UNEA-7 में भारत के वनाग्नि से संबंधित एक संकल्प को अपनाया गया | Current Affairs | Vision IAS
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भारत का प्रस्ताव बढ़ती जंगल की आग से निपटने, जलवायु जोखिमों से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, ज्ञान साझाकरण और वित्तीय सहायता को बढ़ावा देता है।

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नैरोबी (केन्या) में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा का 7वां सत्र (UNEA-7) संपन्न हुआ। इस सत्र में भारत के 'वनाग्नि के वैश्विक प्रबंधन को मजबूत करना' (Strengthening the Global Management of Wildfires) शीर्षक से एक संकल्प को अपनाया गया है।

  • इस संकल्प का उद्देश्य वनाग्नि के प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करना है। 
  • UNEA-7 में कुल 11 संकल्प पारित किए गए हैं। इनमें प्रवाल भित्तियों (coral reefs), रोगाणुरोधी प्रतिरोध (antimicrobial resistance), हिमांकमंडल (cryosphere), रसायन, अपशिष्ट आदि से संबंधित संकल्प शामिल हैं। 

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 'स्प्रेडिंग लाइक वाइल्डफायर' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहे, तो 2100 तक वनाग्नि में 50% की वृद्धि हो सकती है।

भारत के संकल्प के प्रमुख बिंदु

  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना: पूर्व-चेतावनी प्रणालियों, जोखिम आकलन, उपग्रह  व भूमि आधारित निगरानी प्रणालियों और सामुदायिक चेतावनी तंत्र का विकास करना चाहिए।
  • क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग में वृद्धि: वनाग्नि रोकथाम, प्रतिक्रिया के बाद पुनर्प्राप्ति और पारिस्थितिकी-तंत्र की बहाली का समर्थन करने वाले तंत्रों का विकास करना चाहिए।
  • ज्ञान साझाकरण और क्षमता निर्माण: सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रशिक्षण एवं कार्यक्रमों के लिए मंचों का निर्माण करना चाहिए।
  • राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कार्य योजनाओं के लिए समर्थन: एकीकृत आगजनी प्रबंधन और वनाग्नि से निपटने की अनुकूलन रणनीतियों के लिए सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
  • वित्त तक पहुंच को सुगम बनाना: बहुपक्षीय और परिणाम-आधारित वित्त-पोषण के लिए परियोजना तैयारी में मदद करनी चाहिए। 

भारत में वनाग्नि की वर्तमान स्थिति

  • भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR), 2019 के अनुसार, देश के 36% से अधिक वन बार-बार वनाग्नि की चपेट में आते हैं, लगभग 4% अत्यधिक वनाग्नि प्रवण हैं, और 6% बहुत अधिक अग्नि-प्रवण पाए गए हैं।
  • उपग्रह-आधारित रिमोट सेंसिंग प्रौद्योगिकी और GIS उपकरण (जैसे- MODIS सेंसर एवं SNPP-VIIRS) वनाग्नि की बेहतर रोकथाम व प्रबंधन में प्रभावी रहे हैं।
    • MODIS: मॉडरेट रेजोल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रो-रेडियोमीटर। 
    • SNPP-VIIRS: सुओमी-नेशनल पोलर-ऑर्बिटिंग पार्टनरशिप- विजिबल इन्फ्रारेड इमेजिंग रेडियोमीटर सूट।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (UNEA) के बारे में

मुख्यालय: नैरोबी (केन्या)। 

  • स्थापना: इसे 2012 में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास सम्मेलन में स्थापित किया गया था।
  • भूमिकाएं और कार्य:
    • यह पर्यावरण से संबंधित मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है।
    • यह वैश्विक पर्यावरण एजेंडा निर्धारित करता है; नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान करता है तथा विश्व में उभरती पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए नीतिगत प्रतिक्रियाओं को परिभाषित करता है।
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