभिक्रिया का पता लगाना। इससे मंगल के वायुमंडल के अंतरिक्ष में लुप्त होने का पता लगाया जा सकेगा। 

'पैक्स सिलिका' संयुक्त राज्य अमेरिका की नई महत्वपूर्ण खनिज विविधीकरण योजना है। भारत को इस योजना से बाहर रखा गया है।

पैक्स सिलिका पहल के बारे में:

  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है। इसका उद्देश्य एक सुरक्षित, समृद्ध एवं नवाचार-संचालित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाना है। इसमें महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा इनपुट से लेकर उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, AI अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स तक शामिल होंगे।  
  • लक्ष्य: निर्भरताओं को कम करना। साथ ही, यह सुनिश्चित करना कि संबंधित राष्ट्र परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर विकसित और उपयोग कर सकें।
  • सदस्य: जापान, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया।

भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD)–भारत दिवस पर ग्रामीण परिवर्तन और विकास नेतृत्व पर प्रकाश डाला।

IFAD के बारे में

  • मुख्यालय: रोम (इटली)। 
  • संयुक्त राष्ट्र विशेष एजेंसी: IFAD एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान और संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट एजेंसी है। यह ग्रामीण गरीबी और भुखमरी को समाप्त करने के प्रति समर्पित है।
  • लघु जोत पर ध्यान: यह वित्त, प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी के माध्यम से लघु जोत वाले किसानों, चरवाहों एवं ग्रामीण उद्यमियों का समर्थन करता है।
  • ग्रामीण विकास वित्त-पोषण: यह कृषि, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन, मूल्य-श्रृंखला विकास और आजीविका विविधीकरण के लिए ऋण एवं अनुदान प्रदान करता है।

हाल ही में, ICRIER-Prosus सेंटर ने एक रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट भारतीय राज्यों में डिजिटलीकरण में महत्वपूर्ण असमानताओं को उजागर करती है। इनमें से कुछ राज्य तेजी से प्रगति कर रहे हैं, जबकि अन्य पीछे छूट रहे हैं।

  • ICRIER: अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर भारतीय अनुसंधान परिषद। 
  • Prosus यूरोप की एक कंपनी है।  

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • यह रिपोर्ट उप-राष्ट्रीय स्तर पर असमान डिजिटल परिवर्तन को उजागर करती है। इसमें राज्य विभिन्न गति से प्रगति कर रहे हैं।
  • डिजिटलीकरण स्कोर में दिल्ली शीर्ष पर है। इसके बाद केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा हैं।
  • झारखंड जैसे राज्य बहुत नीचे हैं। यह असामनता डिजिटलीकरण में राज्यों के मध्य व्यापक अंतर को दर्शाती है।
  • यदि पिछड़े राज्य गति नहीं पकड़ पाते हैं, तो भारत के महत्वाकांक्षी डिजिटल भारत लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निर्बाध, कुशल और पारदर्शी उपयोग के लिए कोयला लिंकेज (कोलसेतु/ CoalSETU) की नीलामी नीति को मंजूरी प्रदान की। 

कोलसेतु नीति के बारे में:

  • यह 2016 की गैर-विनियमित क्षेत्रक (NRS) लिंकेज नीलामी नीति के तहत कोयले के लिए एक नई नीलामी विंडो बनाती है।
  • उद्देश्य: किसी भी तरह के औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए नीलामी के आधार पर कोयला लिंकेज का दीर्घकालिक आवंटन करने की अनुमति प्रदान करना। 
  • अपवाद: कोकिंग कोयले को इस विंडो के तहत प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।
  • भागीदारी: कोयले की आवश्यकता वाला कोई भी घरेलू खरीदार लिंकेज नीलामी में भाग ले सकता है। 
    • व्यापारियों को इस विंडो के तहत बोली लगाने की अनुमति नहीं है।
  • प्राप्त कोयले का उपयोग:
    • खरीदार द्वारा स्वयं उपभोग।
    • कोयले का निर्यात (लिंकेज मात्रा का 50% तक)।
    • कोयला धुलाई या नीति के तहत अनुमत अन्य उद्देश्य।
    • अपवाद: देश में पुनर्विक्रय (Resale) की अनुमति नहीं है।

उच्चतम न्यायालय ने "प्रधान मंत्री गरीब कल्याण पैकेज: कोविड-19 से लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना" के तहत कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाले सभी चिकित्सकों को ₹50 लाख के बीमा के दायरे अंतर्गत लाने का निर्देश दिया। 

“प्रधान मंत्री गरीब कल्याण पैकेज: कोविड-19 से लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना” के बारे में

  • उद्देश्य: कोविड-19 ड्यूटी में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना।
  • कार्यान्वयन मंत्रालय: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार।
  • बीमा कवरेज: प्रति लाभार्थी ₹50 लाख का दुर्घटना बीमा कवर।
  • कवरेज का दायरा:
    • ड्यूटी के दौरान कोविड-19 संक्रमण के कारण मृत्यु; तथा 
    • कोविड-19 से संबंधित ड्यूटी करते समय आकस्मिक मृत्यु।
  • लाभार्थी: डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिक्स और सहायक कर्मचारियों सहित कोविड-19 ड्यूटी में प्रत्यक्ष रूप से शामिल स्वास्थ्य सेवा कर्मी।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet