एक सांसद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के विरुद्ध एक मूल प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है।
- प्रस्ताव वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कोई सदस्य सदन से किसी विषय पर निर्णय या राय मांगता है।
मूल प्रस्ताव (Substantive Motion) के बारे में
- यह एक स्व-निहित (self-contained) यानी स्वतंत्र प्रस्ताव है, जिसे किसी विशेष विषय पर चर्चा और निर्णय के लिए पेश किया जाता है।
- उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के आचरण पर चर्चा केवल उचित शब्दों में तैयार किए गए मूल प्रस्ताव पर ही की जा सकती है।
- राष्ट्रपति पर महाभियोग के प्रस्ताव, या अविश्वास प्रस्ताव मूल प्रस्तावों के उदाहरण हैं।
- किसी सांसद के विरुद्ध मूल प्रस्ताव के परिणामस्वरूप निंदा (सदस्यता समाप्त किए बिना आचरण की अस्वीकृति), निलंबन, या निष्कासन हो सकता है।
अन्य प्रमुख प्रस्ताव
- सहायक प्रस्ताव (Subsidiary Motion): यह मूल प्रस्ताव पर निर्भर होता है और चर्चा को नियंत्रित करने के लिए लाया जाता है। उदाहरण: संशोधन या स्थगन प्रस्ताव।
- स्थानापन्न प्रस्ताव (Substitute Motion): यह मूल प्रस्ताव के स्थान पर लाया जाता है, ताकि किसी नीति या स्थिति पर नए सिरे से विचार किया जा सके।
भारत में पहली बार गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश, इक्विटी-आधारित म्यूचुअल फंडों में निवेश से अधिक रहा।
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के बारे में
- यह एक प्रकार का निवेश फंड है। इसमें कई प्रकार की अंतर्निहित परिसंपत्तियां (जैसे शेयर, स्वर्ण, बॉण्ड आदि) शामिल होती हैं।
- ETF को शेयर बाजार में शेयर की तरह खरीदा और बेचा जा सकता है।
- ETF की कीमतें पूरे कारोबार दिवस के दौरान हर समय बदलती रहती हैं। इसके विपरीत म्यूचुअल फंड की कीमत दिन में केवल एक बार (बाजार बंद होने के बाद) तय होती है।
- सामान्यतः ETF में दैनिक लिक्विडिटी (यानी लेनदेन) अधिक होती है और शुल्क कम होते हैं। इसलिए इसे आसानी से ख़रीदा-बेचा जा सकता है।
- ETF को लघु इकाइयों (Fractions) में नहीं खरीदा या बेचा जा सकता। इसके विपरीत म्यूचुअल फंड की आंशिक यूनिट्स खरीदी जा सकती है।
आईसीएआर-केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (CMFRI) ने नियंत्रित परिस्थितियों में मैंग्रोव क्लैम (Geloina Erosa) के कृत्रिम प्रजनन में सफलता प्राप्त की है।
मैंग्रोव क्लैम के बारे में
- मैंग्रोव क्लैम को आमतौर पर 'मड क्लैम' के रूप में जाना जाता है।
- यह पारिस्थितिकी दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजाति है, हालांकि, इनकी संख्या घट रही है।
- ये दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के मैंग्रोव और नदीमुख पारितंत्रों में प्राप्त होती हैं।
- यह द्विकपाटी (Bivalve) प्रजाति है।
- द्विकपाटी : ये मोलस्क के विविध समूह हैं। इनमें क्लैम, ऑइस्टर (सीप), स्कैलप और मसल्स शामिल हैं।
- इनके दो खोल (shells) होते हैं। ये जीव ताजे जल और खारे जल, दोनों में प्राप्त होते हैं।
- ये जीव कार्बनिक पदार्थों से समृद्ध पंकयुक्त सतहों में प्राप्त होते हैं। पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण और तलछट को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।।
- तटीय समुदायों की आजीविका और खाद्य सुरक्षा में सहायक हैं।
- केरल के कुछ भागों में इन्हें स्थानीय रूप से “कंडल कक्का” कहा जाता है।
Article Sources
1 sourceहाल के एक अध्ययन के अनुसार, पिछली शताब्दी में कई पारितंत्रों में अल्पकालिक 'स्पीशीज टर्नओवर' यानी ‘प्रजाति स्थानापन्न’ की गति धीमी हो गई है।
- यह धीमापन पर्यावरण का क्षरण और क्षेत्रीय प्रजाति समूहों के संकुचन का दुष्प्रभाव है।
स्पीशीज टर्नओवर के बारे में
- ‘टर्नओवर’ से आशय उस दर से है, जिस पर किसी पारिस्थितिक समुदाय में कुछ प्रजातियाँ समाप्त होती हैं और उनकी जगह नई प्रजातियां आ जाती हैं।
- स्पीशीज टर्नओवर प्रजातियों के बीच प्रतिस्पर्धा, परभक्षण , सहोपकारिता आदि के कारण घटित होती है।
- टर्नओवर की गति में कमी पारितंत्र के भविष्य के जलवायु में उतार-चढ़ाव से निपटने की क्षमता को कम कर सकती है। इससे अचानक पारिस्थितिक तंत्र में संरचना परिवर्तन का खतरा बढ़ जाता है।
भारत ने पहली बार कंबाइंड टास्क फोर्स-154 (CTF-154) की कमान संभाली है।
- CTF-154, संयुक्त समुद्री बल (Combined Maritime Forces: CMF) के तहत एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण टास्क फोर्स है।
संयुक्त समुद्री बल (CMF) के बारे में
- यह समुद्री क्षेत्र में सहयोग के लिए बहुराष्ट्रीय साझेदारी है। इसे “इच्छुक देशों का गठबंधन” (Coalition of the Willing) कहा जाता है।
- यह अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कार्य करता है।
- सदस्य: भारत सहित 47 राष्ट्र। इसमें योगदान स्वैच्छिक और लचीला है।
- दायित्व: अवैध गैर-राज्य तत्वों का मुकाबला करना; समुद्री सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक व्यापार की मुक्त आवागमन को सुनिश्चित करना।
- पांच संयुक्त समुद्री बल (CTF):
- CTF-150: अरब खाड़ी के बाहर समुद्री सुरक्षा अभियान।
- CTF-151: समुद्री दस्यु-रोधी अभियान।
- CTF-152: अरब खाड़ी के भीतर समुद्री सुरक्षा।
- CTF-153: लाल सागर की समुद्री सुरक्षा।
- CTF-154: समुद्री सुरक्षा हेतु प्रशिक्षण।
Article Sources
1 sourceकेरल देश का पहला राज्य बन गया है जिसने 'बैसिलस सबटिलिस' (Bacillus subtilis) को ‘राज्य सूक्ष्मजीव (State Microbe)’ घोषित किया है।
बैसिलस सबटिलिस क्या है?
- यह एक प्रकार का प्रोबायोटिक (अच्छा बैक्टीरिया) है, जो पर्यावरण में व्यापक रूप से पाया जाता है।
- यह मनुष्यों की आंत में प्राकृतिक रूप से मौजूद रहता है और किण्वित (Fermented) खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है।
- औद्योगिक दृष्टि से महत्व: यह एंजाइम (जैसे एमाइलेज, प्रोटीज), एंटीबायोटिक्स (जैसे-बेसिट्रासिन) के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है।
- इसका कृषि और पशु आहार में प्रोबायोटिक के रूप में उपयोग किया जाता है।
- इसका “सामान्य रूप से सुरक्षित के रूप में मान्यता (GRAS)” दर्जा, इसे खाद्य और औषधि क्षेत्रकों में उपयोगी बनाता है।
अंडमान द्वीप समूह के दिगलीपुर में एक दुर्लभ पंक ज्वालामुखी उद्गार की घटना दर्ज की गई है। इस घटना के बाद वैज्ञानिक निगरानी शुरू हो गई है।
- अंडमान द्वीप समूह कई विवर्तनिक प्लेटों की अभिसरण (Convergence) सीमाओं के पास स्थित है। इसलिए यह भूकंप और ज्वालामुखी प्रवण क्षेत्र है।
पंक ज्वालामुखी के बारे में
- ये ऐसी भूगर्भीय संरचनाएं हैं जो भूमिगत दबाव के कारण पंक, जल और गैसों (मुख्य रूप से मीथेन) का मिश्रण उत्सर्जित करती हैं।
- इसमें मैग्मा नहीं निकलता।
- उत्पत्ति: ये ज्वालामुखी उद्गार विवर्तनिक गतिविधि, तलछट संपीडन और हाइड्रोकार्बन युक्त क्षेत्रों से जुड़े होते हैं।
- विशेषताएं: इनका पंक ठंडा होता है या शायद स्थलीय तापमान से थोड़ा ही गर्म होता है।
- महत्व: ये भूमिगत गैस भंडार और सक्रिय भूगर्भीय प्रक्रियाओं के संकेतक होते हैं।
लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर (LSDs) के लिए सरकार द्वारा सहायता प्राप्त भारत का पहला राष्ट्रीय बायोबैंक तैयार किया गया है। इसे छह राज्यों और दो संघ-राज्य क्षेत्रों के 28 संस्थानों के शोधकर्ताओं ने मिलकर तैयार किया है।
- बायोबैंक एक विशेष प्रकार का केंद्र होता है। यहां रक्त, ऊतक (टिश्यू) या डीएनए जैसे जैविक नमूनों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ एकत्र और सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जाता है।
लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर (LSDs) के बारे में
- LSDs अनुवांशिक (वंशानुगत) चयापचय रोगों का एक समूह है। ये विकार लाइसोसोम से जुड़े प्रोटीन बनाने वाले जीन में दोष के कारण होते हैं।
- इन रोगों में शरीर की कोशिकाओं में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं।
- इनके उपचार के विकल्प सीमित और बहुत महंगे हैं। LSDs समूह के कई रोगों का अभी तक कोई इलाज नहीं है।
लाइसोसोम क्या हैं?
- लाइसोसोम कोशिका के अंदर झिल्ली से घिरे अंगक हैं।
- इन्हें कोशिका की “आत्मघाती थैली (Suicidal Bags)” भी कहा जाता है।
- इनमें पाचन एंजाइम होते हैं, जो अपशिष्ट पदार्थों को खंडित करते हैं और कोशिका के घटकों का पुनर्चक्रण करते हैं।