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विद्युत मंत्रालय ने व्यवसाय सुगमता के लिए विद्युत नियम, 2005 में संशोधन करते हुए विद्युत (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।  

  • इन संशोधनों में स्वामित्व की एक स्पष्ट परिभाषा प्रदान की गई है। इसमें उन सहायक कंपनियों को भी शामिल किया गया है जिनके पास कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट का स्वामित्व है।

कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट के बारे में:

  • परिभाषा: यह मुख्य रूप से कंपनियों द्वारा स्वयं के उपभोग के लिए स्थापित पावर प्लांट हैं। इन्हें तब 'कैप्टिव' माना जाता है जब: 
    • उत्पादित बिजली का 51% से अधिक स्वयं के उपभोग के लिए उपयोग किया जाता है।
    • उनके पास प्लांट का कुल स्वामित्व 26% से अधिक होता है।
  • स्थापना: यह विद्युत अधिनियम, 2003 से संबंधित है। इसे राष्ट्रीय विद्युत नीति, 2005 द्वारा भी मान्यता प्राप्त है।
  • महत्व: यह विद्युत आपूर्ति की बाधाओं को कम करता है। इसके साथ ही यह बिजली की लागत में अस्थिरता को कम करके औद्योगिक विकास का समर्थन करता है।

संचार मंत्रालय ने समृद्ध ग्राम फिजीटल सर्विसेज पहल के तहत 'समृद्धि केंद्र' का उद्घाटन किया। 

समृद्ध ग्राम फिजीटल सर्विसेज पहल के बारे में:

  • विभाग: यह दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत शुरू की गई है।
  • यह पहल अभी पायलट चरण में है। इसे 3 गांवों में लागू किया जाएगा। 
  • यह भारतनेट के तहत हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड का उपयोग करती है। इसका लक्ष्य डिजिटल कनेक्टिविटी को ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं के वितरण के लिए एक एकीकृत मंच में बदलना है। 
  • इसके तहत 'समृद्धि केंद्र' को एकल-खिड़की ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। यह एक ही स्थान पर स्वास्थ्य-देखभाल सेवा, शिक्षा और ई-गवर्नेंस सहायता को एक साथ लाता है।

अमेरिका ने खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर हमला किया है, जिसे ईरान की आर्थिक जीवन रेखा माना जाता है।

खर्ग द्वीप के बारे में:

  • अवस्थिति: यह फारस की खाड़ी में स्थित है। यह ईरान के तट पर होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
  • ईरान का तेल केंद्र: ईरान के लगभग 90% तेल का निर्यात इसी द्वीप से किया जाता है। 

हाल के ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध में UAE के फुजैराह बंदरगाह पर हमला किया गया था। 

फुजैराह बंदरगाह के बारे में:

  • यह खाड़ी और व्यापक क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख शिपिंग केंद्र है। फुजैराह बंदरगाह संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट पर एकमात्र बहुउद्देशीय समुद्री सुविधा है। 
  • यह रणनीतिक रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर केवल 70 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है। यह बंदरगाह यूरोप और एशिया के बीच एक आवश्यक आर्थिक कड़ी प्रदान करता है। यह भारतीय उपमहाद्वीप और उत्तर-पूर्व अफ्रीका के बाजारों को स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलता है।
  • चर्चा में रहे अन्य बंदरगाह: जेबेल अली बंदरगाह (UAE), हाइफा बंदरगाह (इजरायल), अल-फाव बंदरगाह (इराक), आदि। 

नार्वेस्टर के कारण आई तेज हवाओं और भारी बारिश ने ओडिशा में तबाही मचाई है। 

नार्वेस्टर के बारे में:

  • नार्वेस्टर तड़ितझंझा (थंडरस्टॉर्म) हैं। ये मानसून पूर्व सीजन (मार्च से मई) के दौरान भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में उत्पन्न होते हैं।
  • नार्वेस्टर भारी बौछारें, आकाशीय बिजली, गरज और ओलावृष्टि उत्पन्न करते हैं। इनके कारण धूल भरी आँधी, वायु का झोंका, डाउन बर्स्ट और कभी-कभी टॉरनेडो भी आते हैं।
  • बंगाल में इसे 'काल-वैशाखी' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ बैसाख के महीने की आपदा है। वहीं असम में इसे 'बोरदोइसिला' या 'बारदोली छीड़ा' के नाम से जाना जाता है।
  • ये बारिशें चाय, जूट और चावल की खेती के लिए उपयोगी होती हैं।

नवरत्न उपक्रम NMDC एक ही वित्तीय वर्ष में 50 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बन गई है।

NMDC के बारे में:

  • इसकी स्थापना 1958 में  सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रम (CPSE) के रूप में हुई थी।
  • NMDC भारत में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है।
    • लौह अयस्क के अलावा यह तांबा और चूना पत्थर जैसे विभिन्न खनिजों का भी अन्वेषण करता है। 
  • मंत्रालय: केंद्रीय इस्पात मंत्रालय। 
  • इसके अलावा NMDC मध्य प्रदेश के पन्ना में अपनी मझगवां खदान से भारत में हीरे का एकमात्र संगठित उत्पादक है।
  • मुख्यालय: हैदराबाद। 

असम सरकार ने कुकी और हमार उग्रवादी समूहों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। 

  • इसमें यूनाइटेड कुकीगाम डिफेंस आर्मी और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी जैसे समूह शामिल हैं। 

कुकी समुदाय के बारे में:

  • कुकी समुदाय तिब्बती-बर्मी नृजातीय समूह से संबंधित हैं।
  • वास क्षेत्र: इस समुदाय के लोग मुख्य रूप से मणिपुर की लुशाई पहाड़ियों में निवास करते हैं। इसके अलावा ये अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी राज्यों, म्यांमार और बांग्लादेश में भी पाए जाते हैं।
  • पारंपरिक कुकी समाज गाँव के वंशानुगत मुखिया के इर्द-गिर्द केंद्रित होता है। इसे 'हाओसा' के नाम से जाना जाता है।

हमार जनजाति के बारे में:

  • हमार (जिसका अर्थ उत्तर है) वृहत्तर कुकी-ज़ो समूह के भीतर एक विशिष्ट नृजातीय समूह है। 
  • वास क्षेत्र: वे ज्यादातर दक्षिण मणिपुर, मिजोरम, असम, मेघालय, त्रिपुरा की पहाड़ियों में रहते हैं। वे म्यांमार और बांग्लादेश में भी प्राप्त होते हैं।

हाल ही में, कर्नाटक संगीत की जयंती कुमारेश को वर्ष 2026 के लिए 'संगीत कलानिधि' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 

  • मद्रास संगीत अकादमी द्वारा प्रदान किया जाने वाला संगीत कलानिधि पुरस्कार कर्नाटक संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।

कर्नाटक संगीत के बारे में:

  • यह दक्षिण भारत की शास्त्रीय संगीत परंपरा है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की दो मुख्य प्रणालियों में से एक है, जबकि दूसरी हिंदुस्तानी संगीत है। 
  • यह मुख्य रूप से भक्ति प्रधान प्रकृति का है।
  • वाद्य यंत्र: वीणा, वायलिन, बांसुरी, नादस्वरम, मृदंगम, घटम, खंजिरा और मोरसिंग। 
  • संगीत रचना: कृति, कीर्तनम, वर्णम, पदम, जावली आदि।
    • मधुर रचनाओं के समूह में 'कृति' सबसे महत्वपूर्ण है।
    • त्यागराज, मुथुस्वामी दीक्षितार और श्यामा शास्त्री को कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति के रूप में जाना जाता है।
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राष्ट्रीय विद्युत नीति, 2005

यह भारत में विद्युत क्षेत्र के विकास और विनियमन के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा है। इसने कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट जैसे महत्वपूर्ण उपबंधों को मान्यता दी है, जिनका उद्देश्य बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

विद्युत अधिनियम, 2003

यह भारत में विद्युत क्षेत्र के विनियमन के लिए एक प्रमुख कानून है, जो बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण, व्यापार और उपयोग को नियंत्रित करता है। कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट की स्थापना भी इसी अधिनियम के अंतर्गत आती है।

कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट

ये पावर प्लांट मुख्य रूप से कंपनियों द्वारा अपने स्वयं के उपभोग के लिए स्थापित किए जाते हैं। इन्हें 'कैप्टिव' तब माना जाता है जब उत्पादित बिजली का 51% से अधिक स्वयं उपयोग किया जाता है और स्वामित्व 26% से अधिक होता है। यह विद्युत अधिनियम, 2003 और राष्ट्रीय विद्युत नीति, 2005 से संबंधित है।

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