केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II के एक हिस्से में MLFF टोलिंग प्रणाली का शुभारंभ किया।
MLFF टोलिंग के बारे में
- यह प्रणाली ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक को FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के साथ जोड़ती है, जिससे कम से कम इंसानी हस्तक्षेप के साथ टोल शुल्क की वसूली स्वचालित रूप से हो सके।
- कार्यान्वयन: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा।
- महत्व:
- टोल संग्रह में परिचालन लागत को कम करना (15% से घटाकर 3-4%)।
- प्रतिवर्ष लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत।
- लगभग 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करना।
Article Sources
1 sourceआवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के त्रैमासिक बुलेटिन (जनवरी-मार्च 2026) के अनुमानों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर (UR) में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतन भोगी कर्मचारियों में वृद्धि देखी गई है।
- द्वितीयक और तृतीयक, दोनों क्षेत्रकों में ग्रामीण रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रमुख श्रम-बल संकेतक
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): 55.5%।
- LFPR, जनसंख्या में श्रम बल (यानी काम करने वाले या काम की तलाश में या काम के लिए उपलब्ध) में शामिल व्यक्तियों का प्रतिशत होता है।
- श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR): 52.8%।
- WPR, जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत है।
- बेरोजगारी दर (UR): शहरी क्षेत्रों में 6.6% रही।
- बेरोजगारी दर, श्रम बल में शामिल व्यक्तियों में से बेरोजगार व्यक्तियों का प्रतिशत है।
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1 sourceबोत्सवाना से लाए गए दो चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया।
चीता के बारे में
- यह विश्व में सबसे तेज़ दौड़ने वाला स्तनपायी जीव है। यह भारत में विलुप्त होने वाला (1952) एकमात्र बड़ा मांसाहारी जीव है।
- अन्य बड़ी बिल्ली (बिग कैट्स) प्रजातियों (शेर, बाघ, तेंदुआ और जगुआर) के विपरीत, चीते दहाड़ते नहीं हैं।
- चीतों की दो उप-प्रजातियां:
- अफ्रीकी चीता (IUCN स्थिति - वल्नरेबल)।
- एशियाई चीता (IUCN स्थिति -क्रिटिकली एंडेंजर्ड)।
- पर्यावास:
- एशिया: केवल पूर्वी ईरान में और भारत के शुष्क क्षेत्रों में (पुनर्वास के बाद);
- अफ्रीका: घास के मैदान, झाड़ियां और खुले जंगल, जैसे- बोत्सवाना, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका।
प्रोजेक्ट चीता (2022) के बारे में
- उद्देश्य: अफ्रीकी चीतों को लाकर भारत में चीतों की समष्टि (आबादी) पुनर्बहाल करना।
- कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA)।
- यह बड़े वन्य-मांसाहारी जीवों के अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण की विश्व की प्रथम पहल है।
राष्ट्रीय जूट बोर्ड (NJB) ने जूट फसल सूचना प्रणाली (JCIS) के कार्यान्वयन को तेज किया है।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और भारतीय जूट निगम (JCI) के सहयोग से 2023 में JCIS की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य रिमोट सेंसिंग और फील्ड डेटा का उपयोग करके जूट की खेती की निगरानी करना है।
- इसके दो प्रमुख टूल्स हैं:
- भुवन जंप (BHUVAN JUMP): ऑन-फील्ड जूट निगरानी के लिए मोबाइल ऐप,
- पटसन (PATSAN - मोबाइल ऐप-आधारित फील्ड अवलोकन का उपयोग करके जूट का संभावित आकलन)।
राष्ट्रीय जूट बोर्ड (मुख्यालय: कोलकाता, पश्चिम बंगाल)
- राष्ट्रीय जूट बोर्ड अधिनियम, 2008 द्वारा शासित।
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय।
- कार्य: जूट के नए और नवीन उपयोग का पता लगाने के लिए अनुसंधान और मानव संसाधन विकास; वैश्विक खपत में भारतीय जूट उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाना।
केंद्र सरकार ने दो प्रमुख योजनाओं, समग्र शिक्षा और पीएम पोषण को 30 सितंबर, 2026 तक अस्थायी विस्तार दिया।
समग्र शिक्षा के बारे में
- उद्देश्य: प्री-स्कूल से 12वीं कक्षा तक को शामिल करने वाली स्कूली शिक्षा के लिए एकीकृत योजना।
- इसमें पूर्ववर्ती सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा योजना को समाहित किया गया है।
- इसे वर्ष 2018 में शुरू किया गया।
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय।
पीएम पोषण के बारे में (पूर्व में मध्याह्न भोजन योजना)
- योजना का प्रकार: केंद्र प्रायोजित योजना।
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय।
- उद्देश्य: सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्री-प्राइमरी और कक्षा-1 से कक्षा 8 तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना।
भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा न्यायिक प्रशासन को सुव्यवस्थित करने और न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिए दो प्रमुख डिजिटल पहलें शुरू की गई।
डिजिटल पहलों के बारे में
- वन केस वन डेटा: यह एकीकृत केस प्रबंधन प्रणाली है। यह तालुका स्तरीय अदालतों, जिला अदालतों, उच्च न्यायालयों और सरकार के बहु-स्तरीय डेटाबेस को एकीकृत करती है।
- उद्देश्य: यह डेटा प्राप्ति और सत्यापन की प्रक्रिया को स्वचालित बनाती है, जिससे सुगम निगरानी, दोहराव में कमी और उच्च न्यायालयों तथा सरकारी विभागों को पारस्परिक पहुंच उपलब्ध होती है।
- सु सहाय: यह राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और उच्चतम न्यायालय रजिस्ट्री द्वारा विकसित AI संचालित सहायता चैटबॉट है।
- यह उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट से एकीकृत है, इसका उद्देश्य हितधारकों को मामले की जानकारी तक पहुंचने और अदालत की सेवाओं को प्रभावी रूप से उपलब्ध करवाने में मदद करना है।
एक अध्ययन में पाया गया कि विश्व की पहली स्वीकृत मलेरिया वैक्सीन (RTS, S/AS01E) के उपयोग से अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बच्चों की कुल मौतों में 13% की कमी दर्ज की गई है।
- मलेरिया प्राणघातक बीमारी है। यह मुख्य रूप से कुछ संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से लोगों में फैलती है।
- यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है।
मलेरिया वैक्सीन (RTS, S/AS01E) के बारे में
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2021 में सहारा के दक्षिणी अफ्रीका और अन्य उन क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए इसके उपयोग की सिफारिश की, जहां पी. फाल्सीपेरम मलेरिया का संक्रमण होता है।
- R21/Matrix-M वैक्सीन वर्ष 2023 में WHO द्वारा स्वीकृत दूसरी मलेरिया वैक्सीन है।
भारत ने 10वें हिंद महासागर संवाद (IOD) की मेज़बानी की। इसकी थीम “बदलते विश्व में हिंद महासागर क्षेत्र” थी।
- IOD, इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) के तहत एक प्रमुख ट्रैक-1.5 प्लेटफॉर्म है।
IORA के बारे में
- शुरुआत: 1997 में एक अंतर-सरकारी संगठन के रूप में स्थापित।
- उद्देश्य: हिंद महासागर क्षेत्र के भीतर क्षेत्रीय सहयोग और सतत विकास को प्रोत्साहित करना।
- सचिवालय: एबेने, मॉरीशस
- सदस्य: 23 सदस्य देश और 12 संवाद भागीदार।
- IORA के संस्थागत तंत्र:
- IORA मंत्रिपरिषद: यह निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है।
- IORA अध्यक्ष: मंत्रिपरिषद, सदस्य देशों के स्वैच्छिक आग्रह पर, दो साल की अवधि के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष का चुनाव करती है।
- भारत ने 2025-27 की अवधि के लिए IORA की अध्यक्षता ग्रहण की है।