यहां RELIEF से आशय है; निर्यात सुगमीकरण हेतु लचीलापन एवं लॉजिस्टिक्स हस्तक्षेप (रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन)।
- RELIEF पहल का उद्देश्य खाड़ी और व्यापक पश्चिम एशिया समुद्री गलियारे में व्यवधानों के कारण माल ढुलाई दरों में असामान्य वृद्धि, बढ़े हुए बीमा प्रीमियम और युद्ध-संबंधी निर्यात जोखिमों से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना है।
RELIEF के बारे में
- उद्देश्य: लॉजिस्टिक्स से संबंधित व्यवधानों के तात्कालिक प्रभाव को कम करना, निर्यातकों के विश्वास को बनाए रखना, ऑर्डर रद्द होने से रोकना और निर्यात पर निर्भर क्षेत्रकों में रोजगार को सुरक्षित रखना।
- नोडल और कार्यान्वयन एजेंसी: ECGC लिमिटेड, जो केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था है। ECGC को पहले ‘भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड’ कहा जाता था।
- ECGC की स्थापना 1957 में हुई थी। इसकी स्थापना 'क्रेडिट रिस्क इंश्योरेंस' प्रदान करके देश से निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
- घटक: इस पहल के तीन घटक हैं। ये घटक डिलीवरी या ट्रांसशिपमेंट हेतु उन खेपों को कवर करते हैं जो संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, इजरायल, कतर, ओमान, बहरीन, इराक, ईरान और यमन जैसे पश्चिम एशियाई देशों के लिए हैं। ये तीन घटक निम्नलिखित हैं:
- उन निर्यातकों के लिए 100% तक जोखिम कवरेज, जिन्होंने पहले से ECGC क्रेडिट बीमा कवर प्राप्त किया है,
- आगामी तीन महीनों में शिपमेंट की योजना बनाने वाले निर्यातकों को ECGC कवर लेने के लिए प्रोत्साहन, जिसमें सरकार द्वारा 95% तक जोखिम कवरेज सहायता,
- पात्र गैर-ECGC बीमित MSME निर्यातकों के लिए आंशिक प्रतिपूर्ति (50% तक) की व्यवस्था।
निर्यात संवर्धन मिशन के बारे में
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