केंद्रीय बजट 2026-27 में दुर्गापुर में एक बेहतर कनेक्टिविटी वाले नोड के साथ एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे को विकसित करने की घोषणा की गई है। यह औद्योगिक गलियारों की दिशा में एक बड़े प्रोत्साहन को रेखांकित करती है।

औद्योगिक गलियारों के बारे में
- अर्थ: ये 'रेखीय विकास क्षेत्र' (Linear Development Zones) हैं, जो सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के एकीकृत नेटवर्क के माध्यम से प्रमुख आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ते हैं।
- ये विश्व स्तरीय अवसंरचनाओं से युक्त होते हैं; आर्थिक समूहन (Economic Agglomeration) को सुगम बनाते हैं; और केंद्रित निवेश के माध्यम से क्षेत्रीय क्षमताओं का उपयोग करते हैं।
- राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम (NICDP): इसके तहत 11 गलियारों में विभिन्न परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जो 'निम्न-कार्बन शहरों' (LCCs) का समर्थन करने वाले संधारणीयता-केंद्रित ढांचे पर आधारित हैं।
- राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC): इसे पहले दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (DMICDC) के रूप में जाना जाता था। इसकी स्थापना जनवरी 2008 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत NICDP को लागू करने के लिए एक स्वायत्त निकाय के रूप में की गई थी।
- राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT): बजट अनुमान 2026-27 के तहत इसे ₹3,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

औद्योगिक गलियारों से जुड़ी प्रमुख चुनौतियां
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