रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में DAC ने सेवाओं के विभिन्न प्रस्तावों के लिए 'आवश्यकता की स्वीकृति' (AoN) प्रदान की है। इसमें राफेल, AS-HAPS आदि शामिल हैं। इनकी अनुमानित लागत लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये है।
मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA/ राफेल) के बारे में:
- प्रकार: ट्विन-जेट लड़ाकू विमान।
- पीढ़ी: 4.5 पीढ़ी।
- संचालन: इसे विमान वाहक पोत (Aircraft Carrier) और तट-आधारित बेस दोनों से संचालित किया जा सकता है।
- ओम्नीरोल क्षमताएं: यह हवाई रक्षा, हमले, टोही (Reconnaissance), परमाणु हमला रोकथाम जैसे सभी लड़ाकू विमानन मिशनों को संपन्न कर सकता है।
- निर्माता: डसॉल्ट एविएशन (फ्रांस) द्वारा विकसित।
- अन्य प्रमुख विशेषताएं: रडार के लिए कम-दृश्यता (low-observability) यानी शीघ्रता से रडार की पकड़ में नहीं आएगा, उच्चतर स्तर की पैंतरेबाजी (High Manoeuvrability) आदि।
एयर-शिप आधारित हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) के बारे में:
- संचालन: अत्यधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक परिचालन में सक्षम।
- यह एक स्थायी निगरानी और संचार मंच के रूप में कार्य करता है।
- स्टेशन-कीपिंग क्षमता:
- यह सप्ताहों या महीनों तक एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र के ऊपर तैनात रह सकता है।
- पारंपरिक हवाई प्रणालियों के विपरीत, यह निरंतर और वास्तविक समय (real-time) कवरेज सुनिश्चित करता है।
- एयर-शिप आधारित डिजाइन के लाभ:
- इसका एयर-शिप आधारित डिजाइन हवा में बने रहने की बेहतरीन सहनशक्ति और पेलोड क्षमता प्रदान करता है।
- यह खुफिया जानकारी जुटाने, सीमा की निगरानी करने और संचार कार्यों के लिए कई तरह के सेंसर्स के एकीकरण को सक्षम बनाता है।
अन्य प्रमुख प्रस्ताव:
- भारतीय सेना: एंटी-टैंक माइन्स (विभव), टी-72 टैंक, आदि।
- भारतीय नौसेना: P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान, आदि।
- भारतीय तटरक्षक बल (ICG): समुद्री निगरानी की प्रभावकारिता में सुधार के लिए डोर्नियर विमान हेतु इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड प्रणाली।
- डोर्नियर (DO-228) विमान एक अत्यधिक बहुमुखी व बहुउद्देशीय हल्का परिवहन विमान है।