रक्षा विभाग ने संयुक्तता, आत्मनिर्भरता, सैन्य आधुनिकीकरण और रक्षा तंत्र के उत्पादन को बढ़ाने के लिए DAP-2026 का मसौदा तैयार किया है।
- मंजूरी मिलने के बाद, यह रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2020 का स्थान लेगी।
मसौदा DAP- 2026 के मुख्य प्रावधान
- उद्देश्य: भारत के रक्षा अधिग्रहण को "तेजी से बदलते भू-रणनीतिक परिदृश्य", अर्थव्यवस्था की वृद्धि, निजी क्षेत्रक के रक्षा उद्योग के विकास और आधुनिक युद्ध की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना।
- वित्तीय और अनुभव मानदंडों में राहत: समावेशी भागीदारी; त्वरित अधिग्रहण के लिए निर्णय लेने की शक्तियों के हस्तांतरण और परीक्षण व गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं में सुधार का प्रस्ताव किया गया है।
- डिजिटलीकरण और स्वचालन: अधिग्रहण की प्रक्रियाओं और प्रणालियों में डिजिटलीकरण एवं स्वचालन का व्यापक समावेश किया जाएगा।
- आत्मनिर्भरता: खरीद के लिए "खरीद भारतीय-IDDM (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और विनिर्मित)" श्रेणी को संस्थागत प्राथमिकता देने पर ध्यान केंद्रित करना।
- अधिग्रहण परियोजनाओं का वर्गीकरण: आत्मनिर्भरता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी उपलब्धता और विनिर्माण तत्परता आदि के आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा।
- स्टार्ट-अप और MSMEs: ये बौद्धिक संपदा (IP) अधिकारों या बैंक गारंटी के बदले अग्रिम भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
- गुणवत्ता व परीक्षण में सुधार: विनिर्माण तत्परता और लघु तकनीकी चक्रों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए परीक्षण एवं गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2020 के प्रमुख प्रावधान
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रक्षा विभाग ने संयुक्तता, आत्मनिर्भरता, सैन्य आधुनिकीकरण और रक्षा तंत्र के उत्पादन को बढ़ाने के लिए DAP-2026 का मसौदा तैयार किया है।