प्रख्यात समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती को उनकी जयंती (12 फरवरी) पर पर स्मरण किया गया।

स्वामी दयानंद सरस्वती (1824-1883)
प्रख्यात समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती को उनकी जयंती (12 फरवरी) पर पर स्मरण किया गया।
- स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म गुजरात में हुआ था।
- उन्होंने वर्ष 1875 में आर्य समाज की स्थापना की थी।
- उन्होंने बाल विवाह और विधवाओं पर थोपी जाने वाली कठोर प्रथाओं जैसी सामाजिक कुरीतियों का सशक्त विरोध किया।
- वे ऐसी शिक्षा प्रणाली के पक्ष में थे जो व्याकरण, दर्शन, वेदों, विज्ञान, चिकित्सा, संगीत और कला पर जोर दे।
- उन्होंने एक ऐसी शासन व्यवस्था की कल्पना की जो विकेंद्रीकरण का प्रतीक हो। जैसे कि एक विशाल राष्ट्रमंडल जिसकी इकाई गाँव हो।
- महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति: सत्यार्थ प्रकाश।
- आध्यात्मिक कार्य: उन्होंने 'त्रैतवाद' की वैदिक अवधारणा प्रस्तुत की।
इसके अंतर्गत तीन शाश्वत तत्वों की मान्यता दी गई—ईश्वर, जीव और प्रकृति।