इस परियोजना का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के भीतर कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। इससे यात्री स्थानीय शहर की यात्रा और दिल्ली के लिए सीधी परिवहन सेवा के बीच सुलभता से आवाजाही कर सकेंगे।
नमो भारत क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (RRTS) के बारे में
- यह एक नई रेल-आधारित, सेमी-हाई-स्पीड (180 किमी/ घंटा तक) और दैनिक यात्री (कम्यूटर) पारगमन प्रणाली है।
- मेट्रो से भिन्न: यह उच्च गति और कम ठहराव (स्टेशन पर रुकने) के साथ लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी।
- पारंपरिक ट्रेनों से भिन्न: यह एक समर्पित मार्ग पर उच्च आवृत्ति के साथ बिंदु-दर-बिंदु क्षेत्रीय यात्रा सुनिश्चित करेगी।
- कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (केंद्र सरकार और राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली के बीच एक संयुक्त उद्यम)।
RRTS का महत्त्व
- शहरी भीड़भाड़ को कम करना: 2030 तक 40% से अधिक जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी, जिसे व्यवस्थित करने में यह प्रणाली सहायक सिद्ध होगी।
- यात्रा के समय में कमी और उत्पादकता में वृद्धि: उदाहरण के लिए- दिल्ली-मेरठ RRTS यात्रा के समय को 3 घंटे से घटाकर मात्र 60 मिनट कर देगी।
- संतुलित क्षेत्रीय विकास: यात्रियों को उपनगरीय और प्रादेशिक क्षेत्रों में रहने के लिए प्रोत्साहित करके, यह 'पॉलीसेंट्रिक' (बहु-केंद्रित) आर्थिक विकास का समर्थन करेगी।
- पर्यावरणीय संधारणीयता: यह प्रणाली विद्युत संचालित है। साथ ही, यह निजी कारों पर निर्भरता को कम करने में भी सक्षम है।
- सामाजिक अधिकारिता: यह परियोजना "नारी-शक्ति" के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन नियंत्रण कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या अधिक है।
निष्कर्ष
तीव्र, विश्वसनीय एवं संधारणीय क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को सक्षम करके, 'नमो भारत' RRTS शहरों की भीड़भाड़ कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक उत्प्रेरक बन सकती है। मजबूत मल्टीमॉडल एकीकरण, अभिनव वित्त-पोषण और संस्थागत समन्वय के साथ, यह भारत में क्षेत्रीय परिवहन और शहरी विकास के भविष्य को फिर से परिभाषित कर सकती है।