मेमोरी मूल्य आधारित मुद्रास्फीति (Memflation) सेमीकंडक्टर मेमोरी चिप्स की कीमतों में निरंतर वृद्धि को संदर्भित करती है। उदाहरण के लिए: DRAM (डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी)।
- यह AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा केंद्रों से बढ़ती मांग के कारण संचालित है। इन क्षेत्रों को उच्च-प्रदर्शन वाले मेमोरी चिप्स की आवश्यकता होती है।
- सीमित आपूर्ति, उद्योग का एक ही जगह केंद्रीकरण और महंगी उन्नत मेमोरी तकनीकें कीमतों को बढ़ा देती हैं।
Article Sources
1 sourceशोधकर्ताओं ने एक नए प्रकार का मस्तिष्क-प्रेरित नैनो-डिवाइस ‘हैफ़नियम-ऑक्साइड मेमरिस्टर’ विकसित किया है।
मेमरिस्टर के बारे में:
"मेमरिस्टर" शब्द "मेमोरी" और "रेसिस्टर" शब्दों के मेल से बना है।
- यह जैविक सिनैप्स से प्रेरित है और उसी के समान कार्य करता है। एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो डेटा को याद भी रखता है और उसी जगह पर प्रोसेस भी करता है.
- एक सिनैप्स एक न्यूरॉन के अक्षतंतु और दूसरे के डेन्ड्राइट के बीच का जंक्शन है। इसी जंक्शन के माध्यम से दो न्यूरॉन आपस में संवाद करते हैं।
- लाभ:
- मेमोरी और प्रोसेसिंग को एकीकृत करके, ये उपकरण AI की ऊर्जा खपत को 70% से अधिक कम कर सकते हैं।
- यह पारंपरिक कंप्यूटर आर्किटेक्चर में अलग-अलग इकाइयों के बीच होने वाले ऊर्जा-गहन डेटा शटलिंग को समाप्त कर देगा।
- यह पारंपरिक उपकरणों की तुलना में बहुत कम विद्युत प्रवाह (दस लाख गुना कम तक) पर कार्य करता है।
- मेमोरी और प्रोसेसिंग को एकीकृत करके, ये उपकरण AI की ऊर्जा खपत को 70% से अधिक कम कर सकते हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में लू की स्थिति का पूर्वानुमान लगाया है।
लू के बारे में:
- IMD तब लू की घोषणा करता है जब किसी स्थान का तापमान मैदानी इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस (°C), तटीय क्षेत्रों में 37°C और पहाड़ी क्षेत्रों में 30°C को पार कर जाता है। इसके अतिरिक्त, यह निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग करता है:
- सामान्य तापमान से विचलन के आधार पर:
- लू: सामान्य से 4.5°C और 6.4°C के बीच विचलन।
- गंभीर लू: >6.4°C का विचलन।
- वास्तविक अधिकतम तापमान के आधार पर (केवल मैदानी इलाकों के लिए):
- लू: 45°C के बराबर या इससे अधिक।
- गंभीर लू: 47°C के बराबर या इससे अधिक।
Article Sources
1 sourceराष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (NBCFDC) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹613 करोड़ का अपना अब तक का सर्वाधिक वार्षिक ऋण वितरण किया है।
NBCFDC के बारे में:
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य पिछड़ा वर्गों के लाभ के लिए आर्थिक और विकासात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। यह इन वर्गों के गरीब तबके को कौशल विकास और स्व-रोजगार उद्यमों की स्थापना में सहायता प्रदान करता है।
- यह धारा 8 की एक कंपनी है।
- धारा 8 कंपनी, कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत पंजीकृत एक विशेष प्रकार की गैर-लाभकारी संस्था होती है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज सेवा करना, शिक्षा को बढ़ावा देना, विज्ञान का विकास करना आदि होता है।
- मंत्रालय: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय।
- NBCFDC राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा नामित राज्य चैनलिंग एजेंसियों (SCAs) और बैंकों (PSBs और RRBs) के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
हाल ही में, डॉ. रेड्डीज लैब्स को सेमाग्लूटाइड टैबलेट के जेनेरिक संस्करण बनाने और बेचने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से मंजूरी मिली है।
- जेनेरिक दवा किसी ब्रांडेड दवा की किफायती और समान प्रति होती है। इसमें मूल दवा के समान ही सक्रिय तत्व, सुरक्षा और प्रभावशीलता जैसी विशेषताएं होती हैं।
- इसे बाजार में मूल दवा के पेटेंट समाप्त होने के बाद ही बेचा जा सकता है।
सेमाग्लूटाइड के बारे में:
- वर्गीकरण: यह दवाओं के एक वर्ग से संबंधित है, जिसे GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (ग्लूकागॉन-लाइक पेप्टाइड-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट) के रूप में जाना जाता है।
- ये प्राकृतिक GLP-1 हार्मोन की नकल करते हैं। यह प्रक्रिया रक्त शर्करा के स्तर और भूख को नियंत्रित करने में मदद करती है।
- उपचार: इसका उपयोग टाइप 2 मधुमेह, वजन घटाने, गुर्दे और हृदय रोगों के उपचार के लिए किया जाता है।
- उपयोग का तरीका: इसे इंजेक्शन के माध्यम से या टैबलेट के रूप में लिया जा सकता है।
- ब्रांड नाम: ओज़ेम्पिक, वेगोवी, रिबेल्सस।
ईरान ने अपने बंदरगाहों के आसपास अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहने की स्थिति में लाल सागर के माध्यम से व्यापार को रोकने की धमकी दी है।

लाल सागर के बारे में:
- यह एक फ्योर्ड प्रकार का सीमांत समुद्र है।
- एक फ्योर्ड जल का एक लंबा, गहरा और संकरा निकाय होता है। यह अंतर्देशीय क्षेत्रों तक काफी अंदर तक फैला होता है।
- यह बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के माध्यम से अदन की खाड़ी से जुड़ा है। इसके अलावा, यह स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ता है।
- सीमावर्ती देश: पश्चिम में मिस्र, सूडान और इरिट्रिया; उत्तर-पूर्व में अकाबा की खाड़ी के माध्यम से इजरायल और जॉर्डन; तथा पूर्व में सऊदी अरब और यमन।
- लाल सागर में बहुत कम वर्षा होती है और इसमें नदियों से भी कोई जल प्रवेश नहीं करता है।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण होने वाले व्यवधानों के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया गया है।
भारत का निर्यात परिदृश्य:
- स्थिति: कुल निर्यात 860.09 बिलियन डॉलर रहा। भारत विश्व के शीर्ष 20 निर्यातकों में, और सेवाओं के निर्यात में शीर्ष 10 में शामिल है।
- व्यापार गतिशीलता: आयात 979 बिलियन डॉलर रहा। कुल व्यापार घाटा लगभग 119 बिलियन डॉलर और वस्तुओं में लगभग 333 बिलियन डॉलर रहा। सेवाओं में लगभग 214 बिलियन डॉलर का अधिशेष इस घाटे की भरपाई करता है।
- संरचनात्मक विशेषता: गैर-पेट्रोलियम निर्यात लगभग 388 बिलियन डॉलर (+3.62%) रहा। यह निर्यात के विविधीकरण को दर्शाता है।
- प्रमुख गंतव्य: चीन, स्पेन, हांगकांग, वियतनाम और श्रीलंका में भारतीय निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। इसमें आसियान और अफ्रीका की ओर निर्यात विविधीकरण भी शामिल है।
- प्रमुख उत्पाद: पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, खनिज, कृषि उत्पाद (अनाज) और हस्तशिल्प मुख्य उत्पाद हैं। IT और व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रकों में मजबूत सेवा निर्यात देखा गया।