यह इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा यूएन वीमेन (UN Women) की एक संयुक्त पहल है। इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) का समर्थन प्राप्त है। यह 'वैश्विक दक्षिण’ से लैंगिक-अनुक्रियाशील AI समाधानों को प्रदर्शित करती है।
महिला सशक्तीकरण में AI की भूमिका
- मासिक धर्म स्वास्थ्य सहित स्वास्थ्य सेवा: AI महिलाओं के लिए तीव्र और अधिक सटीक निदान के माध्यम से परिणामों में सुधार कर सकता है।
- उदाहरण: स्मार्ट कोजिन (Smart Kojin) प्रणाली चैट के माध्यम से गोपनीय और निर्णय-मुक्त मासिक धर्म स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) का उपयोग करती है।
- लैंगिक आधारित हिंसा की रोकथाम: AI कानूनी पहुंच में महत्वपूर्ण कमियों को दूर कर सकता है। इससे सुरक्षित, सूचित और आर्थिक रूप से यथार्थवादी पूर्व-मुकदमेबाजी निर्णय संभव हो सकते हैं।
- उदाहरण: न्यायसखी-स्वाति (NyayaSakhi-SWATI) घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को वैधानिक राहत और केस की अवधि का AI-आधारित अनुमान प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाती है।
- न्याय और कानूनी सेवाओं तक पहुंच: AI डिजिटल जागरूकता को व्यावहारिक सुरक्षा में बदलकर हाशिए पर रहने वाली महिलाओं को सशक्त बना सकता है।
- उदाहरण: यशोदा (YASHODA) AI महिलाओं को AI -जनित नुकसानों की पहचान करने, डिजिटल स्वच्छता का अभ्यास करने और कानूनी उपचारों तक पहुंचने के लिए सक्षम बनाता है।
- शिक्षा और कौशल विकास: AI पारंपरिक शिक्षा को बदल सकता है, स्थापित लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती दे सकता है और ज्ञान तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण कर सकता है।
- उदाहरण: एटेनिया (AtenIA) युवा लड़कियों को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व गणित) रोल मॉडल्स के साथ वार्ता करने में सक्षम बनाकर व्यक्तिगत परामर्श प्रदान करता है।
- महिला सुरक्षा: AI प्रणालियां संस्थागत प्रतिक्रियाओं को तीव्र कर सकती हैं और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के आत्मविश्वास को बहाल कर सकती हैं।
- उदाहरण: नारीरक्षा (NariRaksha) जोखिमों का सक्रिय रूप से पता लगाने के लिए भू-स्थानिक विश्लेषण, कंप्यूटर विज़न और NLP का उपयोग करके शहरी महिला सुरक्षा में बदलाव ला रहा है।