इसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं।
- पुरस्कार प्राप्त करने वालों में 19 महिलाएं, विदेशी /NRI/ PIO/ OCI श्रेणी के 6 लोग और 16 मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाले शामिल हैं। 2 संयुक्त मामले हैं, जिन्हें एक गिना गया है।
पद्म पुरस्कारों के बारे में
- यह देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं, जो निम्नलिखित तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं-
- पद्म विभूषण: असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए;
- पद्म भूषण: उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए; तथा
- पद्मश्री: किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए।
- अन्य नागरिक पुरस्कार भारत रत्न है। यह भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार/ सम्मान है।
- इतिहास: इसे 1954 में तीन श्रेणियों के साथ पद्म विभूषण के रूप में शुरू किया गया था। 1955 में इसका नाम बदलकर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री कर दिया गया।
- ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष दिए जाते हैं। हालांकि, 1978 व 1979 में और 1993 से 1997 तक ये पुरस्कार वितरित नहीं किए गए थे।
- गतिविधियां/ विषय: ये पुरस्कार विविध विषयों/ गतिविधियों से संबंधित क्षेत्रों में दिए जाते हैं। जैसे- कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक कार्य, विज्ञान व इंजीनियरिंग, व्यापार एवं उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि।
- अपात्रता: सरकारी कर्मचारी, जिनमें PSU में कार्य करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि, चिकित्सक और वैज्ञानिक पात्र हैं।
- स्थिति: बालाजी राघवन बनाम भारत संघ वाद, 1996 में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि ये पुरस्कार संविधान के अनुच्छेद 18(1) के तहत कोई उपाधि नहीं हैं। इन्हें नाम के आगे या पीछे उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
- अनुच्छेद 18(1) राज्य को सैन्य और शैक्षणिक विशिष्टता को छोड़कर कोई भी उपाधि देने से रोकता है।
- सीमा: पुरस्कारों की संख्या प्रतिवर्ष 120 तक सीमित है। हालांकि, मरणोपरांत और विदेशी/ NRI के मामले अपवाद हैं।
- आमतौर पर ये पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिए जाते हैं। हालांकि, अत्यधिक योग्य होने की स्थिति में, सरकार व्यक्ति को मरणोपरांत पुरस्कार देने की घोषणा कर सकती है।
पद्म पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया
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