वैज्ञानिक सालार दे पाजोनालेस (अटाकामा रेगिस्तान, चिली) में पाए जाने वाले जिप्सम के निक्षेप का अध्ययन कर रहे हैं। यह क्षेत्र मंगल ग्रह जैसी कठोर पर्यावरणीय दशाओं से काफी मिलता-जुलता है।
जिप्सम के बारे में
- प्रकृति: अधात्विक खनिज – कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट (CaSO₄•2H₂O)।
- निर्माण: यह मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में समुद्री जल या खारे जल की झीलों के वाष्पीकरण से बनता है।
- गुण: यह बहुत नरम खनिज है; इसके क्रिस्टल कांच (विट्रियस) से लेकर मोती के समान दिखाई देते हैं।
- उपयोग: सीमेंट में (उसके जमने के समय को नियंत्रित करने में), प्लास्टर ऑफ पेरिस के निर्माण में, उर्वरक उत्पादन में और क्षारीय/सोडिक मृदा में सुधार के लिए मृदा संवर्धक के रूप में।
- भारत में: राजस्थान में जिप्सम का सबसे बड़ा निक्षेप पाया जाता है।
शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह पर आकाशीय बिजली जैसे “व्हिस्लर” रेडियो सिग्नल का पता लगाया है। यह मंगल ग्रह के आयनमंडल में इस तरह की विद्युत-चुंबकीय सक्रियता का पहला प्रमाण है।
- यह खोज नासा के ‘मार्स एटमॉस्फियर एंड वोलेटाइल एवोल्यूशन (MAVEN)’ मिशन से प्राप्त डेटा के विश्लेषण से की गई है।
MAVEN मिशन के बारे में:
- यह मंगल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल को समझने के लिए समर्पित पहला मिशन है।
- इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि समय के साथ मंगल ग्रह का कितना वायुमंडल नष्ट हो चुका है।
- इस कार्य के लिए यह मिशन अंतरिक्ष में वायुमंडल के वर्तमान पलायन की दर को मापता है और संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में पर्याप्त जानकारी एकत्र करता है। इससे अतीत की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।
Article Sources
1 sourceनासा आर्टेमिस चंद्र कार्यक्रम में बार-बार हो रही देरी के कारण इसका पुनर्गठन कर रहा है।
आर्टेमिस कार्यक्रम के बारे में:
- इसके तहत नासा चंद्रमा पर अधिक चुनौतीपूर्ण मानव मिशन भेजेगा। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक खोज और आर्थिक लाभ के लिए चंद्रमा का और अधिक अध्ययन करना है। इससे भविष्य में मंगल ग्रह पर प्रथम मानव मिशन भेजने की तैयारी में भी मदद मिलेगी।
- आर्टेमिस-I को वर्ष 2022 में प्रक्षेपित किया गया था।
- आर्टेमिस-II, आर्टेमिस-III और आर्टेमिस-IV को भविष्य में प्रक्षेपित किए जाने की योजना है।
शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने QT45 नामक एक स्व-प्रतिकृति RNA (Self-replicating RNA) अणु विकसित किया है।
- स्व-प्रतिकृति RNA में स्वयं की प्रतिलिपि बनाने और अपनी रज्जुक श्रृंखला (टेम्पलेट) में मौजूद जानकारी की भी नकल करने की क्षमता होती है।
- यह “RNA वर्ल्ड हाइपोथीसिस” का समर्थन करता है। इसके अनुसार प्रारंभिक जीवन DNA और प्रोटीन के विकसित होने से पहले स्व-प्रतिकृति RNA पर आधारित था।
राइबोन्यूक्लिक एसिड (RNA) के बारे में:
- RNA एक न्यूक्लिक अम्ल है जो सभी जीवित प्राणियों में पाया जाता है।
- DNA के विपरीत, RNA सामान्यतः एकल-रज्जुक (single-stranded) होता है।
- प्रत्येक शर्करा अणु चार नाइट्रोजन युक्त क्षारों में से किसी एक से जुड़ा होता है: एडेनिन (A), यूरेसिल (U), साइटोसिन (C) या गुआनिन (G)।
- कोशिकाओं में प्राप्त प्रमुख RNA प्रकार हैं: मैसेंजर RNA (mRNA), राइबोसोमल RNA (rRNA), ट्रांसफर RNA (tRNA), माइक्रोRNA।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने EMI योजना के तहत पात्र विनिर्माता आयातकों के लिए स्थगित सीमा शुल्क (Deferred Customs Duty) भुगतान सुविधा शुरू की है।
‘पात्र विनिर्माता आयातक (EMI) योजना’ के बारे में:
- शुरू करने वाली संस्था: CBIC; इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2026–27 में की गई थी।
- योजना अवधि: 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक।
- प्रक्रिया: पात्र विनिर्माता आयातक, आयातित वस्तु के लिए सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) तुरंत चुकाए बिना कस्टम मंजूरी प्राप्त कर सकते हैं। इसके बजाय, वे आयात शुल्क स्थगित भुगतान नियम, 2016 के अनुसार मासिक आधार पर शुल्क का भुगतान कर सकते हैं।
- उद्देश्य: विनिर्माताओं के लिए नकदी की व्यवस्था में सुधार करना, नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देना, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और व्यवसाय सुगमता को बेहतर बनाना।
Article Sources
1 sourceऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के बारे में:
- इसकी स्थापना ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में की गई है।
- यह केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- उद्देश्य: ऊर्जा का दक्षतापूर्वक उपयोग करके ऊर्जा की खपत को कम करना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना।
- BEE की प्रमुख योजनाएं/कार्यक्रम:
- मानक एवं लेबलिंग कार्यक्रम: इसमें उत्पादों को 1 से 5 स्टार तक की रेटिंग दी जाती है, जिससे उनकी ऊर्जा दक्षता की जानकारी मिलती है।
- ऊर्जा-कुशल प्रकाश कार्यक्रम: इसका उद्देश्य LED बल्बों और अन्य ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
- परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड (PAT) योजना (2012): यह योजना अधिक ऊर्जा खपत वाले उद्योगों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए एक बाजार आधारित तंत्र प्रदान करती है।
Article Sources
1 sourceशोधकर्ताओं ने पूर्वोत्तर भारत में जलभृत में रहने वाली दृष्टिहीन मछली की खोज की है। इसे ‘गिचक नकाना (Gitchak nakana)’ नाम दिया गया है।
गिचक नकाना के बारे में:
- प्रकार: दृष्टिहीन, जलभृत में रहने वाली (फ्रिएटोबिटिक) ताजे जल की लोच मछली।
- विशेषता: इसमें खोपड़ी का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह अनुपस्थित होता है; इसका मस्तिष्क केवल त्वचा से ढका होता है।
- अनुकूलन: इसमें ट्रोग्लोमॉर्फिक गुण पाए जाते हैं (नेत्रहीन), जो इसे भूमिगत परिवेश में रहने के लिए अनुकूल बनाते हैं।