इस अध्ययन में अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन के संभावित क्षरण की चेतावनी दी गई है, जिसका वैश्विक जलवायु पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) क्या है?

- यह समुद्री धाराओं की एक प्रणाली है, जो अटलांटिक महासागर में जल का परिसंचरण करती है। यह प्रणाली गर्म जल को उत्तर की ओर और ठंडे जल को दक्षिण की ओर ले जाती है।
- यह परिसंचरण तापमान और लवणता के अंतर से संचालित होता है। इस अंतर से जल के घनत्व में अंतर पैदा होता है। इसे थर्मोहैलाइन सर्कुलेशन कहा जाता है।
- AMOC की प्रक्रिया
- AMOC मेक्सिको की खाड़ी से गर्म और खारा जल उत्तरी अटलांटिक तक ले जाता है। इस वजह से पश्चिमी यूरोप का तापमान कनाडा या रूस की तुलना में अधिक सामान्य (कम ठंडा) रहता है।
- ठंडा और अधिक सघन जल नीचे डूब जाता है और अटलांटिक महासागर के पश्चिमी हिस्से के समुद्री नितल के साथ दक्षिण की ओर बहता है।
- बाद में यह गहरा जल अंततः उद्वेलन (Upwelling) के माध्यम से फिर से ऊपर उठता है, गर्म होता है, और चक्र को फिर से शुरू करता है।
- महत्व: AMOC महासागरीय धाराओं की "वैश्विक कन्वेयर बेल्ट" का हिस्सा है, जो संपूर्ण अटलांटिक महासागर में जल, ऊष्मा और पोषक तत्वों का वितरण करता है।
AMOC क्यों कमजोर हो रहा है?
- जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र में ताजे जल का प्रवेश: ग्रीनलैंड की पिघलती बर्फ की चादर से लगभग 5,000 घन किलोमीटर ताजा जल उत्तरी अटलांटिक महासागर के उप-ध्रुवीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया है।
- यह ताजा जल समुद्री जल की लवणता और घनत्व को कम कर देता है। परिणामस्वरूप, AMOC के गहराई की ओर जाने तथा परिसंचरण के लिए आवश्यक सघन जल कम पड़ जाता है। इससे अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन कमजोर पड़ जाता है।
AMOC के बंद या कमजोर होने के संभावित परिणाम क्या हैं?
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