IPO की संख्या के मामले में विश्व का अग्रणी बाजार होने के अलावा, भारत IPO के मूल्य के मामले में तीसरा सबसे बड़ा बाजार भी है, जिसमें पूंजी बाजार केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
- आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (Initial Public Offering: IPO) वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा एक निजी कंपनी पहली बार जनता को अपने शेयर बेचकर इक्विटी पूंजी जुटाती है। इससे वह एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी में बदल जाती है।
- इसे प्राथमिक पूंजी बाजार के तहत जारी किया जाता है। यह बाजार नई प्रतिभूतियों के निर्गम से संबंधित होता है।
प्रमुख उपलब्धियां:
- IPO की संख्या: चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में 311 IPOs के माध्यम से 1.7 ट्रिलियन रुपये जुटाए गए थे।
- भारत का जीडीपी की तुलना में बाजार पूंजीकरण अनुपात वित्त वर्ष 2016 के 69% से तेजी से बढ़कर 130% से अधिक हो गया है।
पूंजी बाजार के बारे में
- अर्थ: यह उन सुविधाओं एवं संस्थागत व्यवस्थाओं को संदर्भित करता है, जिनके माध्यम से लंबी अवधि के फंड (ऋण व इक्विटी दोनों) जुटाए जाते हैं और निवेश किए जाते हैं, ताकि उन्हें उत्पादक कार्यों में लगाया जा सके।
- वर्गीकरण: इसे प्राथमिक बाजार और द्वितीयक बाजार में विभाजित किया गया है।
- जहां प्राथमिक बाजार नई प्रतिभूतियों/ शेयरों से संबंधित है, वहीं द्वितीयक बाजार (स्टॉक मार्केट) मौजूदा प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री से संबंधित है।
- प्रतिभागी: वित्तीय संस्थान, बैंक, कॉर्पोरेट संस्थाएं, विदेशी निवेशक और जनता से सामान्य खुदरा निवेशक।
- उपयोग किए जाने वाले उपकरण: इक्विटी शेयर, डिबेंचर, बॉण्ड, प्रेफरेंस शेयर आदि।
