अमेरिका द्वारा ईरान के IRIS डेना पोत को डुबोने से समुद्री सुरक्षा संबंधी चिंताएं उजागर हुईं हैं | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी ने एक जहाज को डुबो दिया, जिसके बाद भारतीय नौसेना ने बचाव अभियान चलाया।
  • इस घटना से यूएनसीएलओएस समुद्री क्षेत्रों और जिनेवा कन्वेंशन के संभावित उल्लंघन पर प्रकाश डाला गया है।
  • भारत सागर/महासागर नीति और आईएफसी-आईओआर जैसे क्षेत्रीय मंचों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सीमा प्राधिकरण (आईओआर) में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।

In Summary

ईरानी पोत IRIS डेना को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अमेरिकी परमाणु-संचालित पनडुब्बी द्वारा डुबाया गया। इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका द्वारा किया गया ऐसा पहला हमला बताया जा रहा है।

  • संकट के संकेत मिलने के बाद, भारतीय नौसेना ने INS तरंगिणी और INS इक्षक को तैनात करते हुए खोज और बचाव अभियान शुरू किए।

अमेरिकी कार्रवाई के प्रमुख प्रभाव

  • वैश्विक जहाजरानी मार्ग पर प्रभाव: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) भारत की सामरिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में सभी प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले महत्वपूर्ण वैश्विक जहाजरानी लेन स्थित हैं।
  • कार्रवाई की वैधता: यह घटना श्रीलंका के गाले से 40 समुद्री मील दूर घटित हुई। इस घटना ने विश्व के महासागरों को वर्गीकृत करने वाले विधिक क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
  • समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS): यह संधि 1994 में लागू हुई। यह संधि विश्व के महासागरों के लिए विधि और व्यवस्था की व्यापक रूपरेखा निर्धारित करने के साथ-साथ उन्हें समुद्री क्षेत्रों (maritime zones) में विभाजित करती है (इन्फोग्राफिक देखिए)।
  • जेनेवा अभिसमय का उल्लंघन: यह घटना समुद्र में सशस्त्र बलों के घायल, बीमार होने, तथा जहाज डूबने से प्रभावित सदस्यों की स्थिति में सुधार संबंधी जेनेवा अभिसमय के संभावित उल्लंघन की ओर संकेत करती है।
  • युद्ध का विस्तार: इस घटना ने वायु शक्ति और मिसाइल हमलों तक सीमित इस क्षेत्रीय युद्ध को वैश्विक समुद्री क्षेत्र में प्रसारित कर दिया है।

हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में 'मुख्य सुरक्षा प्रदाता' के रूप में भारत की भूमिका

  • भारत ने अपने सागर/SAGAR (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विजन को उन्नत करके महासागर/ MAHASAGAR (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) कर दिया है।
  • संस्थाओं की स्थापना के द्वारा नेतृत्व प्रदान करना: भारत में सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) स्थित है। भारत 'हिंद महासागर रिम एसोसिएशन' (IORA) में अग्रणी भूमिका निभाता है।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा मंच और नौसैनिक सहयोग: उदाहरण के लिए, कोलंबो सुरक्षा पहलइंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) कॉन्क्लेव, आदि।
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महासागर/MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth for All in the Region)

भारत के SAGAR विजन का उन्नत संस्करण, जो सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति पर केंद्रित है।

सागर/SAGAR (Security and Growth for All in the Region)

भारत का एक समुद्री विजन जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सभी देशों के लिए सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।

कोलंबो सुरक्षा पहल

यह हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी और समुद्री डकैती जैसे मुद्दों पर सहयोग को बढ़ावा देने वाला एक मंच है।

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