राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) को अप्रैल 2016 में शुरू किया गया था। यह एक अखिल-भारतीय इलेक्ट्रॉनिक कृषि-व्यापार प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य मौजूदा मंडियों को डिजिटल रूप से जोड़कर कृषि उत्पादों के लिए एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण करना है।
- इसने कृषि उपज मंडी समिति (APMC) की मंडियों की कमियों को दूर किया और अलग-अलग राज्यों के बाजारों को जोड़कर इनकी पहुंच का विस्तार किया।
e-NAM की प्रमुख विशेषताएँ
- एक राष्ट्र, एक बाजार: इसमें एक बहु-स्तरीय संरचना शामिल है। इनमें वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, AI-आधारित गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली आदि शामिल हैं।
- कार्यान्वयन: लघु कृषक कृषि व्यवसाय संघ (SFAC) मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी है। यह एजेंसी केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित है।
- इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (e-NWR) से एकीकरण: किसान, व्यापारी और किसान उत्पादक संगठन (FPOs) अपनी उपज को 'भारतीय वेयरहाउसिंग विकास और विनियामक प्राधिकरण' (WDRA) से मान्यता प्राप्त गोदामों में रख सकते हैं। वहां से e-NWR प्राप्त करके e-NAM प्लेटफॉर्म पर अपनी उपज को सीधे बेच सकते हैं।
- वेयरहाउसिंग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2007 के तहत e-NWR एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ है। यह दस्तावेज भारतीय वेयरहाउसिंग विकास और विनियामक प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त गोदामों में रखी गई वस्तुओं के स्वामित्व (मालिकाना हक) को प्रमाणित करता है।
- अन्य सुविधाएं: अंतरराज्यीय व्यापार की सुविधा, उत्पाद की कीमत को लाइव दर्शाने वाला डैशबोर्ड, 12 भाषाओं में इंटरफेस, सिंगल विंडो सेवा, प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स (PoP) आदि।
e-NAM की प्रमुख उपलब्धियां
- नेटवर्क का विस्तार: e-NAM के साथ एकीकृत मंडियों की संख्या 1,389 (2024) से बढ़कर 1,656 (मार्च 2026) हो गई।
- कृषि व्यापार में वृद्धि: 2016 से मार्च 2026 तक 13.25 करोड़ मीट्रिक टन वस्तुओं का व्यापार हुआ, जिससे ₹4.84 लाख करोड़ का कुल व्यापार मूल्य उत्पन्न हुआ।
- व्यापक पहुंच: e-NAM के यहां 1.80 करोड़ से अधिक किसान, 2.73 लाख व्यापारी और 4,724 किसान उत्पादक संगठन (FPOs) पंजीकृत हैं।
