बाह्य वाणिज्यिक उधारियों (ECBs) पर दिशा-निर्देश जारी किए गए | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

In Summary

  • RBI ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट (बॉरोइंग एंड लेंडिंग) (अमेंडमेंट) रेगुलेशन, 2026 के ज़रिए रिवाइज्ड ECB गाइडलाइंस जारी की हैं।
  • ECBs को नॉन-इंडिविजुअल रेजिडेंट एंटिटीज़ FCY या INR में $1 बिलियन या नेट वर्थ के 300% तक जुटा सकती हैं।
  • मिनिमम एवरेज मैच्योरिटी 3 साल है, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बॉरोअर्स के लिए एक्सेप्शन के साथ; ECBs को नॉन-डेट इंस्ट्रूमेंट्स में कन्वर्ट किया जा सकता है।

In Summary

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (उधार लेना और ऋण देना) (प्रथम संशोधन) विनियम, 2026 के माध्यम से बाह्य वाणिज्यिक उधारियों (ECBs) पर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

  • RBI ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विदेशी मुद्रा प्रबंधन (उधार लेना और देना) विनियम, 2018 में ये संशोधन किए हैं।

बाह्य वाणिज्यिक उधारियों (ECBs) के बारे में

  • परिभाषा: ECB से तात्पर्य विदेशी स्रोतों से ऋण, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉण्ड (FCCB), या अन्य वित्तीय साधनों के रूप में धन उधार लेने से है।
  • मुद्रा: एक पात्र उधारकर्ता विदेशी मुद्रा (FCY) या भारतीय रुपये (INR) में ECB ले सकता है।
  • महत्त्व: घरेलू धन की तुलना में विदेशी धन पर ब्याज दरें कम होती हैं, जो इसे आकर्षक बनाती हैं।

 

ECB फ्रेमवर्क

  • पात्र उधारकर्ता: केंद्र या राज्य कानून के तहत निगमित कोई भी गैर-व्यक्तिगत निवासी संस्था (Non-individual resident entity) अब वैधानिक अनुमति के अधीन विदेशी ऋण लेने के लिए पात्र है।
  • उधार सीमा और परिपक्वता (Maturity) में वृद्धि:
    • उच्चतर सीमा: पात्र कंपनियां अब 1 बिलियन डॉलर तक या अपनी नेटवर्थ का 300% तक ECBs जुटा सकती हैं।
    • परिपक्वता अवधि: सामान्य न्यूनतम औसत परिपक्वता अवधि 3 वर्ष निर्धारित की गई है।
      • विनिर्माण क्षेत्रक के उधारकर्ताओं को कुछ शर्तों के तहत 1 से 3 वर्ष की कम औसत परिपक्वता अवधि की अनुमति है।
  • ECB का गैर-ऋण साधन में परिवर्तन: ECB को गैर-ऋण साधन में बदला जा सकता है। इसमें परिपक्व लेकिन भुगतान न की गई बाह्य वाणिज्यिक उधारी भी शामिल हैं। यह परिवर्तन विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण लिखत) नियम, 2019 के अनुसार होना चाहिए।
  • आर्म्स लेंथ सिद्धांत: संबंधित पक्ष से लिया गया ECB 'आर्म्स लेंथ' आधार पर होना चाहिए।
    • आर्म्स लेंथ सिद्धांत का अर्थ: दो संबंधित पक्षों के बीच का लेन-देन इस तरह से आयोजित किया जाता है जैसे कि वे असंबंधित हों, ताकि हितों का कोई टकराव न हो।
  • अंतिम उपयोग पर प्रतिबंध: ECB धन का उपयोग निम्नलिखित के लिए नहीं किया जा सकता:
    • चिट फंड या निधि कंपनियां।
    • शेयर बाजार में निवेश, आदि।
Tags:
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण लिखत) नियम, 2019

These rules, framed under FEMA, govern the issuance and management of non-debt instruments by Indian entities, which can include the conversion of ECBs under specific conditions.

आर्म्स लेंथ सिद्धांत (Arm's Length Principle)

This principle dictates that transactions between related parties should be conducted as if they were between unrelated parties. This ensures that the terms of the transaction are fair and reflect market conditions, preventing any undue advantage or disadvantage due to the relationship.

परिपक्वता (Maturity)

वह निश्चित समय जिस पर बॉण्ड की अवधि समाप्त हो जाती है और जारीकर्ता (issuer) निवेशक को मूलधन का भुगतान करता है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet