वर्ष 2016 में प्रक्षेपित IRNSS-1F, सात उपग्रहों वाली भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (IRNSS) के अंतरिक्ष खंड का छठा नौवहन उपग्रह है।
- इसके पेलोड में अत्यधिक सटीक रूबिडियम परमाणु घड़ी शामिल थी, जो नौवहन (नेविगेशन) सेवा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण घटक है।
परमाणु घड़ी (Atomic Clock) के बारे में
- परमाणु घड़ी एक अत्यधिक सटीक, अंतरिक्ष-अनुकूलित समय मापने वाला उपकरण है। यह घड़ी सीज़ियम, रूबिडियम या हाइड्रोजन जैसे तत्वों में परमाणुओं के ऊर्जा स्तरों के बीच होने वाले परिवर्तन की अनुनादी या प्राकृतिक आवृत्ति (resonant frequency) की निगरानी करके समय मापती है।
- यह पारंपरिक घड़ी की तरह कार्य करती है, लेकिन इसमें समय का आधार परमाणुओं की विभिन्न ऊर्जा अवस्थाओं के बीच परिवर्तन (ट्रांज़िशन) के गुणों पर आधारित होता है।
- जब किसी परमाणु को बाहरी ऊर्जा स्रोत से उत्तेजित किया जाता है, तो वह उच्च ऊर्जा अवस्था में चला जाता है और बाद में निम्न ऊर्जा अवस्था में लौट आता है। इस परिवर्तन के दौरान परमाणु अत्यंत सटीक आवृत्ति पर ऊर्जा उत्सर्जित करता है, जिसका उपयोग समय मापने के लिए किया जाता है।
- कहा जाता है कि परमाणु घड़ियां हर 100 मिलियन वर्षों में केवल एक सेकंड आगे या पीछे होती हैं, जबकि क्वार्ट्ज-आधारित पारंपरिक घड़ियों में कुछ ही दिनों में एक सेकंड का अंतर आ जाता है।
- इनका जीवनकाल 10-15 वर्ष होता है, जो सामान्यतः एक उपग्रह के औसत परिचालन जीवन के बराबर है।
IRNSS –नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC) के बारे में
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