प्रधान मंत्री की हालिया यात्रा के दौरान, भारत और इजरायल प्रमुख रणनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा व विस्तारित करने पर सहमत हुए।

यात्रा के मुख्य परिणाम
- संबंधों का उन्नयन: संबंधों को "शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी" के रूप में उन्नत किया गया।
- महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों (CET) पर नई पहल: दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) के नेतृत्व में AI, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्रक को शामिल करने वाली एक नई पहल शुरू की गई।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और 'होराइजन स्कैनिंग/ रणनीतिक दूरदर्शिता तंत्र' का शुभारंभ किया गया।
- कामगार आवागमन: अगले 5 वर्षों में 50,000 तक भारतीय कामगारों का कोटा निर्धारित किया गया।
- साइबर सुरक्षा सहयोग: एक बहुवर्षीय साइबर सुरक्षा रोडमैप विकसित किया जाएगा और भारत में 'भारत-इजरायल साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र' की स्थापना की जाएगी।
- कृषि और जल प्रौद्योगिकी साझेदारी: 'भारत-इजरायल कृषि नवाचार केंद्र' (IINCA) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए; कृषि अनुसंधान में 20 संयुक्त फेलोशिप पर सहमति बनी आदि।
- अन्य: UPI-इजरायल भुगतान लिंकेज की संभावना तलाश की जाएगी; 'भारत-इजरायल शैक्षणिक सहयोग मंच' और 'भारत-इजरायल संसदीय मैत्री समूह' का शुभारंभ किया गया आदि।
भारत-इजरायल संबंधों का अवलोकन
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