भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने राष्ट्रीय विकास में सहायता के लिए विभिन्न क्षेत्रकों में कई परियोजनाएं शुरू की हैं।
अंतरिक्ष प्रणालियों द्वारा समर्थित प्रमुख विकास लक्ष्य
- कृषि विकास: फसल वृद्धि का व्यापक रिमोट सेंसिंग पर्यवेक्षण (CROP); 'प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) जैसी योजनाओं को सहायता आदि।
- आपदा प्रबंधन: हिमनदीय झीलों की निगरानी; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मानचित्रण; आकाशीय बिजली गिरने का तत्काल पूर्वानुमान; उपग्रह आधारित एकीकृत भूस्खलन आकलन व चेतावनी प्रणाली आदि।
- समुद्री सुरक्षा: 'प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना' (PMMSY) के तहत 'पोत संचार और समर्थन प्रणाली' (VCSS) मछुआरों को जीवन-सुरक्षा तथा आपदा चेतावनी जारी करती है।
- जलवायु निगरानी: वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए GeoAI फ्रेमवर्क का विकास किया गया है। भूमि उपयोग, भूमि उपयोग परिवर्तन आदि के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन सूची का मात्रात्मक निर्धारण किया गया है।
- सामाजिक कल्याण: 'प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना' (WDC-PMKSY) के जलसंभर विकास घटक की निगरानी; 'प्रधान मंत्री आवास योजना-सभी के लिए आवास' (शहरी) के तहत परियोजनाओं की निगरानी। ‘भुवन जियोपोर्टल' लॉन्च किया है, जो ऑनलाइन रिमोट सेंसिंग डेटा सेवाएं प्रदान करता है।
- रक्षा: उदाहरण के लिए- MOSDAC-IN (मौसम विज्ञान और समुद्र विज्ञान उपग्रह डेटा अभिलेखागार केंद्र- भारतीय नौसेना) वेब-पोर्टल, जो अनुकूलित उपग्रह-व्युत्पन्न मौसम उत्पाद प्रदान करता है।
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्रक प्रोफाइल
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